30 साल की सरकारी नौकरी, ‘काला धन’ खपाने को खोलने पड़े 34 बैंक अकाउंट: ACB छापे में 42 FD, 553g सोना, नोट गिनने की मशीन भी मिली

राजस्थान में एक अधिकारी ने 30 साल की सरकारी नौकरी में ली रिश्वत के काले-धन को सफेद करने के लिए गहरी साजिश रची। उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र (DIC) में जनरल मैनेजर राजीव गर्ग ने अपने नाम से अलग-अलग बैंक में 34 अकाउंट खुलवाए। इतना ही नहीं 42 फिक्स डिपोजिट (FD) भी कराई। छापेमारी में अधिकारी के पास से करीब ₹1.70 करोड़, नोट गिनने की मशीन और आधि किलो से ज्यादा सोना बरामद किया गया है।

दरअसल, जयपुर निवासी राजीव गर्ग को साल 2024 में रिश्वत लेने के आरोप में एंटी- करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गिरफ्तार किया था। गर्ग ने विभाग के ही एक साथी से सातवें कमीशन वेतन का भुगतान फिक्स करने के नाम पर पहले ₹50 हजार रिश्वत ली और एरियल के भुगतान के लिए ₹3 करोड़ और माँगे थे।

शिकायत पर राजीव गर्ग के खिलाफ जाँच शुरू हुई। ACB ने राजीव गर्ग के ठिकानों की तलाशी ली और तुरंत उनके फ्लैट सील कर दिए। इसके बाद लगभग डेढ़ साल चली जाँच में पाया गया कि राजीव गर्ग के पास उनकी सैलरी से 99 प्रतिशत ज्यादा संपत्ति है। उनके 20 से भी अधिक बैंक में खाते और एफडी हैं। खुद के नाम पर 34 बैंक अकाउंट में ही ₹57.16 लाख जमा हैं। मकान की तलाशी में भी ₹1 करोड़ 10 लाख की 42 बैंक एफडी के कागजात मिले हैं। इसके अलावा बैंक लॉकर में 24 कैरेट का 553 ग्राम सोना भी मिला है।