अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने के लिए रविवार (21 जून 2026) को स्विट्जरलैंड में अहम शांति वार्ता शुरू होने जा रही है। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य मिडिल ईस्ट में स्थिरता लाना, ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना और लेबनान में युद्धविराम को मजबूत करना है।
मामला उस समय और पेचीदा हो गया जब ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया कि उसने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज को बंद कर दिया है। हालाँकि अमेरिका ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है।
स्विट्जरलैंड में होने वाली वार्ता के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल पहले ही पहुँच चुका है। ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकिर कालीबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराकची तथा सुरक्षा, तेल और केंद्रीय बैंक से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। वहीं अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति सलाहकार जेरेड कुशनर बातचीत में हिस्सा ले रहे हैं।
वार्ता स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक क्षेत्र में होगी। दोनों पक्ष हाल ही में हुए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) को लागू करने और क्षेत्रीय तनाव कम करने पर चर्चा करेंगे। इस दौरान लेबनान में जारी संघर्ष, युद्धविराम और होर्मुज की स्थिति भी प्रमुख मुद्दे रहेंगे।

