कॉन्ग्रेसियों ने जन्मदिन पर राहुल गाँधी को बनाया ‘भगवान परशुराम’, गंगा किनारे किया ‘कटआउट’ का दुग्धाभिषेक: वायरल Video पर भड़के नेटिजन्स

राजनीति में चाटुकारिता के अनूठे रंग देखने को मिलते रहते हैं, लेकिन कॉन्ग्रेसियों ने इस बार जो किया है, उसे देखकर खुद ‘भगवान परशुराम’ भी अपना सिर पकड़ लेंगे। राहुल गाँधी के 56वें जन्मदिन पर वाराणसी के कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ताओं ने भक्ति की सारी सीमाएँ लांघ दीं।

कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ताओं ने राहुल गाँधी को सीधे ‘भगवान परशुराम’ का अवतार घोषित कर दिया। हिंदू देवी-देवताओं का अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने की आदत से मजबूर कॉन्ग्रेसियों ने इस बार काशी के गंगा घाट पर यह नया कारनामा कर दिखाया है।

गंगा के बीचो-बीच हुआ ‘कटआउट’ का दुग्धाभिषेक

अति-उत्साही कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ता गंगा नदी के बीचो-बीच राहुल गाँधी का एक विशाल वाटरप्रूफ कटआउट लेकर पहुँच गए। इस पोस्टर में राहुल गाँधी को भगवान परशुराम के रूप में दिखाया गया था… हाथ में फरसा, शरीर पर पारंपरिक वस्त्र और दूसरे हाथ में संविधान की किताब। गनीमत थी कि पोस्टर वाटरप्रूफ था, क्योंकि कार्यकर्ताओं ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच राहुल गाँधी के इस ‘दैवीय रूप’ पर बाल्टी भर-भरकर दूध चढ़ाया और बाकायदा दुग्धाभिषेक कर डाला।

11 किलो लड्डू का ‘सनातनी केक’

भगवान का अपमान करने और हिंदू आस्थाओं का मजाक उड़ाने में कोई कसर न छोड़ने वाले कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जन्मदिन मनाने का एक और अनोखा तरीका निकाला। उन्होंने मोमबत्ती फूँकने के बजाय 11 किलो लड्डुओं को आपस में जोड़कर एक ‘सनातनी केक’ तैयार किया और उसे काटा। ब्राह्मणों को बुलाकर पूरे विधि-विधान से पूजा भी कराई गई, ताकि राजनीतिक नौटंकी पूरी तरह से ‘धार्मिक’ नजर आए।

नेटिजन्स का फूटा गुस्सा: ‘चमचों की अलग ही जाति है’

इस अजीबोगरीब Video के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स और नेटिजन्स पूरी तरह भड़क गए हैं। लोगों ने इसे सनातन धर्म का घोर अपमान बताते हुए कॉन्ग्रेसियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई है। एक यूजर लिखते हैं, “भगवान परशुराम जी का घोर अपमान! वाराणसी में कॉन्ग्रेसी तलवाचाट गुलामों ने राहुल गाँधी को भगवान परशुराम जी के अवतार के रूप में दिखाते हुए जन्मदिन मनाया। फिरोज जहाँगीर खान के पोते और इटैलियन माता के पुत्र को साक्षात् भगवान का स्वरूप दे दिया गया। चमचागीरी में सनातन का अपमान।

अन्य यूजर ने लिखा, “भारत मे चमचों की भी एक अलग ही जाति है। कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गाँधी के जन्मदिन पर उन्हें पशुराम दिखा दिया क्योंकि उनके हाथ में कुल्हाड़ी थी जो पशुराम जी का प्रतीक थी। राहुल गाँधी के दूसरे हाथ में संविधान था फिर उन्हें बीआर अंबेडकर क्यों नहीं दिखाया??”

एक ओर यूजर लिखते हैं, “कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता राहुल गाँधी से कम थोड़ी है। भगवान परशुराम जी आ गए हाथों में संविधान लेकर .…… कॉन्ग्रेस वाले हिंदू धर्म का अपमान करने का कोई मौका नहीं छोड़ते……”

एक ओर यूजर ने लिखा, “चमचे कब से अंधभक्ति करने लगे। राहुल गाँधी को भगवान परशुराम बना दिया लेकिन राहुल गाँधी तो कभी अपने आप को हिंदू मानते नहीं”