AI से काशी के मणिकर्णिका घाट पर टूटी मूर्तियों तस्वीरें बनाकर कीं शेयर, सरकार को बताया ‘औरंगजेब’: 8 लोगों पर UP पुलिस ने दर्ज की FIR

उत्तर प्रदेश के वाराणसी के मणिकर्णिका घाट को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और बुलडोजर कार्रवाई की अफवाहों पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त चेतावनी के बाद वाराणसी पुलिस ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और AI जनरेटेड सामग्री फैलाने के आरोप में आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने विकास कार्य कर रही कंपनी की शिकायत पर चौक थाना क्षेत्र में यह FIR दर्ज की है।

AI तस्वीरों और भ्रामक प्रचार पर पुलिस की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर मणिकर्णिका घाट की कई तस्वीरें शेयर करते हुए यह दावा किया गया था कि प्रशासन की तरफ से यहाँ मूर्तियों को तोड़ा जा रहा है। इन लोगों पर गलत जानकरी फैलाने, हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाले लोगों को धोखा देने, भ्रमित करने, समाज में आक्रोश पैदा करने और सामाजिक सौहार्द खराब करने का आरोप है।

शिकायत के अनुसार, तस्वीरों के माध्यम से सरकार को मुगल आक्रांता औरंगजेब से जोड़ा गया जिससे सामाजिक सौहार्द खराब हुआ है। 

जाँच में सामने आया कि कई तस्वीरें AI से तैयार की गई थीं। घाट पर निर्माण कार्य करा रही कंपनी के एक पदाधिकारी की शिकायत पर BNS की धाराओं 196, 298, 299 और 353 के तहत आठ अलग-अलग मामलों में केस दर्ज किया गया है।

योगी सरकार का स्पष्ट संदेश: विकास के साथ आस्था की सुरक्षा

इस पूरे विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में शनिवार (17 जनवरी 2026) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार का पक्ष मजबूती से रखा था। उन्होंने कहा कि कुछ लोग काशी को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। ऐसा ही काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के समय हुआ था।

सीएम ने साफ किया था कि विकास कार्यों में किसी भी मंदिर या मूर्ति को नुकसान नहीं पहुँचाया गया है। जो मूर्तियाँ अस्थायी रूप से हटाई गईं, उन्हें पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है।

योगी आदित्यनाथ ने यह भी स्पष्ट किया था कि काशी का विकास उसकी आस्था और विरासत की रक्षा करते हुए ही किया जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई को सरकार ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और झूठे प्रचार पर रोक लगाने की दिशा में जरूरी कदम बताया है।