Monday, November 29, 2021
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केजरीवाल सरकार ने जल संकट का ठीकरा हरियाणा पर फोड़ा, CM खट्टर ने कहा- दिल्ली नहीं सँभलती तो हमें दे दें

"वे हर चीज के लिए हरियाणा को दोष देते हैं। अगर प्रदूषण है तो वे इसके लिए हरियाणा को जिम्मेदार ठहराते हैं। जब उनके पास कोई तर्कसंगत कारण नहीं होता है, तो वे हरियाणा को ही दोषी ठहरा देते हैं। अगर केजरीवाल से दिल्ली नहीं सँभलती तो उसे हरियाणा को दे दें। हम उसे भी सँभाल लेंगे।''

हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने ‘आप’ नेता व दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने दिल्ली के लिए पानी की एक भी बूँद को अवरुद्ध नहीं किया है।

हरियाणा के सीएम ने विज्ञापनों के माध्यम से अपनी छवि सुधारने वाली केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा है। खट्टर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, ”दिल्ली के सीएम को खुद को बेहतर बताने और अपनी प्रशंसा करने की आदत है। हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार पानी छोड़ रहे हैं। पानी की एक बूँद भी अपने पास नहीं रख रहे हैं। हमें पीने के लिए 1.5 गुना अधिक पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन हम उन्हें देते हैं। दिल्ली और हरियाणा अलग नहीं हैं, हम पड़ोसी हैं।”

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आड़े हाथों लेते हुए खट्टर ने कहा, “वे हर चीज के लिए हरियाणा को दोष देते हैं। अगर प्रदूषण है तो वे इसके लिए हरियाणा को जिम्मेदार ठहराते हैं। जब उनके पास कोई तर्कसंगत कारण नहीं होता है, तो वे हरियाणा को ही दोषी ठहरा देते हैं।” उन्होंने कहा कि अगर केजरीवाल से दिल्ली नहीं सँभलती तो उसे हरियाणा को दे दें। हम उसे भी सँभाल लेंगे।”

खट्टर ने इस दौरान केजरीवाल को कोरोना महामारी की दूसरी लहर में दिल्ली सरकार द्वारा बनाई गई कृत्रिम ऑक्सीजन डिमांड की भी याद दिलाई। उन्होंने कहा, ”केजरीवाल ने ऑक्सीजन के संबंध में भी यही किया। उन्हें 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिला, जबकि 2.9 करोड़ की आबादी होने के बावजूद हमें केवल 282 मीट्रिक टन ही मिला। हमारे पास उनसे ज्यादा मरीज थे, ज्यादा अस्पताल थे, हमारा एरिया ज्यादा था और दिल्ली से भी लोग इलाज के लिए हमारे पास आ रहे थे।”

खट्टर सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा, “हरियाणा भी भारी पानी की कमी का सामना कर रहा है। यह बहुत ही खेद की बात है कि सकारात्मक प्रयास करने और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करने के बावजूद दिल्ली द्वारा हरियाणा सरकार की आलोचना की जा रही है।”

‘आप’ ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

मई 2021 में दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि हरियाणा दिल्ली को पानी का पूरा हिस्सा नहीं दे रहा है। हालाँकि, जल शक्ति मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता वाली एक समिति की रिपोर्ट के आधार पर याचिका का निपटारा कर दिया गया था।

‘आप’ ने हरियाणा सरकार को धमकाया

आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने पानी की किल्लत को बीजेपी की साजिश बताते हुए शनिवार (10 जुलाई 2021) को हरियाणा सरकार को धमकी देते हुए कहा, “अगर 24 घंटे में दिल्ली के हिस्से का पानी नहीं छोड़ा गया, तो दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष के घर का पानी का कनेक्शन बंद कर दिया जाएगा।”

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार बार-बार दिल्ली के पानी को रोक रही है। ऐसे में हमें अक्सर हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के पास जाना पड़ता है। भाजपा को सही रास्ते पर लाने के लिए पानी का कनेक्शन बंद करना ही एकमात्र रास्ता है।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली सरकार ने राजधानी में जल संकट के लिए हरियाणा सरकार के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है। हालाँकि, पहले की सभी याचिकाओं का सुप्रीम कोर्ट निपटारा कर चुकी है, क्योंकि दिल्ली में पानी की कमी पूरी तरह से दिल्ली के आंतरिक कुप्रबंधन के कारण प्रभावित है, जिसमें हरियाणा की कोई भूमिका नहीं थी।

बता दें कि हाल ही में ‘आप’ नेता व दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने हरियाणा सरकार पर दिल्ली को कम पानी देने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि हरियाणा की वजह से राष्ट्रीय राजधानी में पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। चड्ढा ने कहा, ”हरियाणा ने दिल्लीवासियों को उनके हक से वंचित कर दिया है। दिल्ली में दैनिक जल उत्पादन 245 एमजीडी से घटकर 150-145 एमजीडी रह गया है।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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