विधायक कुलदीप सेंगर की सजा सस्पेंड करने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि जमानत मिलने के बाद भी सेंगर जेल से बाहर नहीं आ सकता है। सेंगर के वकील से सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्टे पर बात करेंगे।
हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में दलील दी कि जब घटना घटी थी, तो पीड़िता की उम्र 16 वर्ष से कम थी। इस मामले में अपील लंबित है। सीबीआई के वकील ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने अभियुक्त को निर्विवाद रूप से आईपीसी की धारा 376 के तहत दोषी ठहराया था। धारा 376 में न्यूनतम 10 साल कैद से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। तुषार मेहता ने कहा कि यह मामला गंभीर सजा के अंतर्गत आएगा।
#WATCH | Hemant Kumar Maurya, an advocate from the victims' side, says, "I would like to thank the Supreme Court. The victim's family had the feeling that if the accused was released, his gang would kill the remaining members of her family. I am the advocate for the victim's… https://t.co/74xKXsSw96 pic.twitter.com/uIVqFOYhJA
— ANI (@ANI) December 29, 2025
5 शर्तों पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया था बेल
दरअसल दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सेंगर को जमानत पर रिहा कर दी थी। इसके विरोध में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को 5 लाख के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया था। यह आदेश 4 शर्तों पर दिया गया था। सेंगर की जमानत पर पीड़ित से 5 किलोमीटर दूर रहने, हर सोमवार को पुलिस को रिपोर्ट करने, पासपोर्ट जमा करने की शर्तें रखी थीं। इन शर्तों को तोड़ने पर बेल रद्द करने की बात कही गई थी।
हाई कोर्ट के आदेश के विरोध में पीड़िता, उनकी माँ और एक्टिविस्ट योगिता भयाना इंडिया गेट पर धरना प्रदर्शन पर बैठ गई थी। योगिता भयाना ने कहा, “ये कैसा न्याय है?” पीड़िता की माँ ने कहा कि आरोपित 500 किलोमीटर दूर रहे, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने कहा कि उसने अपराध किया है और उसे सजा मिलनी चाहिए।
क्या है मामला?
साल 2017 में उन्नाव में कुलदीप सेंगर और उसके साथियों ने 17 साल की नाबालिग को अगवा कर रेप किया था। बाद में शिकायत करने पर पीड़िता और उसके परिवार को धमकाया गया। पीड़िता के पिता को झूठे आरोपों में जेल भेजा गया, जहाँ उनकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मामले में CBI ने जाँच की। साल 2019 में दिल्ली की अदालत ने कुलदीप सिंह सेंगर को रेप का दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

