BSF ने त्रिपुरा बॉर्डर पर 2 बांग्लादेशी तस्करों को किया ढेर, BGB को सौंपे गए नबीर और मुरसलीन के शव: कई तस्कर अँधेरे में लौटे वापस

भारत-बांग्लादेश सीमा पर त्रिपुरा के सिपाहीजला जिले में शनिवार (9 मई 2026) की रात तस्करों और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के बीच मुठभेड़ में 2 बांग्लादेशी तस्करों को ढेर कर दिया गया है। यह घटना मधुपुर थाना क्षेत्र के कमलासागर–पाथरियाद्वार सीमा के जीरो प्वाइंट के पास हुई, जहाँ BSF जवानों ने खुफिया सूचना के आधार पर घात लगाकर कार्रवाई की थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 50 वर्षीय नबीर हुसैन और 20 वर्षीय मोहम्मद मुरसलीन अंधेरे का फायदा उठाकर भारत से बांग्लादेश मछली के बीज (फिश फिंगरलिंग्स) और अन्य प्रतिबंधित सामान ले जाने की कोशिश कर रहे थे।

तस्करों ने BSF टीम पर किया हमला

BSF को पहले से सूचना मिली थी कि सीमा पार तस्करी की बड़ी कोशिश होने वाली है। इसके बाद कमलासागर बॉर्डर आउटपोस्ट के पास जवानों ने घेराबंदी कर रखी थी। जैसे ही संदिग्ध तस्कर सीमा की ओर बढ़े, BSF जवानों ने उन्हें रुकने का इशारा किया। इस दौरान तस्करों ने जवानों पर धारदार हथियार, पत्थर और ईंटों से हमला कर दिया।

BSF ने कई बार चेतावनी दी, लेकिन तस्कर नहीं रुके और हिंसक झड़प शुरू हो गई। इसके बाद जवानों ने आत्मरक्षा में पंप एक्शन गन (PAG) से पेलेट फायरिंग की। फायरिंग में नबीर और मोहम्मद मूरसालिन घायल हो गए। दोनों को BSF जवानों ने बिशालगढ़ अस्पताल पहुँचाया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

BGB ने भी की घटना की पुष्टि

बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने भी इस घटना की पुष्टि की है। BGB के अनुसार, करीब 15 बांग्लादेशी तस्कर अपने भारतीय सहयोगियों की मदद से लगभग 200 गज भारतीय सीमा के भीतर घुसे थे। वापसी के दौरान BSF की 49वीं बटालियन की गश्ती टीम ने उन्हें पाथरियाद्वार इलाके में रोक लिया।

60 BGB बटालियन के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल एसएम शरीफुल इस्लाम ने कहा, “जब बांग्लादेशी तस्करों ने BSF जवानों पर हमला किया तो दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। इसी दौरान BSF ने दो राउंड पेलेट फायरिंग की।”

BGB के मुताबिक कुछ अन्य तस्कर भी घायल हुए, जो किसी तरह बांग्लादेश लौटने में सफल रहे और फिलहाल कोमिला में इलाज करा रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद दोनों मृतकों के शव दोनों देशों के सीमा अधिकारियों के बीच हुई फ्लैग मीटिंग के दौरान BGB को सौंप दिए गए।