स्लोवाकिया ने PM मोदी के नेतृत्व को बताया ‘राजनीतिक चमत्कार’, UNSC में भारत की स्थाई सीट का किया खुला समर्थन: दोनों देशों के बीच हुए कई अहम ऐतिहासिक समझौते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी ऐतिहासिक यूरोप यात्रा के दौरान सोमवार (15 जून 2026) को स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में वहाँ के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता की। किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की यह पहली आधिकारिक यात्रा है, जिसे दोनों देशों ने ‘कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप’ का दर्जा देकर एक नए युग की शुरुआत की है।

दोनों वैश्विक नेताओं की मौजूदगी में भारत और स्लोवाकिया के बीच कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान भी हुआ। इस दौरान स्लोवाकिया के पीएम रॉबर्ट फिको ने पीएम मोदी के लंबे कार्यकाल और उनके नेतृत्व की जमकर तारीफ करते हुए इसे एक ‘राजनीतिक चमत्कार’ करार दिया।

संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी करते हुए पीएम मोदी ने स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री को भारत का सच्चा मित्र और एक अनुभवी लीडर बताया। पीएम मोदी ने डिजिटल क्रांति और तकनीक पर बात करते हुए एक बड़ी घोषणा की कि स्लोवाकिया की एक यूनिवर्सिटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विषय पर ‘इंडिया चेयर’ स्थापित की जा रही है। एआई के भविष्य पर भारत का दृष्टिकोण रखते हुए पीएम मोदी ने जोर देकर कहा, “AI मानवता की सेवा और प्रगति का सशक्त माध्यम बने, यही हमारी साझा सोच है। हमारा मानना है कि AI का भविष्य केवल इनोवेशन से नहीं, बल्कि विश्वास, जिम्मेदारी और मानवीय गरिमा पर आधारित होना चाहिए।”

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्लोवाकिया के पीएम रॉबर्ट फिको ने दुनिया की सबसे बड़ी आबादी और पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में भारत के बढ़ते कद की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत आज डिजिटलाइजेशन और एआई के इस्तेमाल में दुनिया के कई विकसित देशों से भी आगे निकल चुका है।

भारत को वैश्विक महाशक्ति स्वीकार करते हुए रॉबर्ट फिको ने एक बड़ा कूटनीतिक एलान किया, “मैं सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करना चाहता हूँ कि स्लोवाकिया गणराज्य की सरकार संयुक्त राष्ट्र के सुधारों का पूरी तरह समर्थन करती है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि भारत जैसे देश को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में ‘स्थाई सदस्य’ के रूप में शामिल किया जाना चाहिए।”

इसके साथ ही स्लोवाकिया ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (India-EU FTA) को अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी समझौता बताते हुए इसके व्यावहारिक कार्यान्वयन के लिए हर संभव कदम उठाने की प्रतिबद्धता जताई। पीएम मोदी ने इस द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग में हो रही प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक फैसला दोनों देशों के साझा विश्वास, साझा प्राथमिकताओं और साझा भविष्य का जीवंत प्रतीक है।

इस ऐतिहासिक साझेदारी के बाद दोनों देशों के बीच जॉइंट डेवलपमेंट, जॉइंट प्रोडक्शन और डिफेंस इंडस्ट्रीज (रक्षा उद्योगों) के बीच सहयोग को एक बिल्कुल नई गति और दिशा मिलेगी। वैश्विक पटल और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत और स्लोवाकिया अब बेहद करीबी सामंजस्य और मजबूत तालमेल के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं।

दुनिया भर में चल रहे भू-राजनीतिक तनावों पर भारत का रुख साफ करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के सभी विवादों और तनावों का समाधान केवल और केवल शांतिपूर्ण तरीके से ही किया जाना चाहिए। भारत अपने सभी साझेदार देशों के साथ मिलकर इस शांतिपूर्ण दिशा में निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।

संयुक्त राष्ट्र जैसी पुरानी हो चुकी व्यवस्थाओं पर बात करते हुए उन्होंने जोर दिया कि वैश्विक संस्थानों को अब 21वीं सदी की वास्तविकताओं, जरूरतों और चुनौतियों के अनुरूप खुद को ‘रीडिफाइन’ करना होगा। भारत इस विषय पर वैश्विक प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए काम करता रहेगा।