भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक एवं मत्स्य पालन राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका राज्यसभा का छह साल का कार्यकाल पूरा हो गया था। उन्होंने मंगलवार (23 जून 2026) को ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंपा। राष्ट्रपति ने उनके इस्तीफे को मंजूर कर लिया है।
राष्ट्रपति भवन के एक बयान में कहा गया, “भारत के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत केंद्रीय मंत्रिपरिषद से जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।”
जॉर्ज कुरियन कौन हैं?
केरल के कोट्टायम जिले में 20 सितंबर 1960 को जन्मे जॉर्ज कुरियन पेशे से वकील हैं और उन्होंने बीएससी, एमए (हिंदी) व एलएलबी की पढ़ाई की है। वे 1980 में बीजेपी की स्थापना के समय से ही पार्टी से जुड़े हुए हैं और चार दशक से अधिक समय तक संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियाँ निभा चुके हैं। केरल बीजेपी के प्रमुख नेताओं में गिने जाने वाले कुरियन ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्य इकाई के उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले हैं।
जॉर्ज कुरियन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान तब मिली जब उन्हें राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। बीजेप ने उन्हें केरल और ईसाई समुदाय के बीच पार्टी का महत्वपूर्ण चेहरा माना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केरल दौरों के दौरान वे कई बार मलयालम अनुवादक की भूमिका में भी नजर आए।
जून 2024 में नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में उन्हें केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया गया और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में जिम्मेदारी सौंपी गई। बाद में अगस्त 2024 में वे मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य भी निर्वाचित हुए।

