उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में कमला नगर क्षेत्र स्थित भगवान नगर ब्लॉक-ए में रहने वाले कई हिंदू परिवार पलायन मजबूर हैं। ऐसे 40 हिंदू परिवारों ने अपने घर के बाहर ‘मकान बिकाऊ’ के पोस्टर लगा लिए हैं। इन परिवारों का कहना है कि पास में रहने वाला मोहम्मद शहजाद आए दिन कॉलोनी में विवाद करता है, जिससे वह तंग आ चुके हैं।
स्थानीय निवासी एक हिंदू महिला का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह अपनी आपबीती बताती हैं। महिला कहती है, “ये अग्रवालों का मोहल्ला है। यहाँ सिर्फ एक मुस्लिम रहता है। उसकी दबंगई से पूरा मोहल्ला परेशान है। वह लोगों को ईंट-पत्थर मारता है, जिससे कई लोग घायल भी हुए हैं।” स्थानीय निवासियों ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है।
🚨 SHOCKER from Agra
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) February 4, 2026
35+ Hindu families have put up “House for Sale” posters after alleging sustained harassment by Mohd. Shahzad and his associates, forcing them to consider leaving their homes. pic.twitter.com/BnlZPMdjRI
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पास में रहने वाले सनी और उसके अब्बा मोहम्मद शहबाज आए दिन विवाद और मारपीट करते हैं। 02 फरवरी 2026 को ही एक पारिवारिक कार्यक्रम में सनी ने घर में घुसकर मारपीट की। घर में रहने वाले व्यक्ति को गंभीर चोटे आई, यहाँ तक की टाँके भी लगाने पड़े। स्थानीय महिलाओं ने सनी और शहबाज पर महिलाओं के साथ अभद्रता करने का भी आरोप लगाया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों और महिलाओं का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। रोज किसी न किसी बात पर विवाद किया जाता है और कॉलोनी का माहौल खराब किया जाता है। इससे परेशान आकर कई मकानों के बाहर ‘मकान बेचना है’ के पोस्टर लगा दिए गए हैं।
लोगों ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि शिकायत करने पर पुलिस ने उल्टा उन्हें ही धमकाया। इसीलिए उनके पास अपना घर छोड़ने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा है। स्थानीय पार्षद हरीओम बाबा अग्रवाल ने भी कहा कि शिकायत के बावजूद आरोपितों पर कार्रवाई नहीं की गई।
वहीं मामले में एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि जाँच में सामने आया है कि सितारा बेगम नाम की एक विधवा महिला के मकान में शहजाद नाम का व्यक्ति रहता है। सितारा चाहती है कि शहजाद और उसका परिवार उनका मकान छोड़ दे। शहजाद ने पुलिस को बताया कि वह मकान छोड़कर चला जाएगा। एसीपी ने कहा कि मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा है और दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया है।

