यूसुफ पठान के कब्जे वाले सरकारी प्लॉट की होगी नीलामी: विरोध में उतरे स्थानीय लोग, बोले- पहले 14 साल के कब्जे के ₹7.50 करोड़ वसूलो

गुजरात में वडोदरा महानगरपालिका (VMC) और पूर्व क्रिकेटर व TMC सांसद यूसुफ पठान के बीच जमीन विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हाल ही में हुई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की स्टैंडिंग कमिटी की मीटिंग में यूसुफ पठान के कब्जे वाले 978 स्क्वेयर मीटर के प्लॉट समेत कुल 7 प्लॉट की नीलामी का प्रस्ताव रखा गया है। इस मीटिंग में कुल 12 कामों में से 11 को मंजूरी दी गई और यह प्रस्ताव अब जनरल मीटिंग में भेज दिया गया है।

इस विवाद की शुरुआत वर्ष 2012 में हुई थी, जब यूसुफ पठान ने तांदलजा इलाके में स्थित इस सरकारी प्लॉट को हासिल करने के लिए आवेदन किया था। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने उनकी माँग स्वीकार कर ली थी लेकिन राज्य सरकार ने इसकी मंजूरी नहीं दी। इसके बावजूद आरोप है कि सरकारी जमीन पर दीवार और पशुओं का शेड बनाकर कब्जा कर लिया गया जिसके बाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को नोटिस जारी करनी पड़ी थी।

यूसुफ पठान म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के नोटिस के खिलाफ गुजरात हाई कोर्ट गए थे। हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पूर्व क्रिकेटर को प्लॉट खाली करने को कहा और कहा कि जमीन खाली करने में जितना ज्यादा समय लगेगा, उतना ज्यादा जुर्माना देना होगा। हालाँकि, कोर्ट के कोई स्टे ऑर्डर न देने के बावजूद नगर निगम ने अभी तक इस जगह से कब्जा हटाकर जमीन अपने कब्जे में नहीं ली है।

दूसरी ओर, नगर निगम के नीलामी के इस फैसले का स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। ‘विश्वामित्री बचाओ समिति’ ने मेयर और कमिश्नर को लिखित शिकायत देकर देकर नीलामी पर एतराज जताया है। समिति का कहना है कि नगर निगम के नियमों के मुताबिक, यूसुफ पठान से 2012 से 2026 तक 14 साल तक गैर-कानूनी इस्तेमाल के लिए ब्याज के साथ करीब ₹7.50 करोड़ का जुर्माना वसूला जाना चाहिए।

समिति ने आरोप लगाया है कि यह जुर्माना रकम वसूले बिना सीधे बाजार भाव पर प्लॉट की नीलामी करना अधिकारों का गलत इस्तेमाल होगा। जिससे नगर निगम को पैसे का नुकसान होगा और कब्जा करने वाले को फायदा होगा। समिति ने जोर देकर माँग की है कि इस प्लॉट की नीलामी की प्रक्रिया तब तक रोकी जाए जब तक हाई कोर्ट में केस का पूरी तरह से निपटारा न हो जाए और 14 साल का बाकी जुर्माना वसूल न हो जाए।