SIR की घोषणा के बाद दहशत में घुसैपठिए, बंगाल से भागने का कर रहे प्रयास: 48 बांग्लादेशियों को BSF ने दबोचा, भारत में आकर बने हुए थे दिहाड़ी मजदूर

चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में SIR का ऐलान किए जाने के बाद से बांग्लादेशी घुसपैठियों में दहशत मची हुई है। अब ये घुसपैठिए देश छोड़कर भागने की फिराक में हैं लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से ये बच नहीं पा रहे हैं। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट सीमा क्षेत्र से बांग्लादेश जाने की कोशिश कर रहे 48 बांग्लादेशी घुसपैठियों सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने गिरफ्तार किया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, BSF के एक अधिकारी ने बताया है कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की घोषणा के बाद ये घुसपैठिए भारत छोड़ने की कोशिश कर रहे थे। उनका कहना है कि SIR की घोषणा के बाद हिरासत में लिए जाने या निर्वासित किए जाने के डर से ये घुसपैठिए अपने देश में वापस लौटने की कोशिश कर रहे थे।

अधिकारी ने जानकारी दी है कि बीते रविवार (2 नवंबर 2025) को BSF ने 33 बांग्लादेशियों को पकड़ा था और उन्हें स्वरूपनगर पुलिस थाने को सौंप दिया था। वहीं, शनिवार (1 अक्टूबर 2025) की रात को 15 अन्य बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया गया था। अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोग पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में घरेलू सहायकों व दिहाड़ी मजदूरों के तौर पर काम करते थे। गौरतलब है कि पिछले 3 दिनों में 89 बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ा गया है।

शनिवार (1 नवंबर) को हकीमपुर में 11 बच्चों और 15 महिलाओं समेत कम से कम 45 और बांग्लादेशी नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने की कोशिश करते हुए हिरासत में लिया गया था। बशीरहाट के एसपी हुसैन मेहदी रहमान ने बताया कि घुसपैठियों को बीएसएफ कर्मियों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

एसपी ने आगे कहा, “वे कोलकाता और राजारहाट इलाकों में काम करते थे और अवैध रूप से बांग्लादेश लौटने की कोशिश कर रहे थे।” सभी बंदियों को बशीरहाट अदालत में पेश किया गया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गौरतलब है कि SIR की घोषणा और हाल ही में अवैध प्रवास की घटनाओं के बाद BSF ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर अपनी गश्त तेज कर दी है। अ