Wednesday, April 14, 2021
Home विचार राजनैतिक मुद्दे मसूद अज़हर पर गूँगी-बहरी हैं अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ, क्योंकि वो खुलेआम Pak से दे रहा...

मसूद अज़हर पर गूँगी-बहरी हैं अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ, क्योंकि वो खुलेआम Pak से दे रहा है धमकी

पहले भी भारतीय एजेंसियों ने बहुत ज़्यादा सबूत मुहैया कराए हैं। पाकिस्तानी आतंक से तबाह अन्य पड़ोसी देशों ने भी इतना सबूत अभी तक पाकिस्तान को दे दिया है कि अगर पाकिस्तान उसे कबाड़ के भाव भी बेचे तो कुछ दिन उसका ख़र्चा चल जाएगा।

पाकिस्तान और आतंकवाद एक दूसरे के पर्याय हैं। अनगिनत बार इस बात के प्रमाण मिल चुके हैं, फिर भी यूनाइटेड नेशन से लेकर अन्य तमाम मानवाधिकारवादी राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय संस्थाएँ इस पर ख़ामोश हैं। क्यों? ये सवाल कौन उठाएगा? किससे उम्मीद की जाए? इन सभी संस्थाओं को इन आतंकियों के मानवाधिकार दिखते हैं लेकिन जो अनगिनत लोग इनके आतंक का शिकार हो रहे हैं, उस पर अज़ीब सा सन्नाटा है। क्यों? ये वही जानें कि आतंक और आतंकवाद पर इस सभी संस्थाओं का दोहरा रवैया क्यों है? बार-बार अनेक प्रमाण मिलने पर भी ये मौन चुभता है, उन सभी को जिनके अंदर थोड़ी सी भी मानवता और संवेदनशीलता बची हुई है।

हालिया मामला पुलवामा का है, जिसमें 44 CRPF के जवान एक आत्मघाती हमले में आतंक का शिकार हो गए। इस घटना की खुलेआम ज़िम्मेदारी ‘जैश-ए-मुहम्मद’ के लेने के बाद भी उसका सरगना मसूद अज़हर न सिर्फ़ पाकिस्तान में घूम रहा है बल्कि ख़ुद ये स्वीकार भी रहा है कि उसे पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने सुरक्षा मुहैया कराया है। कल ही इमरान खान पुलवामा आत्मघाती हमले में पाकिस्तान के शामिल होने का सबूत माँग रहे थे, जबकि पहले भी भारतीय एजेंसियों ने बहुत ज़्यादा सबूत मुहैया कराए हैं। पाकिस्तानी आतंक से तबाह अन्य पड़ोसी देशों ने भी इतना सबूत अभी तक पाकिस्तान को दे दिया है कि अगर पाकिस्तान उसे कबाड़ के भाव भी बेचे तो कुछ दिन उसका ख़र्चा चल जाएगा।

पुलवामा अटैक से पहले एक वीडिओ में जैश-ए-मुहम्मद सरग़ना मौलाना मसूद अज़हर कुछ आतंकियों के सामने तक़रीर देते हुए कह रहा है:

“मैं देख रहा हूँ ख़ुदा की क़सम मेरी आँखों में आँसू आ गए। मैं रब्बे क़ाबा की ताक़त पर क़ुर्बान हो गया। हमारे वर्दी वाले भाई (पाकिस्तानी सेना) इसी झंडे (जैश-ए-मुहम्मद का) की दिलेरी में हमारे साथ-साथ चल रहे हैं। अल्लाह के सिवा कोई ग़ालिब नहीं हो सकता। अल्लाह की ताक़त ही सब पर ग़ालिब है। ख़ुदा की क़सम अपनी खुली आँखों से देख सकते हो। पुलवामा की किसी बच्ची का नाम गूगल पर लिखकर सर्च करो। तुम्हे कश्मीर के गाँव नज़र आएँगे। घरों पर जैश-ए-मुहम्मद के झंडे और दरवाजों पर अमीरे जैश की तस्वीर (मसूद अज़हर की), अमीरे जैश के लिखे मज़ामीन (जो कुछ लिखा है) को हिन्दुस्तान नहीं उतार सकता। अल्लाह ने हमारे फिदाईन के ख़ून के टुकड़ों की बरक़त से हमें यहाँ तक पहुँचाया है। लेकिन अभी काम ख़त्म नहीं हुआ है।”

ये कौन सा काम है, जो अभी बाकी है? कब इस आतंकी सरगना के मंसूबों पर लग़ाम लगाई जाएगी? इस तक़रीर में वह खुलेआम पुलवामा का नाम ले रहा है। वह पाकिस्तानी सैनिकों को धन्यवाद दे रहा है। वह फिदाइनों की तारीफ़ कर अन्य को फिदाईन बनने के लिए उकसा रहा है। यह सब पाकिस्तान की सरजमीं पर वहाँ के आर्मी की सरपरस्ती में हो रहा है। क्या इससे बड़ा सबूत भी चाहिए?

एक और बात मुझे चुभती है। इस्लाम तो शांति का धर्म है। वामपंथी बुद्धिजीवियों ने हमेशा इस बात का समर्थन भी किया है, तर्क भी दिए हैं। लेकिन शांतिपूर्ण इस्लाम इतना असहिष्णु क्यों है? क्यों पैगम्बर मुहम्मद के कार्टून बना देने भर से शार्ली ऐब्दो पर इस्लामी आतंकियों का क़हर टूट पड़ता है? क्यों शिया-सुन्नी के नाम पर ये पूरी क़ौम क़त्लेआम पर उतारू हो जाती है।

जैश-ए-मुहम्मद नामक आतंकी आत्मघाती संगठन बनाकर बेगुनाहों को मारने से क्या पैग़म्बर साहब खुश होते होंगे? क्या आज तक किसी मानवाधिकारवादी, अंतरराष्ट्रीय या किसी फ़तवावीर ने कोई आदेश या फ़तवा जारी किया कि ऐसे आतंकी दस्ते न बनाए जाएँ। बावजूद इसके कि सारी दुनिया आज ऐसे संगठनों के नाम पर थूक रही है, ऐसा कोई फ़तवा या आदेश सुनने में नहीं आया है।

वैसे पुलवामा हमले के बाद जिस तरह से देश भर में छिपे ‘शांति दूत’ सामने आए खुशियाँ मनाते हुए, उससे उनकी छिपी सड़ी हुई मानसिकता एक बार फिर उजागर हुई। पता नहीं कब तक यूँ ही ये आतंकी संगठन पकिस्तान की कोख़ में अंतरराष्ट्रीय संगठनों की नज़रों के सामने खुलेआम पलते रहेंगे और पूरी विश्व बिरादरी इस पर आँख मूँदे फिर से किसी नए आतंकी हमले तक गूँगी-बहरी बनी रहेगी?

इन सब विडम्बनाओं के बावजूद एक बार फिर भारत आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अज़हर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित करने की दिशा में कूटनीतिक पहल कर रहा है। इस पहल में फ्रांस ने कहा है कि वह अगले कुछ दिनों में आतंकी मसूद अज़हर पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव लाएगा। हालाँकि जैश-ए-मोहम्मद को पहले ही संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंधित कर रखा है। फिर भी अज़ीब बात ये है कि यह आतंकी पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहा है। भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए एक बार फिर कूटनीतिक अभियान चला रहा है। पर अंज़ाम क्या होगा? क्या कोई देश फिर वीटो पावर के नाम पर अड़ंगा लगाएगा या इस आतंकी को उसके अंजाम तक पहुँचाया जाएगा, इस पर सभी की निगाहे हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

रवि अग्रहरि
अपने बारे में का बताएँ गुरु, बस बनारसी हूँ, इसी में महादेव की कृपा है! बाकी राजनीति, कला, इतिहास, संस्कृति, फ़िल्म, मनोविज्ञान से लेकर ज्ञान-विज्ञान की किसी भी नामचीन परम्परा का विशेषज्ञ नहीं हूँ!

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

उद्धव ठाकरे ने लगाई कल रात से धारा 144 के साथ ‘Lockdown’ जैसी सख्त पाबंदियाँ, उन्हें बेस्ट CM बताने में जुटे लिबरल

महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने राज्य में कोरोना की बेकाबू होती रफ्तार पर काबू पाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने पीएम से अपील की है कि राज्य में विमान से ऑक्सीजन भेजी जाए। टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाई जाए।

पाकिस्तानी पाठ्यपुस्तकों में पढ़ाया जा रहा काफिर हिंदुओं से नफरत की बातें: BBC उर्दू डॉक्यूमेंट्री में बच्चों ने किया बड़ा खुलासा

वीडियो में कई पाकिस्तानी हिंदुओं को दिखाया गया है, जिन्होंने पाकिस्तान में स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में हिंदू विरोधी प्रोपेगेंडा की तरफ इशारा किया है।

‘पेंटर’ ममता बनर्जी को गुस्सा क्यों आता है: CM की कुर्सी से उतर धरने वाली कुर्सी कब तक?

पिछले 3 दशकों से चुनावी और राजनीतिक हिंसा का दंश झेल रही बंगाल की जनता की ओर से CM ममता को सुरक्षा बलों का धन्यवाद करना चाहिए, लेकिन वो उनके खिलाफ जहर क्यों उगल रही हैं?

यूपी के 15,000 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल हुए अंग्रेजी मीडियम, मिशनरी स्कूलों को दे रहे मात

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे भी मिशनरी व कांवेंट स्कूलों के छात्रों की तरह फर्राटेदार अंग्रेजी बोल सकें। इसके लिए राज्य के 15 हजार स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम बनाया गया है, जहाँ पढ़ कर बच्चे मिशनरी स्कूल के छात्रों को चुनौती दे रहे हैं।

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के छबड़ा में हिंसा क्यों? कमल के साथ फरीद, आबिद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन क्या हुआ? बैंसला ने ऑपइंडिया को सब कुछ बताया।

दिल्ली में नवरात्र से पहले माँ दुर्गा और हनुमान जी की प्रतिमाओं को किया क्षतिग्रस्त, सड़क पर उतरे लोग: VHP ने पुलिस को चेताया

असामाजिक तत्वों ने न सिर्फ मंदिर में तोड़फोड़ मचाई, बल्कि हनुमान जी की प्रतिमा को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। बजरंग दल ने किया विरोध प्रदर्शन।

प्रचलित ख़बरें

‘हमें बार-बार जाना पड़ता है, वो वॉशरूम कब जाती हैं’: साक्षी जोशी का PK से सवाल- क्या है ममता बनर्जी का टॉयलेट शेड्यूल

क्लबहाउस पर बातचीत में ‘स्वतंत्र पत्रकार’ साक्षी जोशी ने ममता बनर्जी की शौचालय की दिनचर्या के बारे में उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से पूछताछ की।

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

राजस्थान: छबड़ा में सांप्रदायिक हिंसा, दुकानों को फूँका; पुलिस-दमकल सब पर पत्थरबाजी

राजस्थान के बारां जिले के छबड़ा में सांप्रदायिक हिसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया गया है। चाकूबाजी की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने...

रूस का S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और US नेवी का भारत में घुसना: ड्रैगन पर लगाम के लिए भारत को साधनी होगी दोधारी नीति

9 अप्रैल को भारत के EEZ में अमेरिका का सातवाँ बेड़ा घुस आया। देखने में जितना आसान है, इसका कूटनीतिक लक्ष्य उतनी ही कॉम्प्लेक्स!

भाई ने कर ली आत्महत्या, परिवार ने 10 दिनों तक छिपाई बात: IPL के ग्राउंड में चमका टेम्पो ड्राइवर का बेटा, सहवाग भी हुए...

IPL की नीलामी में चेतन सकारिया को अच्छी खबर तो मिली, लेकिन इससे तीन सप्ताह पहले ही उनके छोटे भाई ने आत्महत्या कर ली थी।

जहाँ खालिस्तानी प्रोपेगेंडाबाज, वहीं मन की बात: क्लबहाउस पर पंजाब का ठेका तो कंफर्म नहीं कर रहे थे प्रशांत किशोर

क्लबहाउस पर प्रशांत किशोर का होना क्या किसी विस्तृत योजना का हिस्सा था? क्या वे पंजाब के अपने असायनमेंट को कंफर्म कर रहे थे?
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,173FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe