टॉइम्स का मेगा पोल: प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी हैं 84% जनता की पहली पसंद

बीते पाँच सालों में एनडीए के कार्यकाल की समीक्षा करते हुए 22.29% यूजर्स ने इसे बढ़िया और 59.51% ने इसे बहुत बढ़िया बताया है।

जल्द ही देश में लोकसभा चुनाव के कारण राजनीति और अधिक गरमाने वाली है। हर किसी में उत्सुकता है कि इस साल चुनाव के क्या परिणाम आएँगे। ऐसे में टाइम्स मेगा ऑनलाइन पोल के नतीजों में सामने निकल कर आया है कि जनता पीएम के रूप में एक बार फिर नरेंद्र मोदी को चाहती है।

इस ऑनलाइन पोल के नतीजों में नरेंद्र मोदी को दोबारा बड़ा समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है। इस सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाले 84% पाठकों ने मोदी को ही अपनी पहली पसंद बताया है और लगभग इतने ही लोगों का मानना है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में ही केंद्र में एनडीए की सरकार बनेगी।

बता दें कि इस सर्वे में करीब पाँच लाख से अधिक पाठकों ने हिस्सा लिया लेकिन टॉइम्स ने सिर्फ़ उन्हीं यूजर्स के मत गिने जो ईमेल आईडी से लॉग-इन कर सर्वे का हिस्सा बने। दरअसल, यह लॉग-इन की शर्त टाइम्स ने इसलिए रखी ताकि कोई भी एक यूजर एक से ज्यादा बार वोटिंग न कर सके। इस पोल को 11 से 20 फरवरी के बीच कराया गया था। साथ ही लोगों की निष्पक्ष वोटिंग जानने के लिए रिजल्ट को साथ-साथ नहीं दर्शाया गया था।

प्रधानमंत्री पद के लिए मोदी लोकप्रियता में सबसे आगे

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

पोल में सामने आए नतीजे बताते हैं कि नरेंद्र मोदी लोकप्रियता के मामले में अपने प्रतिद्वंद्वियों से बहुत आगे हैं। इसलिए लगभग 84% यूज़र्स ने बताया कि अगर आज की तारीख़ में चुनाव होते हैं तो वे पीएम के तौर पर मोदी को चुनेंगे।

पोल के नतीजों की लिस्ट में राहुल गांधी दूसरे स्थान पर हैं। सर्वे में शामिल 8.33% पाठकों ने उन्हें पीएम के रूप में अपनी पहली पसंद बताया जबकि ममता बनर्जी को केवल 1.44% पाठकों ने और मायावती को सिर्फ़ 0.43% पाठकों ने पीएम के रूप में अपनी पहली पसंद बताया। इसके अलावा 5.92% लोग चाहते हैं कि कोई और नेता पीएम बने।

राफेल विवाद से एनडीए को चुनाव में होगा कोई नुकसान?

इस पोल में यह भी पूछा गया कि राफेल विवाद से एनडीए को लोकसभा चुनाव में नुकसान होगा? लगभग 74.59% ने इस फैक्टर को नकार दिया और 17.51% लोगों ने इससे सहमति जताई, 7.9% लोगों ने इसपर कुछ नहीं कहा।

2014 के मुकाबले राहुल की लोकप्रियता?

क्या राहुल गांधी 2014 के मुकाबले ज्यादा लोकप्रिय हैं? इस सवाल पर 31% लोग सहमत हुए जबकि 63% लोग राहुल को आज भी लोकप्रिय नहीं मानते हैं।

एनडीए-2 के पाँच साल की समीक्षा

बीते पाँच सालों में एनडीए के कार्यकाल की समीक्षा करते हुए 22.29% यूजर्स ने इसे बढ़िया और 59.51% ने इसे बहुत बढ़िया बताया है। 8.25% लोगों ने मोदी सरकार के कार्यकाल को एवरेज बताया जबकि 9.9 % यूजर्स की नजरों में बेहद खराब रहा।

मोदी सरकार की सबसे बड़ी सफलता और विफलता?

इस पोल में मोदी सरकार की सबसे बड़ी सफलता और विफलता के बारे में भी पूछा गया था। इस सवाल की प्रतिक्रिया पर 34.39% लोगों ने कहा कि मोदी ने गरीबों की योजनाओं के विस्तार के लिए में सबसे अच्छा काम किया। जबकि 29% लोग GST लागू कराने को सबसे बड़ी सफलता मानते हैं। इसके अलावा मोदी सरकार की विफलता की बात करें तो 35.72% लोग राम मंदिर के मुद्दे पर कोई प्रगति न होने को सबसे बड़ी विफलता मानते हैं, वहीं 29.5% यूज़र्स रोजगार के मुद्दे पर मोदी सरकार को विफल मानते हैं।

लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा?

सर्वेक्षण में 2019 में लोगों से लोकसभा चुनाव का सबसे बड़े मुद्दे के बारे में पूछा गया तो 40.2% लोगों ने रोज़गार को सबसे बड़ा मुद्दा बताया। वहीं 21.8% लोग किसानों के संकट को सबसे बड़ा मुद्दा मानते हैं। इसके अलावा राम मंदिर पर लोग भले मोदी सरकार की आलोचना करें लेकिन सिर्फ 10% लोग ही इसे लोकसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा मानते हैं।

बीते पाँच सालों में अल्पसंख्यक कितने असुरक्षित?

मोदी सरकार में अल्पसंख्यकों के असुरक्षित होने के सवाल पर 65.5% लोगों ने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि मोदी सरकार में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं। वहीं 24.2% लोगों का यह मानना है कि मोदी सरकार में अल्पसंख्यक असुरक्षित महसूस करते हैं।

आर्थिक रूप से पिछड़ों को आरक्षण के सवाल पर 72.6% लोगों ने कहा कि इस कदम से बीजेपी को चुनावों में फायदा पहुँचेगा। इस पोल में कुछ लोगों का यह भी कहना था कि 2019 में UPA और NDA के समर्थन वाली गठबंधन वाली सरकार बनेगी।

बता दें हिंदी और अंग्रेज़ी के अलावा टाइम्स के अन्य सात अन्य भाषाओं (गुजराती, मराठी, बंगाली, कन्नड़, तेलुगू, तमिल और मलयालम) की वेब साइट्स के संपादकों ने इस पोल के लिए 10 सवाल तय किए ताकि उन सवालों के जवाब से लोकसभा चुनावों के लिए देश की जनता के मूड का अनुमान लगाया जा सके। टाइम्स द्वारा कराया गया यह पोल सिर्फ ऑनलाइन यूजर्स के लिए ही था और इसके परिणाम सभी वर्ग के भारतीयों मतदाताओं का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

ऐसी घटनाएँ, जिनमें मुस्लिमों के अपराधी होने की ख़बर आई और पीड़ित दलित या हिन्दू थे। लेकिन, किसी ने आवाज़ नहीं उठाई। कोई नया नैरेटिव नहीं गढ़ा गया। पढ़िए ऐसी 50 घटनाओं का विवरण, जिसे मेनस्ट्रीम मीडिया द्वारा प्रमुखता से नहीं उठाया गया।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

हस्तमैथुन

‘दाढ़ी वाला ऑटो ड्राइवर मुझे देखकर हस्तमैथुन कर रहा था’: MBA कर रही 19 साल की लड़की की आपबीती

"मैं हीरानंदानी में जॉगिंग कर रही थी। फिर पास के एक बैंक एटीएम की सीढ़ियों पर बैठ गई। अपना फोन देखने में बिजी हो गई। जैसे ही मेरी नजर फोन से हटकर ऊपर को हुई तो सामने एक ऑटो में एक आदमी बैठा मुझे घूर रहा था। फिर जल्द ही यह भी समझ आ गया कि वह सिर्फ मुझे घूर ही नहीं रहा था बल्कि वो हस्तमैथुन भी कर रहा था।"
नुसरत जहां

सांसद नुसरत जहाँ के सिंदूर, मेंहदी, वंदे मातरम पर इस्लामिक चिरकुट नाराज, दी गंदी गालियाँ

नुसरत जहाँ के खिलाफ सोशल मीडिया पर लगातार आपत्तिजनक व्यंग्य और टिप्पणियाँ की जा रही हैं। उन्हें हिन्दू से शादी करने के लिए भद्दी गालियों के साथ ही जन्नत में जगह ना मिलने तक की दुआएँ की जा रही हैं।
पशु क्रूरता

तेलंगाना में नगरपालिका की क्रूरता: 100 कुत्तों को ज़हर देकर मार डाला, ज़मीन में दफनाया

"मैं इस बात को देख कर हैरान थी कि मेरे सारे कुत्ते गायब हैं। उनमें से कोई भी आक्रामक नहीं था और किसी ने भी कभी कोई हिंसक परिस्थिति नहीं पैदा की। अगर लोगों ने शिकायत की ही थी तो नगरपालिका वालों को 'एनिमल बर्थ कण्ट्रोल' अपनाना चाहिए था।"
रेप

तौसीफ़ इमरान ने नाबालिग छात्रा को बनाया हवस का शिकार, Tik Tok पर बनाता था बलात्कार का वीडियो

"मेरी बेटी का धर्म-परिवर्तन कराने के मक़सद से उसे विभिन्न धार्मिक स्थलों पर ले जाता था। शादी का वादा करने पर मेरी नाबालिग बेटी ने रमज़ान पर रोज़ा रखना भी शुरू कर दिया था।"
अलीगढ़ में कचौड़ीवाला

अलीगढ़ में कचौड़ी वाला निकला करोड़पति, जाँच अधिकारियों ने जारी किया नोटिस

वाणिज्य एवं कर विभाग के एसआईबी के अधिकारियों ने पहले कचौड़ी वाले को ढूँढा और फिर 2 दिन तक आस-पास बैठकर उसकी बिक्री का जायजा लिया। 21 जून को विभाग की टीम मुकेश की दुकान पर जाँच करने पहुँची। जाँच में व्यापारी ने खुद सालाना लाखों रुपए के टर्नओवर की बात स्वीकारी।
जय भीम-जय मीम

जय भीम जय मीम की कहानी 72 साल पुरानी… धोखा, विश्वासघात और पश्चाताप के सिवा कुछ भी नहीं

संसद में ‘जय भीम जय मीम’ का नारा लगा कर ओवैसी ने कोई इतिहास नहीं रचा है। जिस जोगेंद्र नाथ मंडल ने इस तर्ज पर इतिहास रचा था, खुद उनका और उनके प्रयास का हश्र क्या हुआ यह जानना-समझना जरूरी है। जो दलित वोट-बैंक तब पाकिस्तान के हो गए थे, वो आज क्या और कैसे हैं, इस राजनीति को समझने की जरूरत है।
मनोज कुमार

AAP विधायक मनोज कुमार को 3 महीने की जेल, ₹10 हजार का जुर्माना

एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने 11 जून को मनोज कुमार को आईपीसी की धारा 186 और जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 131 के तहत दोषी ठहराया था। अदालत ने पुलिसवालों की गवाहियों को विश्वसनीय मानते हुए ये फैसला सुनाया था और बहस के लिए 25 जून की तारीख मुकर्रर की गई थी।

त्रिपुरा के आदिवासी इलाकों में बंद पड़े स्कूलों का संचालन संभालेगा ISKCON

त्रिपुरा में फ़िलहाल 4,389 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल हैं। नाथ ने कहा कि राज्य सरकार के अधीन आने वाले 147 स्कूलों ऐसे हैं जिनमें अधिकतम 10 बच्चे पढ़ते हैं। बाकी 13 बंद पड़े हैं क्योंकि उनमें एक भी बच्चा नहीं पढ़ता।
रेप आरोपित को गोली मारी

6 साल की बच्ची का बलात्कार और हत्या: आरोपित नाज़िल को IPS अजय पाल ने मारी गोली, हो रही तारीफ

आरोपित नाज़िल ने बच्ची की पहचान भी छिपाने की पूरी कोशिश की थी। उसने बच्ची को मार कर उसके चेहरे पर तेज़ाब डाल दिया था, ताकि उसका चेहरा बुरी तरह झुलस जाए और कोई भी उसे पहचान नहीं पाए।
मंसूर खान, वीडियो

‘शायद मार दिया जाऊँ… फिर भी भारत लौट कर नेताओं के नाम का खुलासा करना चाहता हूँ’

"जो नेता मेरे करीबी थे, वही नेता अब मेरे लिए और मेरे परिवार के लिए खतरा बने हुए हैं। मैं भारत वापस आना चाहता हूँ, सारी जानकारी देना चाहता हूँ। भारत आकर मैं निवेशकों का पैसा लौटाना चाहता हूँ।"

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

52,271फैंसलाइक करें
9,005फॉलोवर्सफॉलो करें
70,284सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: