पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया में लगातार रुकावटें आ रही हैं। बताया जा रहा है कि सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की खुली विरोध रणनीति के कारण यह नियमित चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
ताजा मामला मालदा जिले के हरिशचंद्रपुर थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर ग्राम पंचायत के दतिओं गाँव से सामने आया है। यहाँ SIR में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के रूप में तैनात प्राथमिक स्कूल की पैराटीचर निबेदिता मंडल के पति पर TMC से जुड़े मोहम्मद कासिमुद्दीन ने बेरहमी से हमला किया।
क्या है पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार, यह हमला तब हुआ जब निबेदिता ने स्थानीय भूमि माफिया और पूर्व कॉन्ग्रेसी पंचायती सदस्य मोहम्मद कासिमुद्दीन के निर्देश मानने से इंकार कर दिया। वर्तमान में कासिमुद्दीन का संबंध TMC से बताया जा रहा है।
वह निबेदिता और उनके पति कमल मंडल पर दबाव बना रहा था कि वे SIR फॉर्म बाँटने और जमा करने का काम उसकी मर्जी के अनुसार करें। जब दंपति ने विरोध किया, तो कासिमुद्दीन ने कमल मंडल को खेत में अकेला पाकर बेरहमी से पीटा और हत्या की कोशिश में उनके निजी अंगों पर हमला किया।
पीड़ित की चीख सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुँचे और घायल को बचाया। उन्हें हरिशचंद्रपुर ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। निबेदिता मंडल ने कहा, “हमें लगातार धमकी दी जा रही थी। जब हमने झुकने से मना किया, तब मेरे पति पर जानलेवा हमला हुआ।”
इस घटना के बाद कॉन्ग्रेस ने कासिमुद्दीन से किसी भी संबंध से इंकार किया। स्थानीय कॉन्ग्रेस नेता मोस्ताक आलम ने कहा कि वह अब TMC के संरक्षण में है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के जिला सचिव रूपेश अग्रवाल ने कहा, “सत्ताधारी पार्टी स्थानीय अपराधियों के जरिए BLOs को डराकर SIR प्रक्रिया पर नियंत्रण करना चाहती है।”

