Thursday, November 26, 2020
Home बड़ी ख़बर कश्मीर जनमत संग्रह: पाकिस्तान का एजेंडा चला रहे हैं कमल हासन... लेकिन क्यों?

कश्मीर जनमत संग्रह: पाकिस्तान का एजेंडा चला रहे हैं कमल हासन… लेकिन क्यों?

भारत ने 1947, 48 और 1951 में कई बार अपने इस स्टैंड को साफ़ किया था। लेकिन पकिस्तान बार-बार जनमत-संग्रह की बात पर मुकरता रहा।

कमल हासन ने एक नया बयान दिया है। कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बोलते हुए कमल हासन ने भारत सरकार से सवाल किया है कि वह जम्मू-कश्मीर में जनमत संग्रह क्यों नहीं करा रही है? दरअसल, कमल हासन गलत संस्था से सवाल कर रहे हैं। उन्हें यही सवाल पाकिस्तान सरकार से पूछना चाहिए। उन्हें पाकिस्तान सरकार से पूछना चाहिए कि आख़िर उसने क्यों कश्मीर में जनमत-संग्रह की बात को अस्वीकार कर दिया था?

यहाँ सबसे पहले पाक पीएम इमरान खान के सुरक्षा परिषद के कश्मीर रिजोल्यूशन को लेकर कही गई बात की पड़ताल करते हैं। ऐसा इसीलिए, क्योंकि कमल हासन ने जिस जनमत संग्रह की बात की है, उसकी चर्चा इसी रिजोल्यूशन में की गई थी। इमरान खान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से ये अपेक्षा रखते हैं कि वह कश्मीर को लेकर अपनी प्रतिबद्धता पूरी करे। लेकिन यहाँ पर वो ये भूल जाते है कि अप्रैल 1948 में सुरक्षा परिषद् द्वारा कश्मीर समस्या को लेकर स्वीकृत किये गए प्रस्ताव 47 में क्या कहा गया था। कमल हासन को भी इसे समझने की ज़रूरत है।

इस प्रस्ताव में कश्मीर समस्या के समाधान की प्रक्रिया को तीन प्रमुख चरणों में बांटा गया है। इसके पहले चरण में ये साफ़-साफ़ कहा गया है कि सबसे पहले पाकिस्तान कश्मीर में अपनी किसी भी प्रकार की उपस्थिति को ख़त्म करे। कमल हासन से मिलता-जुलता बयान इमरान ख़ान ने भी दिया था। इमरान ख़ान का ये बयान विरोधाभाषी था क्योंकि जिस सुरक्षा परिषद को वो कश्मीर को लेकर अपनी प्रतिबद्धता पूरी करने को कहते रहे हैं, असल में उसी सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव पर अमल करने में वो नाकाम रहे हैं। कमल हासन को सबसे पहले पाकिस्तान को कश्मीर से अपनी उपस्थिति हटाने को कहना चाहिए।

इस प्रस्ताव में सुझाई गई प्रक्रिया का दूसरा चरण है भारत द्वारा धीरे-धीरे कश्मीर में तैनात अपने सेना के जवानों की संख्या में कमी लाना। लेकिन ये तभी संभव है जब पकिस्तान पहले चरण पर पूरी तरह अमल करे और सीमा पार से घुसपैठ करने वाले आतंकियों की संख्या में कमी आए। बता दें कि पाकिस्तान ने कश्मीर के एक बड़े भाग पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है जिसे वहाँ ‘आज़ाद कश्मीर’ बुलाया जाता है। क्या कमल हासन पाकिस्तान को इस प्रक्रिया पर अमल करने की सलाह देंगे?

पकिस्तान आज जिस सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव को अमल में लाने की बात बार-बार करता रहा है, असल में उसने जनमत-संग्रह वाले इस इस प्रस्ताव को 1948 में अस्वीकार कर दिया था। ये इस बात को दिखाता है कि पकिस्तान अपने ही स्टैंड पर कायम रहने में विफल रहा है और कश्मीर पर समय के हिसाब से पैंतरा बदलने में उसने महारत हासिल कर ली है। ये उस देश की अविश्वसनीयता को दिखाता है जो कभी अपने द्वारा ही पूरी तरह अस्वीकार कर दिए गए प्रस्ताव की आज रट लगाये हुए है।

पिनाराई विजयन ने शायद कमल हासन को गलत ट्यूशन पढ़ा दिया है

कमल हासन भारत के नागरिक हैं। विश्वरूपम विवाद के समय जब उन्होंने देश छोड़ने की बात कही थी, तब पूरे देश ने एकजुट होकर उनकी फ़िल्म सिर्फ़ रिलीज़ ही नहीं बल्कि सुपरहिट भी कराई थी। सारे मुस्लिम संगठनों के विरोध के बावजूद उनकी फ़िल्म को लेकर लोगों ने एकता दिखाई। लेकिन, कमल हासन आज पाकिस्तान के एजेंडे को दुहरा रहे हैं, भले ही अनजाने में। अपने ही देश का पक्ष समझे बिना और इतिहास की जानकारी लिए बिना कमल हासन अपने इन बयानों से उस इज्ज़त को तार-तार कर रहे हैं, जो उन्होंने अपने 6 दशक के एक्टिंग करियर से कमाई है।

कमल हासन को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान से यह सवाल पूछना चाहिए कि क्या वह सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 47 पर अमल करने को तैयार हैं? क्या वो कश्मीर से पाकिस्तानियों को हटाने को तैयार हैं? लेकिन, कमल हासन उलटा भारत सरकार से सवाल पूछ रहे हैं। उन्हे इमरान ख़ान से पूछना चाहिए कि आज वो जिस सुरक्षा परिषद की दुहाई देते हैं, उसके प्रस्ताव को उनके देश ने 1948  में अस्वीकार क्यों कर दिया था?

कमल हासन ने आज कश्मीर में जनमत-संग्रह की बात कही है। पकिस्तान समय-समय पर कश्मीर में जनमत-संग्रह कराने की भी माँग करता रहा है लेकिन भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर इस बारे में विस्तृत विवरण दिया गया है जो पकिस्तान की दोहरी नीति को पूरी तरह से बेनक़ाब करता है। इसमें ये बताया गया है कि असल में वो भारत ही था जिसने कश्मीर को लेकर सबसे पहले जनमत-संग्रह कराने की बात की थी। जिस देश ने जनमत संग्रह की बात उठाई थी, उसी से सवाल पूछ कर कमल हासन भारत में बैठ कर पकिस्तान का काम आसान कर रहे हैं।

भारत ने 1947, 48 और 1951 में कई बार अपने इस स्टैंड को साफ़ किया था। लेकिन पकिस्तान बार-बार जनमत-संग्रह की बात पर मुकरता रहा। रिपोर्ट में ये भी लिखा गया है कि इस बात के कई सबूत हैं कि पकिस्तान ने वो हर-संभव कोशिश की जिस से कश्मीर में जनमत-संग्रह टल सके। इसीलिए कमल हासन पाकिस्तान जाएँ, वहाँ के हुक़्मरानों से सवाल करें कि उन्होंने बार-बार जनमत-संग्रह की बात क्यों ठुकराई? कमल हासन के राजनीतिक गुरु केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के ट्यूशन में शायद यही पढ़ाया जाता हो।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

फरीदी, जफर द्वारा संचालित 2 मेडिकल कॉलेज पर अंग तस्करी के आरोप, CM योगी ने दिए जाँच के आदेश

इंटिग्रल मेडिकल इंस्टिट्यूट के डीन हैं - जफर इदरिस और एरा मेडिकल कॉलेज के डीन हैं - डॉ फरीदी। इन दोनों मेडिकल कॉलेज पर...

क्या है अर्णब-अन्वय नाइक मामला? जानिए सब-कुछ: अजीत भारती का वीडियो | Arnab Goswami Anvay Naik case explained in detail

रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी पर मुंबई पुलिस का चेहरा 4 नवंबर को पूरे देश ने देखा। 20 सशस्त्र पुलिसकर्मी उनके घर में घुसे, घसीटकर उन्हें अलीबाग थाने ले गए।

Cyclone Nivar के अगले 12 घंटे में अति विकराल रूप धरने की आशंका: ट्रेनें, फ्लाइट रद्द, NDRF की टीम तैनात

“तमिलनाडु से लगभग 30,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है और पुडुचेरी से 7,000 लोगों को निकाला गया है। केंद्र, राज्य और स्थानीय सरकारें मिलकर काम कर रही हैं। क्षति को कम करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।”

आखिर CM रावत ने India Today से ये क्यों कहा- भ्रामक खबर फैलाने से बचें?

India Today ने अपने समाचार चैनल पर दावा किया कि उत्तराखंड सरकार ने देहरादून में रविवार, 29 नवम्बर से लॉकडाउन घोषित किया है।

#justiceforkirannegi: CM त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उठाया गैंगरेप पीड़िता के परिवार को इंसाफ दिलाने का बीड़ा, कहा- अब चुप नहीं बैठेंगे

आज सोशल मीडिया के कारण किरण नेगी का यह मामला मुख्यधारा में आया है। उत्तराखंड की बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए सीएम त्रिवेंद्र रावत ने इस पर स्वयं संज्ञान ले लिया है।

‘पहले सिर्फ ऐलान होते थे, 2014 के बाद हमने सोच बदली’: जानिए लखनऊ यूनिवर्सिटी के स्‍थापना दिवस पर क्या बोले PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। इस दौरान राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ के साथ ही अन्य मंत्री भी आनलाइन जुड़े रहे।

प्रचलित ख़बरें

फैक्टचेक: क्या आरफा खानम घंटे भर में फोटो वाली बकरी मार कर खा गई?

आरफा के पाँच बज कर दस मिनट वाले ट्वीट के साथ एक ट्वीट छः बज कर दस मिनट का था, जिसके स्क्रीनशॉट को कई लोगों ने एक दूसरे को व्हाट्सएप्प पर भेजना शुरु किया। किसी ने यह लिखा कि देखो जिस बकरी को सीने से चिपका कर फोटो खिंचा रही थी, घंटे भर में उसे मार कर खा गई।

ओवैसी को सूअर वाली स्वादिष्ट बिरयानी खिलाने का ऑफर, AIMIM नेता के बीफ बिरयानी पर BJP का पलटवार

"मैं आपको आज बिरयानी का निमंत्रण दे रहा हूँ। वाल्मिकी समुदाय के लोग पोर्क के साथ बिरयानी अच्छी बनाते हैं। आइए हम आपको स्वादिष्ट बिरयानी..."

‘मेरे पास वकील रखने के लिए रुपए नहीं हैं’: सुप्रीम कोर्ट में पूर्व सैन्य अधिकारी की पत्नी से हरीश साल्वे ने कहा- ‘मैं हूँ...

साल्वे ने अर्णब गोस्वामी का केस लड़ने के लिए रिपब्लिक न्यूज नेटवर्क से 1 रुपया भी नहीं लिया। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में उन्होंने कुलभूषण जाधव का केस भी मात्र 1 रुपए में लड़ा था।

अहमद पटेल की मौत का कॉन्ग्रेस को कितना दुख? सुबह किया पहले राहुल को कोट, फिर जताया अपने नेता की मृत्यु पर शोक

कॉन्ग्रेस के लिए पहला काम था-राहुल गाँधी का संदेश शेयर करना ताकि किसी मायने में उसकी गंभीरता सोशल मीडिया यूजर्स के सामने न दब जाए और लोग अहमद पटेल के गम में राहुल गाँधी के कोट को पढ़ना न भूल जाएँ।

‘मुस्लिमों ने छठ में व्रती महिलाओं का कपड़े बदलते वीडियो बनाया, घाट पर मल-मूत्र त्यागा, सब तोड़ डाला’ – कटिहार की घटना

बिहार का कटिहार मुस्लिम बहुत सीमांचल का हिस्सा है, जिसकी सीमाएँ पश्चिम बंगाल से लगती हैं। वहाँ के छठ घाट को तहस-नहस कर दिया गया।

इतिहास में गुम हैं मुगलों को 17 बार हराने वाले अहोम योद्धा: देश भूल गया ब्रह्मपुत्र के इन बेटों को

राजपूतों और मराठों की तरह कोई और भी था, जिसने मुगलों को न सिर्फ़ नाकों चने चबवाए बल्कि उन्हें खदेड़ कर भगाया। असम के उन योद्धाओं को राष्ट्रीय पहचान नहीं मिल पाई, जिन्होंने जलयुद्ध का ऐसा नमूना पेश किया कि औरंगज़ेब तक हिल उठा। आइए, चलते हैं पूर्व में।
- विज्ञापन -

मोबाइल चोरी का विरोध करने पर चाकुओं से हमला, पुलिस ने अरेस्ट किया तो कई बार चिल्लाया – ‘अल्लाह-हू-अकबर’

वह कई बार अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाया। अंत में पुलिस उसे गिरफ्तार करके अपने साथ ले गई। पुलिस ने हत्या का प्रयास, आतंकवाद को बढ़ावा...

फरीदी, जफर द्वारा संचालित 2 मेडिकल कॉलेज पर अंग तस्करी के आरोप, CM योगी ने दिए जाँच के आदेश

इंटिग्रल मेडिकल इंस्टिट्यूट के डीन हैं - जफर इदरिस और एरा मेडिकल कॉलेज के डीन हैं - डॉ फरीदी। इन दोनों मेडिकल कॉलेज पर...

‘मैं मध्य प्रदेश की धरती पर ‘लव जिहाद’ नहीं होने दूँगा, ये देश को तोड़ने का षड्यंत्र है’: CM शिवराज सिंह चौहान

“मेरे सामने ऐसे उदाहरण भी हैं कि शादी कर लो, पंचायत चुनााव लड़वा दो और फिर पंचायत के संसाधनों पर कब्जा कर लो। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।"
00:20:48

क्या है अर्णब-अन्वय नाइक मामला? जानिए सब-कुछ: अजीत भारती का वीडियो | Arnab Goswami Anvay Naik case explained in detail

रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी पर मुंबई पुलिस का चेहरा 4 नवंबर को पूरे देश ने देखा। 20 सशस्त्र पुलिसकर्मी उनके घर में घुसे, घसीटकर उन्हें अलीबाग थाने ले गए।
00:16:15

यूपी में लव जिहाद पर अध्यादेश पारित: अजीत भारती का वीडियो | UP passes ordinance on Love Jihad and conversions

नाम छिपाकर शादी करने वाले के लिए 10 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा गैरकानूनी तरीके से धर्म परिवर्तन पर 1 से 10 साल तक की सजा होगी।

Cyclone Nivar के अगले 12 घंटे में अति विकराल रूप धरने की आशंका: ट्रेनें, फ्लाइट रद्द, NDRF की टीम तैनात

“तमिलनाडु से लगभग 30,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है और पुडुचेरी से 7,000 लोगों को निकाला गया है। केंद्र, राज्य और स्थानीय सरकारें मिलकर काम कर रही हैं। क्षति को कम करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।”

आखिर CM रावत ने India Today से ये क्यों कहा- भ्रामक खबर फैलाने से बचें?

India Today ने अपने समाचार चैनल पर दावा किया कि उत्तराखंड सरकार ने देहरादून में रविवार, 29 नवम्बर से लॉकडाउन घोषित किया है।

#justiceforkirannegi: CM त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उठाया गैंगरेप पीड़िता के परिवार को इंसाफ दिलाने का बीड़ा, कहा- अब चुप नहीं बैठेंगे

आज सोशल मीडिया के कारण किरण नेगी का यह मामला मुख्यधारा में आया है। उत्तराखंड की बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए सीएम त्रिवेंद्र रावत ने इस पर स्वयं संज्ञान ले लिया है।

फैक्टचेक: क्या आरफा खानम घंटे भर में फोटो वाली बकरी मार कर खा गई?

आरफा के पाँच बज कर दस मिनट वाले ट्वीट के साथ एक ट्वीट छः बज कर दस मिनट का था, जिसके स्क्रीनशॉट को कई लोगों ने एक दूसरे को व्हाट्सएप्प पर भेजना शुरु किया। किसी ने यह लिखा कि देखो जिस बकरी को सीने से चिपका कर फोटो खिंचा रही थी, घंटे भर में उसे मार कर खा गई।

‘पहले सिर्फ ऐलान होते थे, 2014 के बाद हमने सोच बदली’: जानिए लखनऊ यूनिवर्सिटी के स्‍थापना दिवस पर क्या बोले PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। इस दौरान राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ के साथ ही अन्य मंत्री भी आनलाइन जुड़े रहे।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,385FollowersFollow
357,000SubscribersSubscribe