सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (17 अक्टूबर 2025) को प्रयागराज की SHUATS यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर राजेंद्र बिहारी लाल और दूसरे अधिकारियों के खिलाफ दर्ज कई FIR को रद्द कर दिया। कोर्ट के आदेश में कहा गया कि जबरन बड़े पैमाने पर ईसाई धर्मांतरण के आरोपों में प्रक्रिया में गड़बड़ियाँ थीं, जैसे बिना इजाजत की शिकायतें और कमजोर जाँच। ये आरोप उत्तर प्रदेश के 2021 के एंटी-कन्वर्जन कानून के तहत थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीसी और बाकियों के खिलाफ IPC की गंभीर धाराओं जैसे आत्महत्या भड़काने और हत्या में सहयोग के केस अभी चलेंगे। आरोपितों को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से गिरफ्तारी से अस्थाई सुरक्षा मिली हुई है।
जस्टिस JB परदीवाला और मनोज मिश्रा की बेंच ने ये फैसला सुनाया। कोर्ट ने देखा कि सैम हिगिनबॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज (SHUATS) के डॉ. राजेंद्र बिहारी लाल के खिलाफ शिकायत करने वाला शख्स ऐसा केस दायर करने का हकदार ही नहीं था।
FORCED RELIGIOUS CONVERSION CASE
— LawBeat (@LawBeatInd) October 17, 2025
Supreme Court of India has quashed the criminal proceedings initiated against SHUATS University Vice Chancellor and other officials in an alleged mass conversion case. pic.twitter.com/v6P3ZRY50n
उत्तर प्रदेश प्रोहिबिशन ऑफ अनलॉफुल कन्वर्जन ऑफ रिलिजन एक्ट, 2021 की धारा 4 के तहत कोई अजनबी या तीसरा पक्ष केस नहीं कर सकता। हालांकि 2024 में इस धारा में संशोधन हुआ, लेकिन कोर्ट ने कहा कि ये संशोधन इस केस में लागू नहीं होगा।
कोर्ट ने कहा, “2022 की FIR नंबर 50 और 60 TT एंटनी केस के दायरे में आती हैं और रद्द हो जाती हैं। FIR रद्द करने की रिट याचिका दाखिल करना जायज है। इसलिए रिट्स दाखिल की जा सकती हैं और सुनवाई लायक हैं… IPC की धारा 304, 306 और 504 के कथित अपराधों को अभी साबित करना बाकी है। याचिकाकर्ता को अस्थायी सुरक्षा जारी रहेगी।”
सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में SHUATS के वीसी डॉ. लाल की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। लाल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत की याचिका खारिज करने के बाद सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। दिसंबर 2023 में लाल और SHUATS के तीन दूसरे अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी से अस्थायी सुरक्षा दी थी।
सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ दवे ने लाल की पैरवी की। SHUATS पहले इलाहाबाद एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के नाम से जानी जाती थी, जो यूपी की मशहूर यूनिवर्सिटी है।
27 जनवरी को उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रयागराज, उत्तर प्रदेश की सैम हिगिनबॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज (SHUATS) के आठ अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। आरोप था कि उन्होंने हिंदुओं को लालच देकर ईसाई मजहब में जबरन धर्मांतरण करवाया। इस केस में वाइस चांसलर, दो प्रो-वाइस चांसलर और 5 दूसरे लोग बड़े पैमाने पर धर्मांतरण के आरोपित बनाए गए।

