उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में आदिवासी जमीनों को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। दैनिक भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में दावा किया गया है कि कुछ लोग आदिवासी महिलाओं से शादी कर उनके नाम पर जमीन खरीद रहे हैं और बाद में उन जमीनों पर अपने लोगों को बसाने का काम कर रहे हैं।
इस पूरे मामले को कुछ संगठनों ने ‘लैंड जिहाद’ का नाम दिया है। जाँच में सामने आया कि दुद्धी कस्बे और आसपास के गाँवों में ऐसे कई केस दर्ज हैं। अकेले सोनभद्र में 100 से ज्यादा मामलों की जाँच चल रही है। प्रशासन ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।
शादी, धमकी और लालच के जरिए जमीन खरीदने का आरोप
भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में जमीन हड़पने के चार तरीके सामने आए रेप के बाद शादी, धमकी देकर, लव मैरिज के जरिए और लालच देकर। सबसे चर्चित मामला बहादुर अली का है। आरोप है कि उसने एक जनजातीय महिला से रेप के आरोप के बाद कोर्ट मैरिज कर ली और बाद में पत्नी के नाम पर 19 जगह जमीन खरीदी।
बातचीत में उसने माना कि अगर उसके नाम जमीन होती तो जाति प्रमाणपत्र का लाभ नहीं मिलता, इसलिए पत्नी के नाम पर खरीद की गई। गाँव की एक युवती (बदला हुआ नाम रजनी) ने भी आरोप लगाया कि उस पर शादी और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया।
उसने कहा कि इनकार करने पर धमकी दी गई। इसके अलावा कुछ मामलों में आदिवासी महिलाओं को पैसे का लालच देकर उनके नाम पर जमीन खरीदने की बात भी सामने आई। गाँव के लोगों का कहना है कि कई जगह जमीन जनजातियों के नाम है, लेकिन कब्जा दूसरे लोगों का है।
गाँवों में बढ़ता विवाद, प्रशासन ने शुरू की जाँच
दुद्धी और बघाडू जैसे गाँवों में जमीन को लेकर तनाव बढ़ रहा है। कुछ मामलों में जनजातीय महिला के नाम जमीन रजिस्ट्री हुई, लेकिन कब्जा किसी और का पाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले जनजातीय महिला से शादी की जाती है, फिर उसके नाम से जमीन खरीदकर बाद में ट्रांसफर कराने की कोशिश होती है।
हालाँकि कुछ लोग इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताते हैं और कहते हैं कि अंतरजातीय शादी कानूनन मान्य है। उनका दावा है कि जमीन खरीद-बिक्री भी नियमों के तहत हुई है। सोनभद्र के SP अभिषेक वर्मा ने कहा है कि सभी मामलों की जाँच की जा रही है।

