Homeविचार'भारत माता की जय' की गूंज, देश-विरोधी खालिस्तानी समर्थकों पर पड़ा कंटाप है!

‘भारत माता की जय’ की गूंज, देश-विरोधी खालिस्तानी समर्थकों पर पड़ा कंटाप है!

देश-विरोधी ताकतों को शायद यह अंदाज़ा न होगा कि जितनी नफ़रत उनके दिलों में हिन्दुस्तान को लेकर है, उससे कहीं ज्यादा प्यार हम भारतीय अपनी भारत माँ से करते हैं।

देश जहाँ 26 जनवरी को अपना 70वाँ गणतंत्र दिवस मना रहा था, वहीं दूसरी तरफ इसी महापर्व को अमेरिका में मना रहे भारतीयों को कुछ खालिस्तानी समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़ा। दरअसल, कुछ भारतीय 26 जनवरी को तिरंगे की परेड निकालकर गणतंत्र दिवस मना रहे थे, तभी खलिस्तानी समर्थकों ने परेड का विरोध किया और परेड को बंद करवाने में जुट गए।

वाशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास के बाहर सिख फॉर जस्टिस के करीब 15-20 लोगों ने इस परेड का विरोध किया। लेकिन भारतीय ध्वज लहराते हुए उत्साही भारतीयों के आगे वो बिल्कुल भी टिक नहीं पाए। रिपोर्ट की मानें तो खालिस्तानी समर्थक समूह ने योजना बनाई थी कि विरोध के दौरान वे भारतीय झंडे को जलाएँगे। बताया जा रहा है कि ज्यादातर प्रदर्शनकारी पाकिस्तानी थे।

तिरंगे को जलाने की दी गई धमकी

भारतीयों से परेड रोकने को कहते हुए खालिस्तान समर्थकों ने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर वॉशिंगटन में तिरंगा लहराया गया तो वह उसे जला देंगे।” समर्थकों ने कहा कि वह किसी भी हालत में यहां गणतंत्र दिवस कार्यक्रम नहीं होने देंगे।

भारतीय तिरंगा लेकर जब सड़कों पर उतरकर परेड कर रहे थे, तभी खालिस्तान समर्थकों ने उनका विरोध करते हुए परेड को बीच में ही रोक दिया। लेकिन सच्चे भारतीयों के सामने आखिर में खालिस्तान समर्थकों को हार माननी पड़ी। तमाम विरोध की बाद स्थानीय भारतीय आगे बढ़ते रहे और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते रहे।

झंडे को जलाने की बात का किया दावा

इस पूरे प्रकरण के बाद सिख फॉर जस्टिस ग्रुप की वेबसाइट ने दावा करते हुए कहा है कि उन्होंने अमेरिका में भारतीय दूतावास के सामने भारतीय झंडा जलाते हुए अपना विरोध व्यक्त किया है। लेकिन अगर वहाँ की मीडिया रिपोर्ट की मानें तो सिख फॉर जस्टिस ग्रुप का यह दावा पूरी तरह से झूठा है। उनका विरोध बिल्कुल ही सफल नहीं हो पाया।

देश-विरोधी ताकतों को शायद यह अंदाज़ा न होगा कि जितनी नफ़रत उनके दिलों में हिन्दुस्तान को लेकर है, उससे कहीं ज्यादा प्यार हम भारतीय अपनी भारत माँ से करते हैं। बुराई न पहले कभी जीती है, न आगे कभी जीत पाएगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सपा कार्यकर्ताओं को राम मंदिर-पौधरोपण का मुद्दा देकर खुद विदेश घूमने निकले अखिलेश जी: क्या UP चुनाव के लिए यही है आपकी राजनीति?

एक तरफ अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में सत्ता हथियाने का ख्वाब बुन रहे हैं, दूसरी तरफ हर जरूरी मौकों पर विदेश यात्राएँ पर घूमने निकल पड़ते हैं।

पहले बनी मस्जिद, फिर बढ़ी मुस्लिम आबादी और उसके बाद बदल गया हिंदू बहुल इलाके का नाम: पाटन में ‘झापटपरा’ हो गया ‘इस्लामपुरा’, पढ़ें...

गुजरात के पाटन में हिंदू बहुल इलाके का नाम 'झापटपरा' से बदलकर अवैध तरीके से 'इस्लामपुरा' करने पर हिंदू नाराज हैं। ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट
- विज्ञापन -