बांग्लादेश के इस्लामी कट्टरपंथी नेता उस्मान हादी की हत्या में सीमा से पकड़े गए दो बांग्लादेशी नागरिकों को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की 11 दिन की हिरासत में भेजा गया है। आरोपित फैसल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन को मंगलवार (24 मार्च 2026) को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया था, जहाँ कोर्ट ने जाँच एजेंसी को उनसे आगे पूछताछ की अनुमति दी।
इन दोनों को इससे पहले पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने उत्तर 24 परगना जिले के बनगाँव इलाके से गिरफ्तार किया था, जो भारत-बांग्लादेश सीमा के पास स्थित है। यह गिरफ्तारी 7 और 8 मार्च 2026 की देर रात हुई थी। गिरफ्तारी के बाद दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया और पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान इस मामले के विशेष लोक अभियोजक राहुल त्यागी ने बताया कि आरोपित बांग्लादेश से भागकर भारत आए थे। इससे यह संकेत मिलता है कि इस मामले में किसी बड़ी साजिश की संभावना हो सकती है। पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए विस्तृत जाँच की जरूरत है।
जाँच एजेंसियों के अनुसार, दोनों आरोपित मेघालय सीमा के जरिए अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे। इसके बाद वे देश के अलग-अलग हिस्सों से होते हुए बनगाँव पहुँचे, जो भारत-बांग्लादेश सीमा के पास एक अहम ट्रांजिट प्वाइंट माना जाता है।

