प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाजा शांति योजना को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने इस ‘ऐतिहासिक शांति समझौते’ की सफलता के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को बधाई दी। इसकी जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की।
पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा, “अपने मित्र, राष्ट्रपति ट्रंप से बात की और ऐतिहासिक गाजा शांति योजना की सफलता पर उन्हें बधाई दी।” उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने व्यापार वार्ता में हुई प्रगति की भी समीक्षा की। आने वाले हफ्तों में दोनों देशों के बीच निकट संपर्क बनाए रखने पर सहमति बनी है।
Spoke to my friend, President Trump and congratulated him on the success of the historic Gaza peace plan. Also reviewed the good progress achieved in trade negotiations. Agreed to stay in close touch over the coming weeks. @POTUS @realDonaldTrump
— Narendra Modi (@narendramodi) October 9, 2025
नेतन्याहू को भी बधाई और आतंकवाद पर रुख
पीएम मोदी ने इस शांति समझौते को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी फोन पर बात की और उन्हें बधाई दी। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप की गाजा शांति योजना के तहत हुई प्रगति पर बधाई देने के लिए अपने मित्र प्रधानमंत्री नेतन्याहू को फोन किया।”
पीएम मोदी ने कहा, “हम बंधकों की रिहाई और गाजा के लोगों को मानवीय सहायता बढ़ाने पर हुए समझौते का स्वागत करते हैं।” उन्होंने आतंकवाद पर भारत का रुख साफ करते हुए आगे लिखा, “दुनिया में कहीं भी किसी भी रूप या स्वरूप में आतंकवाद अस्वीकार्य है।”
Called my friend, Prime Minister Netanyahu, to congratulate him on the progress made under President Trump’s Gaza peace plan. We welcome the agreement on the release of hostages and enhanced humanitarian assistance to the people of Gaza. Reaffirmed that terrorism in any form or…
— Narendra Modi (@narendramodi) October 9, 2025
शांति योजना का मकसद
यह शांति योजना वैसे तो ट्रंप नोबेल पुरस्कार पाने के लिए कर रहा है और दावा कर चुके है कि अब तक उन्होंने 6 महीनों में 6 से ज्यादा युद्ध को रुकवाया है। इसके अलावा, ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान युद्ध सीजफायर पर भी अपना नाम बीच में घसीटा था, लेकिन भारत ने साफ इंकार किया था कि यह सीजफायर दोनों देशों की सहमति से हुआ है, इसमें तीसरे का कोई हाथ नहीं है। बता दें, कि 4 अक्टूबर 2025 को भी पीएम मोदी ने गाजा में शांति की दिशा में हो रही प्रगति की सराहना करते हुए ट्रंप के नेतृत्व की प्रशंसा की थी।
इस योजना के तहत हमास ने बंधकों को रिहा करने और कुछ सत्ता फिलस्तीनियों को सौंपने की बात मानी है, जिसे पीएम मोदी ने एक सकारात्मक कदम बताया था। हालांकि, योजना के अन्य हिस्सों पर अभी भी फिलस्तीनी नेताओं के बीच चर्चा की जरूरत है। भारत ने हमेशा कहा है कि वह क्षेत्र में शांति स्थापित करने के हर प्रयास का समर्थन करता रहेगा।

