कोर्ट ने 2013 और 2017 के बीच भारत विरोधी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर पत्रकार राणा अय्यूब के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि हिंदू देवी-देवताओं और विनायक दामोदर सावरकर पर कई ट्वीट ‘आपत्तिजनक, भड़काऊ और सांप्रदायिक’ थे। कोर्ट ने अय्यूब को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस, केंद्र सरकार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं और अगली सुनवाई तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा।
#BREAKING: Delhi High Court, while hearing a plea against Journalist Rana Ayyub over alleged anti-India social media posts between 2013 and 2017, observed that certain tweets on Hindu deities and Vinayak Damodar Savarkar were 'offensive, provocative and communal.' The court… pic.twitter.com/1y9zddIMsu
— IANS (@ians_india) April 8, 2026
दिल्ली हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि मामले पर तुरंत सुनवाई की जरूरत है और इस पर 10 अप्रैल को सुनवाई होगी।
जस्टिस पीके कौरव ने सुनवाई के दौरान कई ट्वीट पर सवाल उठाते हुए कहा, “प्रतिवादी राणा अयूब को निर्देश लेने दें और जरूरी काम करने दें। उन्हें कल तक जवाब फाइल करने दें। मामले पर परसों सुनवाई हो। प्रतिवादी राणा अय्यूब के बहुत ज़्यादा अपमानजनक, भड़काऊ और सांप्रदायिक ट्वीट्स को देखते हुए यह कार्रवाई जरूरी है। एक सक्षम कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज की गई है। मामले पर तुरंत विचार करने की जरूरत है। दिल्ली पुलिस को भी एक पार्टी बनाया जाए।”
वकील अमिता सचदेवा ने ये अर्जी हाईकोर्ट में दाखिल की थी। इससे पहले साकेत कोर्ट में उन्होंने आपराधिक मुकदमा दायर कर अयूब के खिलाफ कड़े एक्शन की माँग की थी। वकील सचदेवा की अर्जी के बाद ट्रायल कोर्ट ने अयूब के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जाँच का आदेश दिल्ली पुलिस को दिया था। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से कहा कि ट्वीट अब एक्स पर मौजूद नहीं है।
हिन्दू देवी-देवताओं के अपमान का आरोप
सचदेवा का कहना है कि अय्यूब के ट्वीट्स ने हिंदू देवताओं, सीता- राम, वीर सावरकर का अपमान किया और ‘भारत विरोधी’ भावनाओं को भड़काया।
सचदेवा ने कहा, “ट्वीट्स पढ़ने के बाद जो सनातन धर्म को मानने वाला है, वह बहुत दुखी हुआ होगा, क्योंकि पोस्ट में हिंदू देवताओं का अपमान किया गया। स्वंत्रतता संग्राम में अहम योगदान देने वाले शख्सियतों का अपमान किया गया था और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला था।”
अपनी पिटीशन में, सचदेवा ने 2013 और 2017 के बीच अय्यूब के किए गए 6 ट्वीट्स का जिक्र किया।
अय्यूब के 2013 के ट्वीट में लिखा था, “रावण ने सीता को छुआ तक नहीं, जबकि वह छू सकता था। राम सीता के लिए खड़े नहीं हुए, जबकि उन्हें होना चाहिए था। रावण 1 राम 0।”
अक्टूबर 2014 में, अय्यूब ने अली सरदार जाफरी का एक शेर कोट किया था, जिसमें लिखा था, “गरीब सीता के घर पे कब तक रहेगी रावण की हुक्मरानी, द्रौपदी का लिबास उसके बदन से कब तक छीना करेगा”।
इसके अलावा 2015 में, अय्यूब ने सावरकर के बारे में ट्वीट किया।
उसने लिखा, “तो वीर सावरकर ने हिंदुत्व राष्ट्रवाद के एक जरूरी हिस्से के तौर पर रेप की वकालत की।”
सावरकर पर एक और ट्वीट में अय्यूब ने कहा, “नाथूराम गोडसे का सावरकर के बारे में लिखा हुआ पढ़ रहा था और सोच रहा था कि क्या हमें आतंकवादी समर्थक का सम्मान करते रहना चाहिए।”
अय्यूब ने 2016 में एक लड़के की तस्वीर के साथ एक ट्वीट पोस्ट किया। बच्चे के चेहरे पर चोट के निशान थे।
ट्वीट में लिखा था, “प्रिय भारतीय सेना, मुझे लगता है कि यह छोटा बच्चा भारत की आजादी के लिए इतना बड़ा खतरा था कि उसे जिंदगी भर के लिए अँधा कर दिया गया।”

