Wednesday, January 20, 2021
Home बड़ी ख़बर वेतन मौलवियों को और PM 'किसी' को... हद कर दी 'सड़'ने!

वेतन मौलवियों को और PM ‘किसी’ को… हद कर दी ‘सड़’ने!

केजरीवाल ने दिल्ली की क़रीब 200 मस्ज़िदों के मौलवियों के वेतन में भारी बढ़ोतरी की और 1500 अन्य मस्जिदों के कर्मचारियों को भी वेतन देने की घोषणा की।

अरविन्द केजरीवाल ने मोदी-शाह की जोड़ी को रोकने के लिए ‘किसी भी हद’ तक जाने की बात कही है। उनकी हद कहाँ शुरू होती है और कहाँ ख़त्म, इस पर चर्चा जरूरी है लेकिन सबसे पहले उनके बयान के परिपेक्ष्य और बैकग्राउंड को समझने की जरूरत है।

सेक्युलर वातावरण में दिया गया बयान

अरविन्द केजरीवाल ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है। यह बयान ऐसी परिस्थिति में दिया गया है, ताकि यह एकदम सेक्युलर लगे और मीडिया के एक बड़े वर्ग द्वारा सवाल ही न पूछे जा सके। मौका था- दिल्ली के मौलवियों को सम्बोधित करने का। जिस कार्यक्रम स्थल पर उन्होंने यह बड़ा बयान दिया, उसका नाम था- ऐवान-ए-ग़ालिब। सब कुछ लग रहा है न सेक्युलर-सेक्युलर सा। और तो और, अरविन्द केजरीवाल ने यहाँ जो घोषणाएँ कीं, वो भी इतनी सेक्युलर थीं कि कोई इस पर सवाल खड़ा करने से पहले हज़ार बार सोचे।

दरअसल, इस कार्यक्रम में केजरीवाल ने दिल्ली की क़रीब 200 मस्ज़िदों के मौलवियों के वेतन में भारी बढ़ोतरी की और 1500 अन्य मस्जिदों के कर्मचारियों को भी वेतन देने की घोषणा की। इस पर अलग से सवाल खड़ा किया जा सकता है कि दिल्ली के इमाम, मुअज़्ज़िन व मस्ज़िद के अन्य कर्मचारी जनता की कौन सी ऐसी सेवा कर रहे हैं, जिसके कारण केजरीवाल उन पर सरकारी ख़ज़ाना लुटाने को तैयार बैठे हैं। इस बात पर भी बहस की जा सकती है कि मस्जिदों पर सरकारी रुपयों के वारे-न्यारे करने वाली AAP सरकार पुजारियों को कितने भत्ते दे रही है।

मज़बूरी में व्यक्तिगत राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा पर ब्रेक?

लेकिन यहाँ हम केजरीवाल के उस बयान की चर्चा करेंगे, जिस में उन्होंने मोदी-शाह के ख़िलाफ़ किसी भी हद तक जाने की बात कही है। मौलवियों को सम्बोधित करते हुए अरविन्द केजरीवाल ने कहा:

“अभी तो यह किसी को पता नहीं है कि प्रधानमंत्री कौन बनेगा, लेकिन मोदी-शाह को नहीं बनने देंगे। इसके लिए मैं किसी भी हद तक जाने को तैयार हूँ। इसके अलावा, जो भी बन रहा होगा उसको समर्थन दे देंगे। कांग्रेस अगर जीतती है तो उसको भी समर्थन देने को तैयार हैं।”

केजरीवाल के इस बयान के जो मायने निकल कर आ रहे हैं, वो राजनीतिक पंडितों की समझ से परे नहीं हैं, लेकिन इस पर मेनस्ट्रीम मीडिया में ज़्यादा विश्लेषण नहीं किया जाएगा। ऐसा इसीलिए, क्योंकि इस बयान के साथ ही अरविन्द केजरीवाल ने इस बात को स्वीकार कर लिया है कि वो प्रधानमंत्री की रेस में नहीं हैं। ये उन पत्रकारों और मीडिया हाउसेज के लिए शॉकिंग है, जिन्होंने केजरीवाल को पीएम मटेरियल बता-बता कर हमारा कान ख़राब कर दिया था।

सबसे पहले तो इस बात पर चर्चा करते हैं कि प्रधानमंत्री कौन बनेगा? अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि यह किसी को पता नहीं है कि पीएम कौन बनेगा? महागठबंधन और कथित तीसरे मोर्चे के नेताओं का भी इस बारे में क़रीबन यही बयान होता है। सभी ये कहते हुए पाए जाते हैं कि पीएम कौन बनेगा, यह ‘जनता’ तय करेगी। उन्हें पता होना चाहिए कि आज़ादी के बाद 70 सालों से जनता ही प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से प्रधानमंत्री तय करते आ रही है। राजनीति, वंशवाद और मौक़ापरस्ती की मारी भारतीय लोकतंत्र में जनता के चुने हुए प्रतिनिधि ही पीएम का चुनाव करते आ रहे हैं।

केजरीवाल का यह कहना उनकी इस मौन स्वीकृति को दिखाता है कि उन्होंने अपनी राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा पर फ़िलहाल ब्रेक लगा दिया है। उन्होंने ऐसा मज़बूरी में किया है क्योंकि उन्हें अब इस बात का अहसास हो गया है कि AAP के लिए कुछ साल पहले जो वसंती हवा बहाई गई थी, उसने एक ऐसे लू का रूप ले लिया है, जिसमें लोग झुलसना नहीं चाहते। कम से कम केजरीवाल जनता को ये दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह पीएम की रेस में नहीं हैं और पीएम कोई और ही बनेगा।

आपकी ‘हद’ क्या है केजरीवाल ‘सड़’?

अगर अरविन्द केजरीवाल की ‘हद’ की बात करनी हो तो हमें 2014 के आम चुनाव की एक घटना याद करनी पड़ेगी। उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता और कई अपराधों में जेल की हवा खा रहे मुख़्तार अंसारी का यूपी के कई इलाक़ों के मुस्लिमों में अच्छा-ख़ासा प्रभाव था। कई ख़बरों के अनुसार वाराणसी से मोदी के ख़िलाफ़ ताल ठोक रहे केजरीवाल और उनकी पार्टी AAP ने मुख़्तार को लुभाने की भरपूर कोशिश की थी। उस दौरान केजरीवाल ने कहा था कि वाराणसी से मोदी को हराने के लिए वो किसी का भी समर्थन ले सकते हैं।

ताज़ा बयान इस बात की पुष्टि करते हैं कि केजरीवाल की राजनीति कभी अलग थी ही नहीं। आज से पाँच साल पहले उन्होंने ‘किसी’ से भी समर्थन लेने की बात कही थी, आज वो ‘किसी’ को भी समर्थन देने की बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो भी पीएम बने, उसे समर्थन दे देंगे। ये इस तरफ इंगित करता है कि केजरीवाल मोदी को रोकने के लिए एक ऐसे मौक़ापरस्त किंगमेकर की भूमिका ढूंढ रहे हैं, जिसकी न कोई राजनीतिक विचारधारा होगी और न कोई नैतिकता।

पहले भी कॉन्ग्रेस के समर्थन से दिल्ली में सरकार चला चुके केजरीवाल ने कभी अपने बच्चों की कसम खाई थी कि कॉन्ग्रेस का साथ कभी नहीं लेंगे। राजनीतिक मौकापरस्ती के सशक्त हस्ताक्षर बन चुके अरविन्द केजरीवाल ने नैतिकता की सारी हदों को ताक पर रखते हुए ऐसे लोगों के साथ मंच साझा किया, जिन्हें वह गालियाँ देते थकते नहीं थे। जिनका विरोध करते-करते सत्ता की सीढ़ी तक चढ़े, आज उन्हीं के सुर में गा रहे केजरीवाल पर ‘धोबी के कुत्ते’ वाली कहावत भी लागू होती है।

महागठबंधन की रैलियों में उन्हें आमंत्रित तो किया जा रहा है, लेकिन कॉन्ग्रेस या कोई भी पार्टी उनके साथ गठबंधन की इच्छुक नहीं है। उन्हें KCR के प्रयासों द्वारा तैयार किए जा रहे तीसरे मोर्चे की तरफ से भी भाव नहीं दिया जा रहा है। इस परिस्थिति में बौखलाए केजरीवाल को पता है कि मोदी को रोकने के लिए अगर दिल्ली में कोई जोड़-तोड़ वाला प्रधानमंत्री बैठता भी है तो एक-एक सीटों का काफ़ी महत्व होगा। दो-चार सीटों के साथ भी मोलभाव का सपना देख रहे केजरीवाल ने ‘किसी’ को समर्थन देने की बात कह इस बात की आधिकारिक घोषणा कर दी है कि उनकी कोई राजनीतिक विचारधारा है ही नहीं।

जाति-धर्म के दलदल में और गहरे उतरने की तैयारी

केजरीवाल ने मुस्लिम धर्मगुरुओं को लुभाते हुए मौलवियों को वेतन का झुनझुना थमाया और कहा:

“दिल्ली में भाजपा को आप ही हरा सकती है। आप इस गणित को समझें और वोटों को बँटने न दें,अगर वोट बँटे तो फिर भाजपा जीत जाएगी।”

मुस्लिमों को यह बात समझाने के लिए उन्होंने बजाप्ते वोट प्रतिशत का अंकगणित भी समझाया। जाति और धर्म की राजनीति के दलदल में गहरे उतर चुके केजरीवाल ने कभी वैश्य समुदाय के लोगों को लुभाने के लिए बनिया कार्ड भी खेला था। आज मुस्लिमों को अपने पाले में करने के लिए उन्हें भाजपा का डर दिखा रहे हैं। यह वही कार्ड है, जिसे पूरे देश में कॉन्ग्रेस, बिहार में लालू, यूपी में मुलायम और कश्मीर में अब्दुल्ला परिवार खेलते आया है। अरविन्द केजरीवाल ने यह बयान देकर यह साबित कर दिया है कि वो उनसे अलग नहीं हैं।

अब ये तो समय ही बताएगा कि सीटों की स्थिति में ख़ुद को किंगमेकर की भूमिका में देख रहे केजरीवाल ‘किसे’ समर्थन देते हैं। फ़िलहाल उन्होंने अपनी व्यक्तिगत लालसा को कुछ पल के लिए किनारे कर लिया है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

माकपा के गुंडों ने नारेबाजी करते हुए धमकी दी: मुस्लिम लीग के कार्यकर्ताओं को मार दिया जाएगा, शरीर पर हरे झंडे गाड़ दिए जाएँगे

माकपा कार्यकर्ताओं ने चिल्ला-चिल्ला कर कहा कि मुस्लिम लीग के कार्यकर्ता मारे जाएँगे। उन्होंने कहा कि माकपा एक ऐसा संगठन है, जहाँ पार्टी चाहती है तो लोग मारे जाते हैं।

राम मंदिर के लिए दान दीजिए, लोगों को प्रेरित कीजिए

राम मंदिर की अहमियत नए मंदिर से नहीं, बल्कि पाँच सौ साल पहले टूटे मंदिर से समझिए, जब हमारे पूर्वज ग्लानि से डूबे होंगे। आपका सहयोग, उनको तर्पण देने जैसा है।

‘कुत्ते से सेक्स करोगी क्या?’ – शर्लिन, जिया के अलावा साजिद खान ने 5 हिरोइन-लड़कियों के साथ की घिनौनी हरकत

साजिद खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वालों में प्रमुख नाम शर्लिन, सलोनी चोपड़ा, जर्नलिस्ट करिश्मा उपाध्याय, रैचल वाइट, आहना कुमरा, डिम्पल पाउला और जिया खान हैं।

फेक TRP केस: अर्णब के खिलाफ दायर आरोप पत्र में हैं India Today के खिलाफ सबूत, खामोश है मुम्बई पुलिस

इस चैट का एक हिस्सा अप्रैल 12, 2016 का है। तब न रिपब्लिक टीवी लॉन्च हुआ था और न ही रिपब्लिक भारत अस्तित्व में आया था।

‘भारतीयों को कभी भी… मतलब कभी भी कम मत आँको’ – ऑस्ट्रेलियन कोच ने ऐसे मानी हार, पहले दिखाई थी हेकड़ी

टीम इंडिया की जीत के बाद ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट टीम के कोच जस्टिन लैंगर ने चैनल 7 से बात करते हुए कहा, “भारतीयों को कभी भी..."

‘कोहली के बिना इनका क्या होगा… ऑस्ट्रेलिया 4-0 से जीतेगा’: 5 बड़बोले, जिनकी आश्विन ने लगाई क्लास

अब जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर ही ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दिया है, आइए हम 5 बड़बोलों की बात करते हैं। आश्विन ने इन सबकी क्लास ली है।

प्रचलित ख़बरें

‘टॉप और ब्रा उतारो’ – साजिद खान ने जिया को कहा था, 16 साल की बहन को बोला – ‘…मेरे साथ सेक्स करना है’

बॉलीवुड फिल्म निर्माता साजिद खान के खिलाफ एक बार फिर आवाज उठनी शुरू। दिवंगत अभिनेत्री जिया खान की बहन करिश्मा ने वीडियो शेयर कर...

‘नंगा कर परेड कराऊँगा… ऋचा चड्ढा की जुबान काटने वाले को ₹2 करोड़’: भीम सेना का ऐलान, भड़कीं स्वरा भास्कर

'भीम सेना' ने 'मैडम चीफ मिनिस्टर' को दलित-विरोधी बताते हुए ऋचा चड्ढा की जुबान काट लेने की धमकी दी। स्वरा भास्कर ने फिल्म का समर्थन किया।

‘उसने पैंट से लिंग निकाला और मुझे फील करने को कहा’: साजिद खान पर शर्लिन चोपड़ा ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

अभिनेत्री-मॉडल शर्लिन चोपड़ा ने फिल्म मेकर फराह खान के भाई साजिद खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

‘शक है तो गोली मार दो’: इफ्तिखार भट्ट बन जब मेजर मोहित शर्मा ने आतंकियों के बीच बनाई पैठ, फिर ठोक दिया

मरणोपतरांत अशोक चक्र से सम्मानित मेजर मोहित शर्मा एक सैन्य ऑपरेशन के दौरान बलिदान हुए थे। इफ्तिखार भट्ट बन उन्होंने जो ऑपरेशन किया वह आज भी कइयों के लिए प्रेरणा है।

‘हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान’: TANDAV की पूरी टीम के खिलाफ यूपी में FIR, सैफ अली खान को मुंबई पुलिस का प्रोटेक्शन

सैफ अभिनीत 'तांडव' वेब सीरीज में भगवान शिव का अपमान किए जाने और जातीय वैमनस्य को बढ़ावा देने के कारण अब यूपी में केस दर्ज किया गया है।

‘अल्लाह का मजाक उड़ाने की है हिम्मत’ – तांडव के डायरेक्टर अली से कंगना रनौत ने पूछा, राजू श्रीवास्तव ने बनाया वीडियो

कंगना रनौत ने सीरीज के मेकर्स से पूछा कि क्या उनमें 'अल्लाह' का मजाक बनाने की हिम्मत है? उन्होंने और राजू श्रीवास्तव ने अली अब्बास जफर को...
- विज्ञापन -

 

लोगों के जबरदस्त विरोध के बाद वेब सीरीज ‘तांडव’ में बदलाव करेंगे प्रोड्यूसर-डायरेक्टर, अली अब्बास जफ़र ने फिर से माँगी माफी

''हमारे मन में देश के लोगों की भावनाओं के बहुत सम्मान है। हमारा इरादा किसी व्यक्ति, जाति, समुदाय, नस्ल, धर्म, धार्मिक समुदाय, राजनीतिक दल, जीवित या मृत व्यक्ति की भावनाओं को चोट पहुँचाना नहीं था। तांडव के कास्ट और क्रू ने सीरीज के कंटेंट में बदलाव करने का फैसला लिया है।"

माकपा के गुंडों ने नारेबाजी करते हुए धमकी दी: मुस्लिम लीग के कार्यकर्ताओं को मार दिया जाएगा, शरीर पर हरे झंडे गाड़ दिए जाएँगे

माकपा कार्यकर्ताओं ने चिल्ला-चिल्ला कर कहा कि मुस्लिम लीग के कार्यकर्ता मारे जाएँगे। उन्होंने कहा कि माकपा एक ऐसा संगठन है, जहाँ पार्टी चाहती है तो लोग मारे जाते हैं।

देवी-देवताओं को गाली देने वाले फारुकी के बचाव में सामने आया एक और ‘कॉमेडियन’, किया कश्मीरी पंडितों के नरसंहार का इस्तेमाल

“आज कश्मीरी पंडित नरसंहार के 31 साल पूरे हो गए हैं। मैं चाहता हूँ कि मैं अपनी मातृभूमि, कश्मीर वापस जाऊँ, जहाँ मुझे अपनी न्यायिक प्रणाली की मृत्यु के बारे में पढ़ने के लिए इंटरनेट नहीं होगा।”

पीपल्स कॉन्फ्रेंस के सज्जाद लोन ने किया गुपकार गठबंधन से किनारा, हाल ही में एक नेता ने की थी अमित शाह से मुलाकात

“इस गठबंधन को बलिदान की आवश्यकता थी। गठबंधन चलाने के लिए सभी दलों को दूसरे दलों को जगह देने की जरूरत होती है। लेकिन गुपकार में कोई सहयोग नहीं कर रहा है।"
00:26:49

राम मंदिर के लिए दान दीजिए, लोगों को प्रेरित कीजिए

राम मंदिर की अहमियत नए मंदिर से नहीं, बल्कि पाँच सौ साल पहले टूटे मंदिर से समझिए, जब हमारे पूर्वज ग्लानि से डूबे होंगे। आपका सहयोग, उनको तर्पण देने जैसा है।

‘कुत्ते से सेक्स करोगी क्या?’ – शर्लिन, जिया के अलावा साजिद खान ने 5 हिरोइन-लड़कियों के साथ की घिनौनी हरकत

साजिद खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वालों में प्रमुख नाम शर्लिन, सलोनी चोपड़ा, जर्नलिस्ट करिश्मा उपाध्याय, रैचल वाइट, आहना कुमरा, डिम्पल पाउला और जिया खान हैं।

‘आज कर्ज के कारण जहाज रोका, कल PM को ही रोक लेंगे!’: पाक संसद में इमरान खान की किरकिरी, देखें वीडियो

"मलेशिया, जो हमारा दोस्त मुल्क है, इस्लामी मुल्क है, वो अगर मजबूर होकर हमारा जहाज रोकता है तो मुझे यकीन है कि कल को वो आपके प्राइम मिनिस्टर को भी रोक लेंगे। कैसी बेहुदा हुक़ूमत है ये।"

राम मंदिर निधि के नाम पर कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय का पब्लिसिटी स्टंट, PM मोदी से पूछा- चंदा कहाँ दिया जाए

सोमवार को कॉन्ग्रेस नेता ने 1,11, 111 रुपए का चेक श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के नाम पर साइन किया और सोशल मीडिया पर कहा कि उन्हें पता ही नहीं है कि इसे देना कहाँ है।

‘अश्लील बातें’ करने वाले मुफ्ती को टिकटॉक स्टार ने रसीद किया झन्नाटेदार झापड़: देखें वायरल वीडियो

टिकटॉक स्टार कहती हैं, "साँप हमेशा साँप रहता है। कोई मलतलब नहीं है कि आप उससे कितनी भी दोस्ती करने की कोशिश करो।"

फेक TRP केस: अर्णब के खिलाफ दायर आरोप पत्र में हैं India Today के खिलाफ सबूत, खामोश है मुम्बई पुलिस

इस चैट का एक हिस्सा अप्रैल 12, 2016 का है। तब न रिपब्लिक टीवी लॉन्च हुआ था और न ही रिपब्लिक भारत अस्तित्व में आया था।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
382,000SubscribersSubscribe