पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूँ कबीर ने ममता बनर्जी पर बेहद गंभीर आरोप लगा दिए। भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इस संबंध में एक वीडियो साझा किया है, जिसमें हुमायूँ कबीर को यह कहते सुना जा सकता है कि उन्हें सांप्रदायिक बयानबाजी करने के लिए ऊपर से ऑर्डर मिले थे।
MLA हुमायूँ कबीर ने कहा, “ममता बनर्जी ने मुझे यूसुफ पठान की चुनावी जीत पक्का करने का आदेश दिया था। उनके आदेश को पूरा करने के लिए, मैंने 1 मई 2024 को शाम 7 बजे हिंदू समाज के खिलाफ भड़काऊ बातें कहीं। मैंने 30 अप्रैल 2024 को भी ऐसा ही एक और भाषण दिया था। मैं भीड़ में मौजूद लाखों लोगों के सामने अपने हिंदू भाइयों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए माफी माँगना चाहता हूँ।”
“Mamata Banerjee asked me to give hate speeches against Hindus to ensure Yusuf Pathan’s victory,” — TMC MLA Humayun Kabir.
— Amit Malviya (@amitmalviya) January 31, 2026
This is the same Humayun Kabir who, in 2024, openly threatened that he would throw Hindus into the Bhagirathi River.
Let that sink in.
Hate speech.… pic.twitter.com/DDIt34i3Ct
इस खुलासे ने उन पुराने विवादों को फिर से हवा दे दी है जब चुनाव के दौरान कबीर ने हिंदुओं को खुलेआम धमकी दी थी। उस वक्त उन्होंने एक जनसभा में कहा था कि ‘अगर तुम 70 फीसदी हो तो हम भी 30 फीसदी हैं’, और दो घंटे के भीतर भागीरथी नदी में बहा देने की बात कही थी।
अब विधायक के इस ताजा कबूलनामे ने राज्य की सियासत में आग लगा दी है। भाजपा इस मुद्दे को लेकर ममता सरकार पर हमलावर है और इसे तुष्टीकरण की राजनीति का सबसे गंदा चेहरा बता रही है।

