शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली में हुई संसदीय दल की अहम बैठक में व्हिप जारी होने के बाद भी 9 में से सिर्फ 3 सांसद ही मीटिंग में पहुँचे। बाकी 6 सांसद बैठक से गायब रहे। इससे पार्टी में बड़ी बगावत साफ हो गई है। गायब सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने की चर्चा तेज है।
जानकारी के अनुसार, बैठक में केवल अनिल देसाई, अरविंद सावंत और राजाभाऊ वाजे ही शामिल हुए। संजय दिना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय जाधव बैठक में नहीं आए।
शिव सेना उद्धव गुट की बैठक फेल!
— गौरव मिश्रा 🇮🇳 (@gauravstvnews) June 18, 2026
11 बजे की बैठक के लिए सूचना देने के बावजूद अब तक सिर्फ 3 लोकसभा सांसद पहुंचे हैं
अब तक कोई भी बागी सांसद नहीं आया
!मतलब टूट तय है।
और दो तिहाई की संख्या यानि 6 सांसद भी पूरे हो रहे हैं अब तक। pic.twitter.com/hX0pVlN7xS
इन बागी सांसदों का कहना है कि उन्हें अब पार्टी नेतृत्व पर भरोसा नहीं है। वे उद्धव ठाकरे द्वारा पार्टी को कॉन्ग्रेस में विलय करने की कोशिशों से नाराज हैं। इस बीच सांसद अनिल देसाई ने कहा है कि व्हिप का उल्लंघन करने वाले सांसदों को कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा।
उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। दूसरी तरफ, शिंदे गुट के प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने कहा कि UBT के व्हिप का अब कोई महत्व नहीं है। इस बगावत से नाराज कार्यकर्ताओं में भारी गुस्सा है।
धाराशिव में पार्टी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि उद्धव ठाकरे को धोखा देने वालों के चेहरे पर गोबर पोता जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर 6 सांसदों के समर्थन का दावा भी किया है।

