पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) का 15 साल लंबा शासन गुरुवार (7 मई 2026 ) से औपचारिक रूप से समाप्त हो गया। राज्यपाल आरएन रवि ने 7 मई 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग करने का आदेश जारी कर दिया। लोक भवन से जारी आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत यह फैसला लिया गया। कोलकाता गजट में प्रकाशित इस अधिसूचना के अनुसार टीएमसी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद विधानसभा भंग की गई।
पश्चिम बंगाल के लोक भवन द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक राज्यपाल आर.एन. रवि ने विधानसभा को भंग कर दिया है और यह फैसला 7 मई 2026 से लागू हो गया है। इसका सीधा सा मतलब है कि अब राज्य में न कैबिनेट बची है और न ही ममता बनर्जी मुख्यमंत्री पद पर हैं। यह बदलाव संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लागू हुआ है।
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— Lok Bhavan, West Bengal (@lokbhavan_wb) May 7, 2026
इससे पहले इस हफ्ते हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने भारी जीत दर्ज की। भाजपा ने 207 सीटें हासिल कीं जबकि ममता बनर्जी की तृणमूल कॉन्ग्रेस मात्र 80 सीटों पर सिमट गई। इस जीत के साथ ही बंगाल में 15 साल बाद सत्ता परिवर्तन की राह साफ हो गई।
बता दें कि विधानसभा भंग होने से पहले ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा था कि मेरे इस्तीफा देने का कोई सवाल ही नहीं है। हम जनादेश से नहीं हारे, बल्कि साजिश से हारे हैं। ममता ने चुनाव परिणाम को जनता की इच्छा नहीं मानते हुए इसे साजिश बताया।
राज्यपाल के आदेश के बाद अब बंगाल में नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। टीएमसी शासन के अंत के साथ बंगाल की राजनीति में नया अध्याय शुरू हो गया है।

