Saturday, August 8, 2020
Home बड़ी ख़बर सेना से सबूत माँगने वाले जब हेमंत करकरे के लिए बिलबिलाते हैं तो क्यूट...

सेना से सबूत माँगने वाले जब हेमंत करकरे के लिए बिलबिलाते हैं तो क्यूट लगते हैं

तरह-तरह की क्रूरतम यातनाओं को झेलने वाली स्त्री को उस अफसर के खिलाफ बोलने का भी हक़ नहीं जिसने उसे उसके हिन्दू होने के कारण गोमांस खिलाया, साध्वी होने के कारण ब्लू फ़िल्में दिखाने की बात की, झूठे अपराध न स्वीकारने पर टॉर्चर किया?

कई बार हमने हॉलीवुड और बॉलीवुड की फ़िल्मों में देखा है कि पूरे डिपार्टमेंट की इज़्ज़त बचाने के लिए एक गंदे अफसर को डिपार्टमेंट स्वयं ही मार देती है, और उसे शहीद का दर्जा दे दिया जाता है। इससे दोनों समस्याएँ सुलझ जाती हैं कि पब्लिक में पुलिस या सेना जैसी संस्था पर विश्वास बना रहता है, और डिपार्टमेंट से एक भ्रष्ट या सड़ा सेव बाहर कर दिया जाता है।

साध्वी प्रज्ञा की बहन और कर्नल पुरोहित की पत्नी का इंटरव्यू पढ़िएगा या देखिएगा कहीं से खोज कर। सेना के एक डेकोरेटेड अफसर पर हिन्दू टेरर का टर्म पोलिटिकल मास्टर्स को खुश करने के लिए ही गढ़ा गया था। उसका और कोई औचित्य नहीं था। इसके लिए सबूत चाहिए थे, धाराओं को संतुष्ट करने के लिए घटनाएँ चाहिए थीं, और उसके लिए लोग चाहिए थे।

आरवीएस मणि जो उस समय सरकारी अफसर थे, उन्होंने बताया है कि हेमंत करकरे की इसमें कितनी इन्वॉल्वमेंट थी और वो दिग्विजय सिंह के साथ गृहमंत्री पाटिल के साथ क्या करते थे। करकरे को सरकार और डिपार्टमेंट ने सम्मान दिया क्योंकि करकरे की असामयिक मृत्यु हो गई। अगर करकरे ज़िंदा होते तो शायद उन पर हिन्दू टेरर गढ़ने और झूठे केस बनाने के आरोप पर मामले चल रहे होते। या, करकरे कॉन्ग्रेस की योजना को सफल करके इस्लामी आतंक में मज़हब के न होने और चार लोगों के ब्लास्ट में संलिप्त होने की कहानी के आधार पर पूरा हिन्दू समाज भगवा आतंक का धब्बा लिए जी रहा होता।

मैं इस बात से इनकार नहीं कर रहा कि मुसलमानों को भी गलत आरोप और अपराध के नाम फँसाया गया है लेकिन न्याय का एक सीधा दर्शन है कि हजार गुनहगार छूट जाएँ लेकिन किसी भी बेगुनाह को सजा नहीं मिलनी चाहिए। आप जब उन यातनाओं के बारे में सुनिएगा तो शायद समझ में आएगा कि आज अगर साध्वी प्रज्ञा ने हेमंत करकरे को शाप देने की बात कही, तो वो किसी भी रूप में ज़्यादती नहीं।

ज़्यादती इसलिए नहीं कि इसी देश के वही बुद्धिजीवी सेना द्वारा मारे आतंकियों के भाई द्वारा हथियार उठा लेने को जस्टिफाय करते हैं, सेना के अफसर द्वारा डाँटे जाने के बाद पुलवामा जैसी घटना करने वाले को जस्टिफाय करते हैं, आतंकी के बाप का हेडमास्टर होना और आतंकी के बेटे का दसवीं एग्ज़ाम पास करना ऐसे शेयर करते हैं जैसे उनका आतंकी होना मामूली बात थी, और आतंकी भाई या आतंकी बाप के मारे जाने के बाद, बदले की भावना में कोई बेटा या भाई आतंकी बन जाए तो उसके पास पर्याप्त कारण हैं, ऐसा मानते हैं, उनके लिए यह सोचना दुखप्रद है कि एक आम नागरिक को लगभग दस सालों तक यातनाएँ दी गईं, और वो उन लोगों के खिलाफ कुछ कहे!

साध्वी प्रज्ञा पर जो बीती है, वो हम या आप महसूस भी नहीं कर सकते। हेमंत करकरे एक भ्रष्ट अफसर थे या नहीं, यह तो बाद की बात है, लेकिन क्या किसी की रीढ़ की हड्डी तोड़ देना, उसे अश्लील फ़िल्में दिखाना, लगातार पीटना, गोमांस खिलाना, यह जान कर कि वो एक धार्मिक महिला है, उस यातना को झेलने वाली स्त्री को वैसे अफसर के खिलाफ बोलने का भी हक़ नहीं?

क्यों? क्योंकि वो चुनाव लड़ रही है? उसके तो चुनाव लड़ने पर भी आपको आपत्ति है कि चूँकि उस पर आरोप है, तो वो आतंकी हो गई। इस हिसाब से तो आधे नेता चोर, बलात्कारी, या हत्यारे हैं क्योंकि सब पर केस तो हैं ही। फिर आप किस पार्टी या नेता को समर्थन दे रहे हैं? आपको कोई हक़ ही नहीं है साध्वी प्रज्ञा के निजी अनुभवों के आधार पर यातना देने वाले अधिकारी को शापित करने पर उन्हें कोसने का।

आपकी समस्या है कि आपको आपके विरोधी में आदर्शवाद देखना है। आपको सेना के जवानों से सबूत माँगते वक्त लज्जा नहीं आई, आपको एयर स्ट्राइक पर यह कहते शर्म नहीं आई कि वहाँ हमारी वायु सेना ने पेड़ के पत्ते और टहनियाँ तोड़ीं, आपको बटला हाउस एनकाउंटर वाले अफसर पर कीचड़ उछालते हुए हया नहीं आई, लेकिन किसी पीड़िता के निजी अनुभव सुनकर आपको मिर्ची लगी कि ये जो बोल रही है, वो तो पूरी पुलिस की वर्दी पर सवाल कर रही है।

इस देश का संविधान और कानून साध्वी प्रज्ञा को चुनाव लड़ने की भी आज़ादी देता है, और उसे अपनी अभिव्यक्ति का भी मौलिक अधिकार है। बात यह नहीं है कि कल को वो अपराधी साबित हो गई तो? बात यह है कि अभी वो अपराधी नहीं है, और हेमंत करकरे भले ही अपना पक्ष रखने के लिए ज़िंदा न हों, पर इतने सालों की यातना झेलने के बाद, एनआईए द्वारा चार्ज हटा लिए जाने और राहत पाकर बाहर आई इस महिला को कड़वे वचन कहने का हक़ है।

डिपार्टमेंट हेमंत करकरे को सम्मानित मानता रहे, देश भी माने लेकिन खोजी प्रवृत्ति के पत्रकार इस विषय पर शोध करना मुनासिब नहीं समझते क्योंकि ये उनकी विचारधारा को सूट नहीं करता। मेरा तो बस यही कहना है, जैसे कि बड़े पत्रकार अकसर हर बात पर कह देते हैं, कि जाँच करवाने में क्या है। करवा लीजिए जाँच करकरे की भी और साध्वी प्रज्ञा की भी। करवाते रहिए जाँच कि किसने आरडीएक्स रखवाए थे और क्यों।

मृतक का सम्मान करना ठीक है, समझदारी भी इसी में है कि अगर पुलिस नामक संस्था की इज़्ज़त बचाने के लिए किसी घटिया पुलिसकर्मी को मेडल भी देना पड़े तो दे दिया जाना चाहिए, लेकिन किसी के जीवन के दस-दस साल बर्बाद करने, उन्हें लगातार टॉर्चर करने वालों के खिलाफ पीड़िता अपना दुःख भी न बाँटे?

और हाँ, जैसा कि ऊपर लिखा, राजनीति है यह। राजनीति में शब्दों से सत्ता पलटी जा सकती है। हिन्दू टेरर भी शब्द ही थे। यहाँ आदर्शवाद को बाहर रखिए। यहाँ हर शब्द तौल कर बोले जाएँगे और हर तरफ से बोले जाएँगे। आपको किसी पीड़िता के द्वारा किसी आततायी को शाप देने पर आपत्ति है कि वो लोकसभा चुनाव लड़ रही है, फिर ‘ज़हर की खेती’, ‘मौत का सौदागर’, ‘भड़वा’, ‘दल्ला’, ‘दरिंदा’, ‘आतंकवादी’ पर आपको आपत्ति क्यों नहीं होती?

या तो आपने हर सच को परख लिया है, आपने हर बयान का सच जान लिया है, या फिर आप अपनी विचारधारा से संबंध रखने वालों के लिए सहानुभूति रखते हैं, और विरोधी विचारों के लिए आप असहिष्णुता दिखाते हैं। साध्वी प्रज्ञा ने भले ही अपने बयान पर खेद व्यक्त किया हो, लेकिन वो एक राजनैतिक निर्णय है, निजी नहीं। इतने समझदार तो आप भी हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारतीhttp://www.ajeetbharti.com
सम्पादक (ऑपइंडिया) | लेखक (बकर पुराण, घर वापसी, There Will Be No Love)

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

शिव भक्तों को काशी मिले-कृष्ण भक्तों को मथुरा, गोहत्या पर रोक के लिए बने कानून: यजमान मोदी से माँगी दक्षिणा

अयोध्या में भूमिपूजन करवाने वाले आचार्य पंडित गंगाधर पाठक ने पीएम मोदी से दक्षिणा में काशी-मथुरा की मुक्ति और गोहत्या पर पाबंदी के लिए कानून की मॉंग की है।

रिया के आने के बाद बदल गए थे सुशांत भैया, कुत्ते के बेल्ट से गला घोंटा गया होगा: पूर्व कर्मचारी का दावा- यह मर्डर...

सुशांत सिंह राजपूत के पालतू कुत्ते का नाम था फज। उनके पूर्व सहयोगी का दावा है कि फज की बेल्ट से उनका गला घोंटा गया, जिससे मौत हुई।

‘मथुरा-काशी बाकी है’: 1947 का वो यज्ञ जब 3 दोस्तों ने खींचा हिंदुओं के 3 पवित्र स्थल को वापस पाने का खाका

यह तो पहली झाँकी है, मथुरा-काशी बाकी है। ये नारा तो बहुत बाद में बुलंद हुआ। उससे बरसों पहले तीन दोस्तों ने अयोध्या के साथ-साथ इन दो हिंदू पवित्र स्थलों को वापस पाने का एक विस्तृत खाका तैयार कर लिया था।

जैसे-जैसे खुल रही परतें, रिया चकवर्ती पर कसता जा रहा शिकंजा: सुशांत की मौत में गर्लफ्रेंड के ‘विलेन’ बनने की पूरी कहानी

14 जून को सुशांत घर में लटके मिले थे। शुरू में सुसाइड लग रहा मामला आगे बढ़ा और संदेह के दायरे में आई रिया चकवर्ती। क्या हुए हैं खुलासे? पढ़िए, सब कुछ।

अब पंजाब कॉन्ग्रेस की गुटबाजी आई सामने, सांसदों ने कहा- पार्टी को बचाना है तो CM अमरिंदर को हटाओ

मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड के बाद अब पंजाब कॉन्ग्रेस का मतभेद भी खुलकर सामने आ गया है। सीएम अमरिंदर के ख़िलाफ पार्टी नेताओं ने घेराबंदी शुरू कर दी है।

‘घुस के मारो सालों को’: बंगाल में मुस्लिम भीड़ ने राम की पूजा कर रहे हिंदुओं को बनाया निशाना, देखें Video

राम मंदिर भूमिपूजन के मौके पर बंगाल में कई जगहों पर पूजा आयोजित की गई थी। इन्हें मुस्लिम भीड़ ने चुन-चुनकर निशाना बनाया।

प्रचलित ख़बरें

कॉल रिकॉर्ड से खुली रिया चकवर्ती की कुंडली: मुंबई के DCP के संपर्क में थी, महेश भट्ट का भी नाम

रिया चक्रवर्ती की कॉल डिटेल से पता चला है कि वह मुंबई पुलिस के एक टॉप अधिकारी के संपर्क में थी।

असम: राम मंदिर का जश्न मना रहे बजरंगदल कार्यकर्ताओं से मुस्लिमों ने की हिंसक झड़प, 25 को बनाया बंधक, कर्फ्यू

झड़प के दौरान पाकिस्तान के समर्थन में भी नारे लगे गए और मुस्लिम युवकों ने बजरंगदल के करीब 25 कार्यकर्ताओं को बंधक भी बना दिया।

‘घुस के मारो सालों को’: बंगाल में मुस्लिम भीड़ ने राम की पूजा कर रहे हिंदुओं को बनाया निशाना, देखें Video

राम मंदिर भूमिपूजन के मौके पर बंगाल में कई जगहों पर पूजा आयोजित की गई थी। इन्हें मुस्लिम भीड़ ने चुन-चुनकर निशाना बनाया।

जैसे-जैसे खुल रही परतें, रिया चकवर्ती पर कसता जा रहा शिकंजा: सुशांत की मौत में गर्लफ्रेंड के ‘विलेन’ बनने की पूरी कहानी

14 जून को सुशांत घर में लटके मिले थे। शुरू में सुसाइड लग रहा मामला आगे बढ़ा और संदेह के दायरे में आई रिया चकवर्ती। क्या हुए हैं खुलासे? पढ़िए, सब कुछ।

‘राम मंदिर बन गया, कपिल सिब्बल कब करेंगे आत्महत्या’: रामलला के वकील रहे के पराशरण नहीं हैं ट्विटर पर

पराशरण रामलला विराजमान के वकील थे। पिछले कुछ दिनों से उनके नाम का एक ट्विटर अकाउंट सक्रिय है। जानिए क्या है इस अकाउंट की हकीकत।

मरते हुए सड़क पर रक्त से लिखा सीताराम, मरने के बाद भी खोपड़ी में मारी गई 7 गोलियाँ… वो एक रामभक्त था

वो गोली लगते ही गिरे और अपने खून से लिखा "सीताराम"। शायद भगवान का स्मरण या अपना नाम! CRPF वाले ने 7 गोलियाँ और मार कर...

सुशांत सिंह मामले में क्या छिपा रही मुंबई पुलिस, रिया ने किसको दिए पैसे: बिहारियों के लिए इसके मायने बता रहे अजीत भारती

सुशांत सिंह राजपूत की मौत को आत्महत्या कहना इस घटना का बेहद सतही आँकलन कहा जा सकता है। जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ रही है, इसमें हर दिन और हर पल नया खुलासा हो रहा है।

शिव भक्तों को काशी मिले-कृष्ण भक्तों को मथुरा, गोहत्या पर रोक के लिए बने कानून: यजमान मोदी से माँगी दक्षिणा

अयोध्या में भूमिपूजन करवाने वाले आचार्य पंडित गंगाधर पाठक ने पीएम मोदी से दक्षिणा में काशी-मथुरा की मुक्ति और गोहत्या पर पाबंदी के लिए कानून की मॉंग की है।

मस्जिद में कुरान पढ़ती बच्ची से रेप का Video आया सामने, मौलवी फरार: पाकिस्तान के सिंध प्रांत की घटना

पाकिस्तान के सिंध प्रान्त स्थित कंदियारो की एक मस्जिद में बच्ची से रेप का मामला सामने आया है। आरोपित मौलवी अब्बास फरार बताया जा रहा है।

‘जाँच केवल सबूतों पर आधारित’: दिल्ली पुलिस ने दंगों पर TOI के दावों का किया खंडन

दिल्ली पुलिस ने दंगों की जॉंच से को लेकर TOI के एक संपादकीय पर आपत्ति जताई है। कहा है कि जॉंच सबूतों और दस्तावेजों पर की जा रही है।

केरल विमान हादसा: अब तक 18 के मरने की पुष्टि, IAF के विंग कमांडर रह चुके थे पायलट डीवी साठे

कैप्टन डीवी साठे इंडियन एयरफोर्स में विंग कमांडर रह चुके थे। एयर इंडिया में शामिल होने से वह पहले वायुसेना में एक प्रायोगिक परीक्षण पायलट थे।

रिया के आने के बाद बदल गए थे सुशांत भैया, कुत्ते के बेल्ट से गला घोंटा गया होगा: पूर्व कर्मचारी का दावा- यह मर्डर...

सुशांत सिंह राजपूत के पालतू कुत्ते का नाम था फज। उनके पूर्व सहयोगी का दावा है कि फज की बेल्ट से उनका गला घोंटा गया, जिससे मौत हुई।

‘मथुरा-काशी बाकी है’: 1947 का वो यज्ञ जब 3 दोस्तों ने खींचा हिंदुओं के 3 पवित्र स्थल को वापस पाने का खाका

यह तो पहली झाँकी है, मथुरा-काशी बाकी है। ये नारा तो बहुत बाद में बुलंद हुआ। उससे बरसों पहले तीन दोस्तों ने अयोध्या के साथ-साथ इन दो हिंदू पवित्र स्थलों को वापस पाने का एक विस्तृत खाका तैयार कर लिया था।

जैसे-जैसे खुल रही परतें, रिया चकवर्ती पर कसता जा रहा शिकंजा: सुशांत की मौत में गर्लफ्रेंड के ‘विलेन’ बनने की पूरी कहानी

14 जून को सुशांत घर में लटके मिले थे। शुरू में सुसाइड लग रहा मामला आगे बढ़ा और संदेह के दायरे में आई रिया चकवर्ती। क्या हुए हैं खुलासे? पढ़िए, सब कुछ।

अब पंजाब कॉन्ग्रेस की गुटबाजी आई सामने, सांसदों ने कहा- पार्टी को बचाना है तो CM अमरिंदर को हटाओ

मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड के बाद अब पंजाब कॉन्ग्रेस का मतभेद भी खुलकर सामने आ गया है। सीएम अमरिंदर के ख़िलाफ पार्टी नेताओं ने घेराबंदी शुरू कर दी है।

केरल में विमान के दो टुकड़े: खाई में गिरा दुबई से आया विमान, 191 लोग थे सवार

रिपोर्ट्स के अनुसार रनवे पर पानी जमा होने के कारण लैंडिंग के वक्त दुर्घटना हुई। जलभराव की वजह से प्लेन रनवे से आगे निकल गया।

हमसे जुड़ें

244,817FansLike
64,450FollowersFollow
293,000SubscribersSubscribe
Advertisements