Wednesday, October 21, 2020
Home विचार सामाजिक मुद्दे रामायण 'मर्चेंट ऑफ वेनिस' नहीं है सोनाक्षी, यह हमारी सांस्कृतिक विरासत है, हमारा इतिहास...

रामायण ‘मर्चेंट ऑफ वेनिस’ नहीं है सोनाक्षी, यह हमारी सांस्कृतिक विरासत है, हमारा इतिहास है

रामायण की कलाकृतियाँ हमारे संविधान में भी हैं। उड़ते हुए हनुमान की कलाकृतियाँ हैं, राम दरबार की कलाकृतियाँ हैं। उन्हीं हनुमान के सबसे बड़े 'एडवेंचर' के बारे में सोनाक्षी को कोई आईडिया नहीं है। भारत के गाँव-गाँव में रामलीला का मंचन करने और देखने वाले लोगों को इससे निराशा तो हाथ लगेगी ही।

सब को सब कुछ नहीं पता होता। ज़ाहिर है, आपसे अगर कोई पूछेगा कि अमेरिका में अरबपति जॉर्ज सोरोस को लेकर क्या कॉन्स्पिरेसी थ्योरी चल रही है, तो शायद ही आप इसका जवाब दे पाएँ। या फिर हो सकता है कि आपने ख़बरें देखी हों और आप इसका जवाब दे दें। जवाब देने वाले केस में आप जानकर कहे जा सकते हैं लेकिन जवाब न देने वाले केस में आपको कोई मूर्ख नहीं कह सकता, बशर्ते आप कोई इंटरनेशनल रिपोर्टर हों जो कि अमेरिका कवर कर रहा हो। इसी तरह सोनाक्षी सिन्हा के साथ भी कुछ ऐसा हुआ, जिसका स्पष्टीकरण देने में उन्होंने उससे भी बड़ी भूल कर दी।

दरअसल, हुआ यूँ कि अमिताभ बच्चन के शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में सोनाक्षी सिन्हा पहुँचीं और उनसे रामायण को लेकर सवाल पूछा गया क्योंकि सोनाक्षी के दोनों भाइयों का नाम लव और कुश है। भगवान श्रीराम के दोनों बेटों का नाम लव और कुश ही था, जिसके आधार पर शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने बेटों का नाम रखा। इसीलिए सोनाक्षी से यह अपेक्षा तो थी ही कि वो रामायण से जुड़े एक आसान सवाल का जवाब दे देंगी। हाँ, सबको सबकुछ नहीं पता होता और सबको रामायण के बारे में भी सबकुछ नहीं पता होगा लेकिन सोनाक्षी से जो सवाल किया गया, वह कठिन नहीं था।

सोनाक्षी सिन्हा से पूछा गया कि हनुमान किसके लिए संजीवनी बूटी लेने गए थे? अच्छा हुआ सोनाक्षी से यह नहीं पूछा गया कि हनुमान संजीवनी बूटी नामक आयुर्वेदिक दवा लेने कहाँ गए थे, नहीं तो वह बाबा रामदेव के पतंजलि स्टोर का नाम भी ले सकती थीं। जिसनें रामायण नहीं पढ़ी है, रामचरितमानस नहीं पढ़ा है और पूरी कहानी ठीक से नहीं पता है, फिर भी इतना तो पता होगा ही कि भगवान राम ने रावण का वध किया था और रावण ने सीता का अपहरण किया था, जिसके बाद यह युद्ध हुआ।

रामचरितमानस ने रामकथा को इतना लोकप्रिय बना दिया कि सोनाक्षी बिहार से हैं, अर्थात उत्तर भारत से, उत्तर भारत के घर-घर में इसका प्रचार-प्रसार हुआ और दादी-नानी ने अपने बच्चों को सबसे पहले रामायण की कहानी सुनाई। रामायण हमारी संस्कृति है। रामायण हमारा इतिहास है। रामायण से पूरा भारत प्रेरित है। और रामायण का भी सबसे लोकप्रिय हिस्सा है- सुंदरकांड। यही वो हिस्सा है, जिसकी लोकप्रियता रामायण से भी ज्यादा है और यही वो कारण है, जिससे हनुमान बच्चों-बच्चों के बीच लोकप्रिय हैं। अगर नायक राम को छोड़ दें तो हनुमान रामायण के सबसे लोकप्रिय, चर्चित और प्रमुख किरदार हैं।

खैर, लंकाकाण्ड में युद्ध का वर्णन है। राम के भाई लक्ष्मण पर युद्ध के दौरान मेघनाद ने वीरघातिनी शक्ति बाण का प्रयोग किया और वे मूर्छित हो गए। इसका वर्णन तुलसीदास ने कुछ यूँ किया है;

बीरघातिनी छाड़िसि साँगी। तेजपुंज लछिमन उर लागी॥
मुरुछा भई सक्ति के लागें। तब चलि गयउ निकट भय त्यागें।।

बचपन से हमें सुनाया जाता रहा है कि हनुमान संजीवनी बूटी लाने के लिए हिमालय पर गए लेकिन वह माया के कारण बूटी को पहचान नहीं पाए। इसके बाद उन्होंने जो किया, वह एक ऐसी किवदंती बन गई, जो हज़ारों वर्षों से चर्चा का विषय बनती रही है। हनुमान पर्वत की पूरी चोटी उठा कर उड़ते हुए लंका पहुँच गए, जहाँ वैद्य ने बूटी की पहचान की और लक्ष्मण को मूर्छा से निकाला जा सका। यह कहानी सभी को पता है। अगर नहीं भी पता तो रामायण का इतना बेसिक ज्ञान तो होना ही चाहिए। इस प्रकरण का रामचरितमानस में यूँ वर्णन है:

देखा सैल न औषध चीन्हा। सहसा कपि उपारि गिरि लीन्हा॥
गहि गिरि निसि नभ धावक भयऊ। अवधपुरी ऊपर कपि गयऊ॥

अब यहाँ सवाल यह उठता है कि बॉलीवुड सेलेब्स को आख़िर आज के युवा रोल मॉडल क्यों मानते हैं? आलिया भट्ट और सोनाक्षी सिन्हा, जो सिनेमा इंडस्ट्री के स्थापित परिवारों की बेटियाँ हैं, उन्हें युवाओं का रोल मॉडल और प्रेरणा बताते हुए अवॉर्ड्स दिए जाते हैं। जब युवा उन्हें अनुसरण कर रहे होते हैं, ऐसे में उनके पास रामायण का बेसिक ज्ञान भी न होना चौंकाने वाला है। मैंने ख़ुद बचपन में बिहार बोर्ड की छठी की पुस्तक में रामायण (उस पर आधारित पुस्तक सिलेबस का हिस्सा थी) पढ़ी है और जिसनें न भी पढ़ी है, उसने दादी-नानी से तो सुन ही रखी है।

अब सोनाक्षी के स्पष्टीकरण की बात करते हैं। उन्होंने विरोध करने वालों को ट्रोल करार दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें पाइथागोरस थ्योरम, मर्चेंट ऑफ वेनिस, केमिस्ट्री का पीरिऑडिक टेबल और मुग़ल शासकों के नाम तक याद नहीं है। उन्होंने मज़ाक करते हुए लिखा कि उन्हें क्या-क्या याद नहीं है, ये भी उन्हें नहीं पता। साथ ही उन्होंने लिखा कि उन्हें मिम्स पसंद है। उन्होंने लोगों से और मिम्स बनाने की मज़ाकिया अपील की। ऐसा कर के वह ‘कूल’ तो बन गईं लेकिन उन्हें शायद नहीं पता कि भारत में रामायण ‘मर्चेंट ऑफ वेनिस’ नहीं है।

इंग्लैंड के किसी लेखक द्वारा 16वीं शताब्दी में लिखे गए नाटक की तुलना भारतीय संस्कृति में हज़ारों वर्षों से समाहित कथा से करना सचमुच एक मजाक है। सोनाक्षी सिन्हा के पिता का नाम भी शत्रुघ्न है। राम के सबसे छोटे भाई का नाम। शत्रुघ्न के बाकी भाइयों के नाम भी रामायण पर आधारित हैं। सोनाक्षी के घर का नाम ‘रामायण’ है। सोनाक्षी के परिवार में तीन लोगों के नाम रामायण से आए हैं लेकिन उन्हें रामायण का बेसिक ज्ञान भी नहीं। अब ट्विटर पर लोगों ने ‘Yo Sonakshi So Dumb’ क्यों ट्रेंड कराया, वे ही जानें। लेकिन अपना और बेटों का नाम रामायण के किरदारों के नाम पर रखने वाले शत्रुघ्न ने बेटी को रामायण की कहानी नहीं सुनाई, लोगों का सवाल भी यही है।

क्या सोनाक्षी प्रकरण इस दलील को और मजबूत कर रहा है कि आजकल के युवा रामायण और महाभारत के बारे में जानना ‘कूल’ नहीं समझते या फिर पता भी हो तो ऐसा दिखाते हैं कि उन्हें नहीं पता? क्या यह किसी नए तरीके का फैशन है? रामायण की कलाकृतियाँ हमारे संविधान में भी हैं। उड़ते हुए हनुमान की कलाकृतियाँ हैं, राम दरबार की कलाकृतियाँ हैं। उन्हीं हनुमान के सबसे बड़े ‘एडवेंचर’ के बारे में सोनाक्षी को कोई आईडिया नहीं है। भारत के गाँव-गाँव में रामलीला का मंचन करने और देखने वाले लोगों को इससे निराशा तो हाथ लगेगी ही।

भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक संरचना में रामायण इतना गहरा समाहित है कि सुंदरकांड, रामकथा आयोजन और रामलीला मंचन हमारे इतिहास का ऐसा हिस्सा रहे हैं, जो आज भी जारी हैं। शहरों में यह कम हो गया है लेकिन गाँवों ने इस परंपरा को अभी भी थाम रखा है। देश-विदेशों तक रमलीना का मंचन हो रहा है लेकिन भारत की एक लोकप्रिय अभिनेत्री को रामायण का ज्ञान नहीं। जब हमें ही अपनी संस्कृति का भान नहीं होगा तो हम किस मुँह से उसका विदेशों में प्रचार-प्रसार करने का दावा करते हैं?

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बिहार चुनाव ग्राउंड रिपोर्ट: गया से 7 बार से विधायक, कृषि मंत्री प्रेम कुमार से बातचीत| 7-time MLA Prem Kumar interview

हमने प्रेम कुमार से जानने की कोशिश की कि 7 साल जीत मिलने के बाद वो 8वीं पर मैदान में किस मुद्दे और रणनीति को लेकर उतरे हैं।

नक्सलवाद कोरोना ही है, राजद-कॉन्ग्रेस नया कोरोना आपके बीच छोड़ना चाहते हैं: योगी आदित्यनाथ

नक्सलवाद को कोरोना बताते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजद और कॉन्ग्रेस भाकपा (माले) के रूप में आपके बीच एक नए कोरोना को छोड़ना चाहते हैं।

राहुल गाँधी ने किया जातीय हिंसा भड़काने के आरोपित PFI सदस्य सिद्दीक कप्पन की मदद का वादा, परिवार से की मुलाकात

PFI सदस्य और कथित पत्रकार सिद्दीक कप्पन के परिवार ने इस मुलाकात में राहुल गाँधी से पूरे मामले में हस्तक्षेप की माँग कर कप्पन की जल्द रिहाई की गुहार लगाई।

पेरिस: ‘घटिया अरब’ कहकर 2 बुर्के वाली मुस्लिम महिलाओं पर चाकू से हमला, कुत्ते को लेकर हुआ था विवाद

पेरिस में एफिल टॉवर के नीचे दो मुस्लिम महिलाओं को कई बार चाकू मारकर घायल कर दिया गया। इस दौरान 'घटिया अरब' कहकर उन्‍हें गाली भी दी गई।

शीना बोरा की गुमशुदगी के बारे में जानते थे परमबीर सिंह, फिर भी नहीं हुई थी FIR

शीना बोरा जब गायब हुई तो राहुल मुखर्जी और इंद्राणी, परमबीर सिंह के पास गए। वह उस समय कोंकण रेंज के आईजी हुआ करते थे।

रवीश की TRP पर बकैती, कश्मीरी नेताओं का पक्ष लेना: अजीत भारती का वीडियो| Ajeet Bharti on Ravish’s TRP, Kashmir leaders

TRP पर ज्ञान देते हुए रवीश ने बहुत ही गूढ़ बातें कहीं। उन्होंने दर्शकों को सख्त बनने के लिए कहा। TRP पर रवीश ने पूछा कि मीटर दलित-मुस्लिम के घर हैं कि नहीं?

प्रचलित ख़बरें

मैथिली ठाकुर के गाने से समस्या तो होनी ही थी.. बिहार का नाम हो, ये हमसे कैसे बर्दाश्त होगा?

मैथिली ठाकुर के गाने पर विवाद तो होना ही था। लेकिन यही विवाद तब नहीं छिड़ा जब जनकवियों के लिखे गीतों को यूट्यूब पर रिलीज करने पर लोग उसके खिलाफ बोल पड़े थे।

37 वर्षीय रेहान बेग ने मुर्गियों को बनाया हवस का शिकार: पत्नी हलीमा रिकॉर्ड करती थी वीडियो, 3 साल की जेल

इन वीडियोज में वह अपनी पत्नी और मुर्गियों के साथ सेक्स करता दिखाई दे रहा था। ब्रिटेन की ब्रैडफोर्ड क्राउन कोर्ट ने सबूतों को देखने के बाद आरोपित को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई है।

हिन्दुओं की हत्या पर मौन रहने वाले हिन्दू ‘फ़्रांस की जनता’ होना कब सीखेंगे?

हमें वे तस्वीरें देखनी चाहिए जो फ्रांस की घटना के पश्चात विभिन्न शहरों में दिखती हैं। सैकड़ों की सँख्या में फ्रांसीसी नागरिक सड़कों पर उतरे यह कहते हुए - "हम भयभीत नहीं हैं।"

सूरजभान सिंह: वो बाहुबली, जिसके जुर्म की तपिश से सिहर उठा था बिहार, परिवार हो गया खाक, शर्म से पिता और भाई ने की...

कामदेव सिंह का परिवार को जब पता चला कि सूरजभान ने उनके किसी रिश्तेदार को जान से मारने की धमकी दी है तो सूरजभान को उसी के अंदाज में संदेश भिजवाया गया- “हमने हथियार चलाना बंद किया है, हथियार रखना नहीं। हमारी बंदूकों से अब भी लोहा ही निकलेगा।”

ऐसे मुस्लिमों के लिए किसी भी सेकुलर देश में जगह नहीं होनी चाहिए, वहीं जाओ जहाँ ऐसी बर्बरता सामान्य है

जिनके लिए शिया भी काफिर हो चुका हो, अहमदिया भी, उनके लिए ईसाई तो सबसे पहला दुश्मन सदियों से रहा है। ये तो वो युद्ध है जो ये बीच में हार गए थे, लेकिन कहा तो यही जाता है कि वो तब तक लड़ते रहेंगे जब तक जीतेंगे नहीं, चाहे सौ साल लगे या हजार।

‘कश्मीर टाइम्स’ अख़बार का श्रीनगर ऑफिस सील, सरकारी सम्पत्तियों पर कर रखा था कब्ज़ा

2 महीने पहले कश्मीर टाइम्स की एडिटर अनुराधा भसीन को भी उनका आधिकारिक निवास खाली करने को कहा गया था।
- विज्ञापन -

बिहार चुनाव ग्राउंड रिपोर्ट: गया से 7 बार से विधायक, कृषि मंत्री प्रेम कुमार से बातचीत| 7-time MLA Prem Kumar interview

हमने प्रेम कुमार से जानने की कोशिश की कि 7 साल जीत मिलने के बाद वो 8वीं पर मैदान में किस मुद्दे और रणनीति को लेकर उतरे हैं।

नक्सलवाद कोरोना ही है, राजद-कॉन्ग्रेस नया कोरोना आपके बीच छोड़ना चाहते हैं: योगी आदित्यनाथ

नक्सलवाद को कोरोना बताते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजद और कॉन्ग्रेस भाकपा (माले) के रूप में आपके बीच एक नए कोरोना को छोड़ना चाहते हैं।

राहुल गाँधी ने किया जातीय हिंसा भड़काने के आरोपित PFI सदस्य सिद्दीक कप्पन की मदद का वादा, परिवार से की मुलाकात

PFI सदस्य और कथित पत्रकार सिद्दीक कप्पन के परिवार ने इस मुलाकात में राहुल गाँधी से पूरे मामले में हस्तक्षेप की माँग कर कप्पन की जल्द रिहाई की गुहार लगाई।

पेरिस: ‘घटिया अरब’ कहकर 2 बुर्के वाली मुस्लिम महिलाओं पर चाकू से हमला, कुत्ते को लेकर हुआ था विवाद

पेरिस में एफिल टॉवर के नीचे दो मुस्लिम महिलाओं को कई बार चाकू मारकर घायल कर दिया गया। इस दौरान 'घटिया अरब' कहकर उन्‍हें गाली भी दी गई।

शीना बोरा की गुमशुदगी के बारे में जानते थे परमबीर सिंह, फिर भी नहीं हुई थी FIR

शीना बोरा जब गायब हुई तो राहुल मुखर्जी और इंद्राणी, परमबीर सिंह के पास गए। वह उस समय कोंकण रेंज के आईजी हुआ करते थे।

बिहार चुनाव ग्राउंड रिपोर्ट: गया के केनार चट्टी गाँव के कारीगर, जो अब बन चुके हैं मजदूर। Bihar Elections Ground Report: Wazirganj, Gaya

मैं आज गया जिले के केनार चट्टी गाँव गया। जो पहले बर्तन उद्योग के लिए जाना जाता था, अब वो मजदूरों का गाँव बन चुका है।

रवीश की TRP पर बकैती, कश्मीरी नेताओं का पक्ष लेना: अजीत भारती का वीडियो| Ajeet Bharti on Ravish’s TRP, Kashmir leaders

TRP पर ज्ञान देते हुए रवीश ने बहुत ही गूढ़ बातें कहीं। उन्होंने दर्शकों को सख्त बनने के लिए कहा। TRP पर रवीश ने पूछा कि मीटर दलित-मुस्लिम के घर हैं कि नहीं?

TRP मामले की जाँच अब CBI के पास, UP में दर्ज हुई अज्ञात आरोपितों के खिलाफ शिकायत

TRP में गड़बड़ी का मामला अब CBI के हाथ में आ गया है। उत्तर प्रदेश सरकार की सिरफारिश के बाद लखनऊ पुलिस से जाँच का सारा जिम्मा CBI ने ले लिया है।

क्या आप राहुल गाँधी और ओवैसी से देश के हितों की कल्पना करते हैं: योगी आदित्यनाथ

योगी आदित्यनाथ ने कहा, "राहुल और ओवैसी पाकिस्तान की तारीफ कर रहे हैं। क्या आप इन दोनों से देश की हितों की कल्पना करते हैं?"

बंद किया गया पेरिस का मस्जिद, हमास समर्थित समूह भी भंग: शिक्षक सैमुअल की श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित रहेंगे राष्ट्रपति मैक्रों

फ्रांस के गृह मंत्री गेराल्ड ने कहा कि देश 'अंदर के दुश्मनों' से लड़ रहा है। फ्रांस में सक्रिय हमास का समर्थन करने वाले समूह को भंग कर दिया गया है।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
78,927FollowersFollow
335,000SubscribersSubscribe