हाई TRP के बावजूद अनिल अम्बानी के स्वामित्व वाला BTVi चैनल अचानक बंद

बीटीवीआई की रेटिंग काफ़ी अच्छी थी और अंग्रेजी भाषा के बिजनेस चैनलों में ये लगातार दूसरे स्थान पर रहा था। ऐसे में इसे अचानक बंद किया जाना लोगों की समझ में नहीं आया। चैनल ने शनिवार की अर्धरात्रि से प्रसारण ठप्प किए जाने की घोषणा की।

अनिल अम्बानी के स्वामित्व वाली बीटीवीआई लाइव चैनल अचानक से बंद कर दिया गया है। बिजनेस-इकोनॉमी जॉनर के इस चैनल की टीआरपी रेटिंग भी अच्छी थी। ऐसे में इसे अचानक बंद किया जाना लोगों की समझ में नहीं आया। चैनल ने शनिवार (अगस्त 31, 2019) की अर्धरात्रि से प्रसारण ठप्प किए जाने की घोषणा की। बिजनेस टेलीविजन इंडिया (बीटीवीआई) ने उन सभी लोगों का धन्यवाद किया, जो पिछले 3 वर्षों में चैनल के साथ रहे और इसमें योगदान दिया।

बीटीवीआई की टीआरपी काफ़ी अच्छी थी और अंग्रेजी भाषा के बिजनेस चैनलों में ये लगातार दूसरे स्थान पर रहा था। बीटीवीआई ने बिना किसी चैनल का नाम लिए कहा कि उसने टीआरपी के मामले में कई ऐसे चैनलों को भी पीछे छोड़ दिया, जो पिछले 2 दशक से सक्रिय थे। बीटीवीआई की टीआरपी ‘एनडीटीवी प्रॉफिट’ से काफ़ी अच्छी थी।

बीटीवीआई को 2008 में यूटीवी द्वारा लॉन्च किया गया था और इसका नाम यूटीवीआई था। इसके बाद ब्लूमबर्ग ने इसमें हिस्सेदारी ख़रीदी, जिसके बाद 2009 में इसका नाम ब्लूमबर्ग यूटीवी हो गया। 2012 में अनिल अम्बानी की कम्पनी द्वारा हिस्सेदारी खरीदे जाने के बाद इसका नाम ब्लूमबर्ग टीवी इंडिया हो गया। इसके बाद 2016 में अनिल अम्बानी की कम्पनी और ब्लूमबर्ग के बीच का लाइसेंस एक्सपायर हो गया और इसे रिन्यू नहीं कराया गया। इसी वर्ष चैनल का नाम बीटीवीआई रखा गया।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

इंडिया टुडे के पत्रकार शिव अरूर ने ट्वीट कर लिखा कि तिरंगा टीवी और बीटीवीआई का बंद होना बताता है कि मीडिया जगत के लिए यह कठिन परिस्थिति है। बीटीवीआई के पत्रकार आदित्य राज कौल ने लिखा कि हर यात्रा का एक अंत होता है और रात के अँधेरे के बाद ही नया सवेरा निकलता है।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

बड़ी ख़बर

नरेंद्र मोदी, डोनाल्ड ट्रम्प
"भारतीय मूल के लोग अमेरिका के हर सेक्टर में काम कर रहे हैं, यहाँ तक कि सेना में भी। भारत एक असाधारण देश है और वहाँ की जनता भी बहुत अच्छी है। हम दोनों का संविधान 'We The People' से शुरू होता है और दोनों को ही ब्रिटिश से आज़ादी मिली।"

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

92,234फैंसलाइक करें
15,601फॉलोवर्सफॉलो करें
98,700सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: