उत्तर प्रदेश के इटावा में सफारी पार्क के पीछे स्थित बीहड़ वाले इलाके में बनी अवैध सैयद पीर की मजार को रातों रात जमींदोज कर दिया गया। वन विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बुधवार (10 जून 2026) की रात भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस मजार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार, मजार करीब 3000 वर्ग फीट में वन विभाग की जमीन पर बनी थी और इसके कोई वैध दस्तावेज मौजूद नहीं थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शाम करीब 6 बजे वन विभाग की टीम तीन बुलडोजरों के साथ मौके पर पहुँची।
मजार तक जाने वाले रास्तों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया और आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई। करीब सात घंटे तक चली कार्रवाई के बाद रात एक बजे तक मजार, उससे जुड़े कमरे, चबूतरे और अन्य निर्माण पूरी तरह हटा दिए गए। बाद में मलबे को वहीं दबाकर पूरे क्षेत्र में वृक्षारोपण कर दिया गया।
मामले की शुरुआत 3 जनवरी 2026 को हुई थी, जब हिंदू संगठनों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर मजार के अवैध होने की जानकारी दी थी। जाँच में वन विभाग ने दावा किया कि यह जमीन उसके रिकॉर्ड में दर्ज संरक्षित वन क्षेत्र है।
इसके बाद नोटिस जारी किए गए लेकिन मजार के केयर टेकर फजले इलाही के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। वन विभाग की अदालत और बाद में वन संरक्षक के समक्ष की गई अपील भी खारिज हो गई। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

