वामपंथियों को अब राष्ट्रगीत-राष्ट्रगान से भी दिक्कत, तमिलनाडु CM विजय के शपथ ग्रहण को लेकर खड़ा किया विवाद: CPI बोली- ‘तमिल थाई वाजथु’ को पहले बजाना था

CPI ने 10 मई 2026 को तमिलनाडु में सी जोसेफ विजय के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान बजाए गए गीतों के क्रम पर आपत्ति जताई है। नई सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सीपीआई ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की है कि ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) को तीसरे स्थान पर बजाया गया, जबकि उससे पहले ‘वंदे मातरम’ और ‘राष्ट्रगान’ बजाए गए।

सीपीआई ने कहा कि तमिलनाडु में यह एक पुरानी परंपरा रही है कि सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत ‘तमिल थाई वाज़थु’ से की जाती है और समापन ‘राष्ट्रगान’ से होता है।

तमिलनाडु सीपीआई के सचिव एम. वीरपांडियन ने एक पत्र जारी कर इस बात पर आपत्ति जताई है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिलथाई वाजथु’ को ‘वंदे मातरम’ और ‘राष्ट्रगान’ के बाद तीसरे स्थान पर रखा गया था। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार को राज्य की जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि तीसरे स्थान पर रखने के लिए कौन जिम्मेदार था।

सीपीआई नेता ने कहा, “राजभवन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, तमिलनाडु सरकार द्वारा आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ गीत को प्राथमिकता देना और तमिल गीत को तीसरे स्थान पर रखना, स्थापित परंपरा का उल्लंघन है।
तमिलनाडु सरकार को जनता को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस चूक के लिए कौन जिम्मेदार था।”

उन्होंने आगे कहा कि ‘तमिलगा वेट्री कजगम’ यानी टीवीके को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ‘तमिलथाई वाजथु’ को ही सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस तरह की ‘गलती’ की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और प्रोटेम स्पीकर की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि 11 मई 2026 को होने वाले विधानसभा सत्र में इस तरह न हो। साथ ही सभी सरकारी कार्यक्रमों और समारोहों में, ‘तमिलथाई वाज़थु’ सबसे पहले गाया जाए और राष्ट्रगान अंत में बजाया जाए। 11 मई को विधानसभा में विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह है।