पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में ED पर हमले के मामले में एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस ने तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की दो वरिष्ठ महिला नेताओं को गिरफ्तार किया है जिनके संबंध मुख्य आरोपित शेख शाहजहाँ के साथ बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार नेताओं की पहचान सबीता रॉय और मिथु सरदार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों को मंगलवार (19 मई 2026) रात दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर/नरेंद्रपुर इलाके से पकड़ा गया।
सबीता रॉय बेसिरहाट संगठनात्मक जिला TMC महिला विंग की अध्यक्ष हैं और सन्देशखाली-1 पंचायत समिति की चेयरपर्सन भी हैं। वहीं, मिथु सरदार सन्देशखाली-1 ब्लॉक TMC की अध्यक्ष हैं और उसी पंचायत समिति में कार्यकारी पद पर भी हैं। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद दोनों नेताओं को बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच बसीरहाट सब-डिविजनल कोर्ट में पेश किया जाएगा और उनकी पुलिस रिमांड की माँग की जाएगी।
जाँच एजेंसियों के मुताबिक, जब संदेशखाली इलाके में पुलिस की सख्त कार्रवाई और छापेमारी शुरू हुई तो दोनों नेताओं ने गिरफ्तारी के डर से इलाके से भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल टावर लोकेशन ट्रैकिंग और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर एक संयुक्त छापेमारी की। यह छापेमारी नजत पुलिस स्टेशन और स्थानीय इंटेलिजेंस टीम ने मिलकर देर रात नरेंद्रपुर इलाके में की, जहाँ दोनों नेताओं को छिपे हुए पाया गया और गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का यह भी कहना है कि दोनों आरोपित नेताओं की भूमिका शेख शाहजहाँ के साथ जुड़े हमले में संदिग्ध है। आरोप है कि वे भीड़ जुटाने और हालात को भड़काने में शामिल हो सकती हैं। हालाँकि, इस मामले में उनकी भूमिका की विस्तृत जाँच अभी जारी है।
यह घटना 5 जनवरी 2024 की है, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम केंद्रीय बलों के साथ राशन घोटाले की जाँच के सिलसिले में सन्देशखाली स्थित शेख शाहजहाँ के घर पहुँची थी। इसी दौरान भीड़ ने ED टीम पर हमला कर दिया था जिसमें कई अधिकारी घायल हो गए थे। हमले के दौरान शेख शाहजहां के समर्थन में नारे भी लगाए गए थे। जाँच एजेंसियों का मानना है कि यह हमला पहले से योजनाबद्ध था ताकि छापेमारी को रोका जा सके।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार दोनों महिला नेताओं पर यह भी आरोप है कि उन्होंने भीड़ को इकट्ठा करने और हिंसा भड़काने में भूमिका निभाई। साथ ही उनसे यह भी पूछताछ की जा रही है कि इस घटना की योजना कैसे बनी और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे। इसके अलावा, उन पर 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा और इलाके में अशांति फैलाने से जुड़े आरोप भी पहले से लगे हुए हैं।

