UGC के नए नियमों पर रोक लगने से तिलमिलाए JNU के वामपंथी, पुतला फूँककर लगाए- ‘ब्राह्मणवाद मुर्दाबाद’ के नारे: ढपली पीटने की Videos आई

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में एक बार फिर भड़काऊ नारे सुनाए दिए। सुप्रीम कोर्ट द्वारा UGC के नए नियमों पर रोक लगाए जाने से तिलमिलाए वामपंथी छात्र संगठनों ने कैंपस में प्रदर्शन किया। इस दौरान ढपली की ताल पर ‘ब्राह्मणवाद’ और ‘BJP-RSS’ के खिलाफ नारे गूँजे।

कैंपस के साबरमती ढाबे पर आयोजित इस प्रदर्शन में ‘ब्राह्मण मुर्दाबाद’, ‘रोहित के हत्यारों को एक धक्का और दो’ और ‘मनुवाद जलेगा’ जैसे आपत्तिजनक नारे लगे। इतना ही नहीं प्रदर्शन के दौरान ‘ब्राह्मणवाद’ का पुतला भी जलाया गया। कैंपस से सामने आए वीडियो में छात्र ‘RSS मुर्दाबाद’ और ‘BJP बर्बाद’ के नारे भी लगाते दिखाई दे रहे हैं।

दरअसल, JNU में यह नारेबाजी सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ हुई, जिसमें कोर्ट ने 29 जनवरी 2026 को UGC के नए नियमों पर ‘सवर्ण’ समाज के विरोध के बाद रोक लगाने का फैसला सुनाया। कोर्ट ने साफ कहा कि यह अंतरिम रोक है, ताकि संघीय ढाँचे और राज्यों के अधिकारों से जुड़े सवालों पर विस्तार से विचार किया जा सके।

इसी रोक से नाराज होकर JNU में वामपंथी छात्र संगठनों ने ‘ब्राह्मणवाद’ और ‘सरकार’ के खिलाफ प्रदर्शन में आपत्तिजनक नारेबाजी की। हालाँकि, यह पहली बार नहीं है जब JNU में ऐसी नारेबाजी देखने को मिली है, पिछले महीनों में कई बार JNU में ‘मोदी-शाह की कब्र खुदेगी‘ से लेकर सरकार के खिलाफ हर वो नारा लगा है, जो बाद में विवाद का कारण बना।

साल 2022 में भी JNU में दिखा ब्राह्मण-विरोध

JNU में ‘ब्राह्मणवाद’ पर जो भड़काऊ नारेबाजी देखने को मिली, वह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कैंपस में उच्च जाति के हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाने वाली घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। इससे पहले भी JNU की दीवारें इसी तरह के आपत्तिजनक नारों से रंगी जा चुकी हैं।

इन घटनाओं के दौरान JNU कैंपस में जो नारे लिखे गए और लगाए गए, वे बेहद आपत्तिजनक और भड़काऊ थे। दीवारों पर ‘ब्राह्मण-बनिया, हम तुम्हारे पीछे आ रहे हैं’, ‘हम बदला लेंगे’, ‘ब्राह्मण कैंपस छोड़ो’, ‘ब्राह्मण भारत छोड़ो’, ‘अब खून बहेगा’ जैसे सीधे धमकी देने वाले नारे लिखे गए। इसके अलावा कुछ प्रोफेसरों के चैंबर के बाहर ‘शाखा (RSS) में वापस जाओ’ लिखा गया। हालिया प्रदर्शन में भी इसी तरह की भाषा देखने को मिली है।