अब नोएडा में कर्मचारियों की सैलरी लटकाए नहीं रख सकती प्राइवेट कंपनियाँ, योगी सरकार ने तय की डेडलाइन: ओवरटाइम दोगुना, बोनस भी किया सुनिश्चित

नोएडा में प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों के प्रदर्शन ने सोमवार (13 अप्रैल 2026) को हिंसक रूप ले लिया। पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया। इसी बीच योगी सरकार ने श्रमिकों के हित में आदेश जारी किए हैं। अब गौतमबुद्ध नगर जिले में काम करने वाले श्रमिकों के लिए दोगुना ओवरटाइम भुगतान, समय पर सैलरी और बोनस सीधे बैंक खाते में जमा करना जरूरी कर दिया गया है।

दरअसल, सीएम योगी आदित्नयाथ के निर्देशों पर रविवार (12 अप्रैल 2026) को गौतमबुद्ध नगर प्रशासन की बैठक हुई। बैठक में प्रशासन ने औद्योगिक इकाइयों के लिए नए दिशानिर्देश लागू किए हैं। प्रशासन ने बताया कि इन नियमों के जरिए श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और जिले को श्रम सुधारों के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बैठक में इन दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने साफ किया कि श्रमिकों से ओवरटाइम काम लेने पर उन्हें नियमित मजदूरी की तुलना में दोगुना भुगतान करना जरूरी होगा। इसके साथ ही ओवरटाइम भुगतान में किसी भी तरह की कटौती की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को कर्मचारियों को हफ्ते में एक दिन छुट्टी देने के भी निर्देश दिए और अगर कोई कर्मचारी रविवार को काम करता है, तो उसे दोगुनी दर से मजदूरी दी जाएगी।

प्रशासन ने वेतन भुगतान की प्रक्रिया को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। सभी उद्योगों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारियों को हर महीने की 10 तारीख तक एक ही किस्त में वेतन दिया जाए। इसके साथ ही कर्मचारियों को वेतन पर्ची देना भी अनिवार्य होगा। निर्देशों के अनुसार, 30 नवंबर तक सभी कर्मचारियों के बैंक खातों में बोनस की राशि सीधे जमा कराई जाएगी।

महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी कई निर्देश जारी किए गए हैं। सभी उद्योगों को यौन उत्पीड़न के मामलों के निपटारे के लिए आंतरिक शिकायत समिति गठित करनी होगी, जिसकी अध्यक्षता महिला सदस्य करेंगे। इसके अलावा कार्यस्थल पर शिकात पेटियाँ लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों की शिकायतों के समाधान के लिए प्रशासन ने कंट्रोल रूम भी स्थापित करने के निर्देश दिए।

प्रशासन का कहना है कि इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए नियमित निगरानी की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।