170 विधायकों के साथ दिसंबर में ही बनाएँगे सरकार: संजय राउत ने दोहराया- CM शिवसेना का ही होगा

राउत के बयान से लगता है कि कॉन्ग्रेस और एनसीपी से शिवसेना की बातचीत अभी लम्बी चलेगी और इन दलों में सहमति बनने में समय लगेगा। दिसंबर आने में अभी 15 दिन से भी अधिक बचे हैं और...

शिवसेना नेता संजय राउत ने एक बार फिर दोहराया है कि उनकी पार्टी के नेतृत्व में ही सरकार बनेगी। राउत ने 170 विधायकों के समर्थन का दावा करते हुए कहा कि दिसंबर महीने में ही सरकार गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। राउत के बयान से लगता है कि कॉन्ग्रेस और एनसीपी से शिवसेना की बातचीत अभी लम्बी चलेगी और इन दलों में सहमति बनने में समय लगेगा। दिसंबर आने में अभी 15 दिन से भी अधिक बचे हैं। 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 145 विधायकों की ज़रूरत होती है। राउत ने कहा कि शिवसेना विधानसभा के फ्लोर पर अपनी ताक़त दिखाएगी

राउत ने दावा किया कि शिवसेना के नेतृत्व में बनने वाली सरकार पूरे 5 सालों तक चलेगी। उन्होंने तीनों दलों के बीच कॉमन मिनिमम प्रोग्राम तैयार किए जाने की ख़बर की पुष्टि की। बता दें कि एनसीपी ने शिवसेना से हिंदुत्व वाले रुख में नरमी लाने को कहा है। साझा समझौते में यह भी तय किया गया है कि शिवसेना वीर सावरकर के लिए भारत रत्न की माँग नहीं करेगी। साथ ही कई कॉन्ग्रेस शासित राज्यों में फ्लॉप रही कर्जमाफी को भी साझा समझौते में शामिल किया गया है। राउत ने कहा कि एनसीपी और कॉन्ग्रेस से उनकी बातचीत जारी है।

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के एग्जीक्यूटिव एडिटर संजय राउत ने कहा कि पुराने एनडीए और अभी के एनडीए में काफ़ी अंतर है। शिवसेना और अकाली दल को राजग का संस्थापक दल बताते हुए राउत ने कहा कि अगर उनकी पार्टी गठबंधन से अलग नहीं होती तो जनता कभी उन्हें माफ़ नहीं करती। उन्होंने कहा कि भाजपा ने उद्धव ठाकरे को झूठा साबित करने का प्रयास किया है। राउत ने ‘सामना’ में अपने कॉलम ‘रोकटोक’ में लिखा कि भाजपा ख़ुद को शिवाजी की पार्टी बना कर पेश कर रही है लेकिन सतारा से उदयनराजे भोसले शिवाजी के नाम पर चुनाव लड़ने के बावजूद हार गए। राउत ने लिखा कि शिवाजी सिर्फ़ भाजपा के नहीं हैं, महाराष्ट्र के सभी 11 करोड़ लोगों के हैं।

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उधर रविवार (नवंबर 17, 2019) को जब पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बाल ठाकरे की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दने पहुँचे तो उन्हें शिवसेना समर्थकों की नारेबाजी का सामना करना पड़ा। शिवसेना कार्यकर्ताओं ने फडणवीस के सामने ‘सरकार किसकी, शिवसेना की’ जैसे नारे लगाए। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने फडणवीस को हारा हुआ जनरल करार दिया। मलिक ने कहा कि फडणवीस एक हारे हुए जनरल की तरह अपनी फ़ौज का मनोबल बढ़ाने में लगे हुए हैं। मलिक ने कहा कि फडणवीस को अपनी हार स्वीकार कर लेनी चाहिए।

इधर शिवसेना और एनसीपी नेताओं ने भी पहली बार बाल ठाकरे की समाधि ‘शिवतीर्थ’ पर पहुँच कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। एनसीपी नेता छगन भुजपाल ने ठाकरे के साथ अपने क़रीबी संबंधों को याद किया। उद्धव ठाकरे और उनकी पत्नी रश्मि ने भी शिवाजी पार्क में बाल ठाकरे को श्रद्धांजलि अर्पित की। ‘युवा सेना’ के अध्यक्ष आदित्य ठाकरे ने भी बालासाहब की सातवीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

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