भगदड़ से पहले के घटनाक्रम का हवाला देते हुए कहा जा रहा है कि ये रैली में भगदड़ उस समय शुरू हुई जब लाइट गई और ये लाइट काटने के पीछे किसी और का नहीं बल्कि डीएमके का हाथ है। लोग इसे DMK सरकार में हुआ नरसंहार भी कह रहे हैं।
एक्स पर एक यूजर ने लिखा, “DMK को इसकी लंबे समय से उम्मीद थी। करूर में उन्होंने बिजली काटकर और दो एम्बुलेंस मँगवाकर इसे बखूबी अंजाम दिया। यह नरसंहार है।”
DMK was expecting this for long time. In karur, they executed well by cutting the power and forcing two ambulances. This is genocide pic.twitter.com/FpnEi9oWoW
— black stwrong (@blackfreighter_) September 28, 2025
एक्स पर ही एक और यूजर ने लिखा, “DMK की उचित योजना। 1. बिजली काट दी गई। 2. पुलिस ने उपद्रव मचाने के लिए भीड़ पर हमला किया। 3. मीडिया ने पहले टेलीकास्ट किया और मुद्दे को भटका दिया। 3. एम्बुलेंस आने से पहले सेंथिल बालाजी लाइव आ गए। 4. पूरे भारत के राजनेताओं ने सिर्फ 30 मिनट में ट्वीट कर दिए।”
Proper plan from #DMK ?
— Sparrow (@sparrow_vj6) September 27, 2025
1. Power cut
2. Police attacked the crowd to create nuisance
3. Media telecasted at first and diverted the topic.
4. Senthil Balaji arrived at live before ambulance came..
5. Politicians from all over India tweeted in just 30 mins..#Karur #TVKVijay pic.twitter.com/iQqdcyW6s1
अन्य एक्स यूजर ने लिखा, “7-8 चप्पलें भीड़ को गुस्सा दिलाने और मुद्दे पैदा करने के लिए फेंकी गईं, जिन्हें DMK ने योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया।”
7-8 Slippers thrown to Make the Crowd angry and Create issues executed by dmk less well planned and ??… #Karur #TVKVijay #DMKFailsTN #DMK_TVKMustAnswer pic.twitter.com/pvjPUKDp33
— Harish (@iamhari__ts) September 28, 2025
DMK सरकार के विपक्ष में जोसेफ विजय ने बनाई पार्टी
एक्टर से नेता बने जोसेफ विजय ने फरवरी 2025 में तमिलगा वेत्त्री कजगम (TVK) पार्टी को लॉन्च किया था। विजय की ये पार्टी को तमिलनाडु सरकार की सबसे बड़ा विपक्षी पार्टी के तौर पर सामने आई। हालाँकि, तमिलनाडु में अगले साल 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं तो जोसेफ विजय ने लोगों के बीच जाना अधिक शुरू कर दिया है।
शनिवार (28 सिंतबर 2025) को भी जोसेफ विजय ने इसी संदर्भ में रैली का आयोजन किया, जिसमे वे 7 घंटे देरी से पहुँचे। ऐसे में जोसेफ विजय से मिलने पहुँचे लोग 7 घंटे भूखे-प्यासे खड़े रहे और उनके पहुँचने पर भगदड़ मच गई। यह भी सामने आया कि भीड़ की संख्या प्लानिंग से काफी अधिक थी, जो बेकाबू हो गई और पुलिस भी भीड़ को संभाल नहीं सकी।
भगदड़ मचते ही जोसेफ विजय मौके से खिसक गए। भगदड़ में 40 लोगों की मौत हो गई, इनमें महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं। अगले दिन रविवार (28 सितंबर 2025) को जोसेफ विजय ने भगदड़ में पीड़ितों के लिए दुख जताया। यहाँ तक की बड़े-बड़े राजनेताओं ने भी भगदड़ को लेकर ट्वीट किया।

