‘UP विधानसभा नहीं कराती देश का चुनाव’: पूजा पाल ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना, बोलीं- AC-PC वाले कमरों से निकल जनता के बीच जाएँ

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष और विधायक पूजा पाल ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। यूपी बीजेपी की नई कार्यकारिणी में बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद पूजा पाल ने कहा कि अखिलेश यादव ने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान झूठा प्रचार किया था। हालाँकि जनता उनके मंसूबे समझ गई थी तभी चुनावी नतीजों में उनको खारिज कर दिया।

पूजा पाल ने कहा कि अब समाजवादी पार्टी हताश है और इसी वजह से पार्टी के नेता लगातार बयान बदल रहे हैं। पूजा पाल के मुताबिक 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी, इसलिए विपक्ष में बेचैनी साफ दिख रही है।

प्रदेश उपाध्यक्ष पूजा पाल ने वीडियो के जरिए अपना बयान जारी किया। इसमें उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव जी, काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती। 2024 के लोकसभा चुनाव में आपने जो झूठ फैलाया था, उसे जनता ने उसके बाद हुए चुनावों में पूरी तरह नकार दिया. लगातार हार मिलने के बाद से आपकी हालत ठीक नहीं है, इसलिए आप जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।”

पूजा पाल ने अपने बयान में अखिलेश यादव की संवैधानिक समझ पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि देश में चुनाव कराने का फैसला उत्तर प्रदेश विधानसभा नहीं करती, बल्कि इसके लिए एक निर्धारित संवैधानिक व्यवस्था है।

उन्होंने अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि या तो वो जानबूझकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं, या फिर उन्हें संवैधानिक ढाँचे की जानकारी नहीं है। चायल विधायक ने अखिलेश यादव को सलाह दी कि वे एसी और पीसी वाले कमरों से बाहर निकलकर जनता के बीच जाएँ। जमीन पर जाकर ही असली माहौल समझ में आता है और यह भी पता चलता है कि लोग किस तरह की राजनीति को स्वीकार कर रहे हैं।

पूजा ने एक कहावत के जरिए भी अखिलेश पर तंज कसा। उन्होंने कहा, “सूप बोले सूप, चलनी बोले जिसके बहत्तर छेद यानी जो खुद सवालों के घेरे में रहा हो, उसे दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने अतीत पर नजर डालनी चाहिए।”

पूजा पाल को 25 जून 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का उत्तर प्रदेश की प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी यूपी की नई संगठनात्मक कार्यकारिणी की घोषणा के दौरान सौंपी गई थी। इससे पहले वह समाजवादी पार्टी (SP) की विधायक थीं, लेकिन विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ करने के कारण 14 अगस्त, 2025 को उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।

पूजा पाल यूपी की राजनीति में सपा के कथित ‘गुंडाराज’ की पीड़ित रहने का सबसे बड़ा और जीवित उदाहरण हैं। 25 जनवरी 2005 को शादी के महज 10 दिन बाद उनके पति और तत्कालीन विधायक राजू पाल की अतीक अहमद के गुर्गों ने हत्या कर दी थी। इसके बाद 24 फरवरी, 2023 को उनके ममेरे भाई उमेश पाल को भी सरेआम मार दिया गया।