Homeराजनीतिपश्चिम बंगाल में डॉक्टरों के बाद अब शिक्षक भी सड़क पर, पुलिस से हाथापाई

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों के बाद अब शिक्षक भी सड़क पर, पुलिस से हाथापाई

इन शिक्षकों ने काफ़ी समय पहले ही राज्य सरकार को अपनी माँगों से परिचित करा दिया था लेकिन लोकसभा चुनाव जीतने के बाद इनकी माँगों को सुनने का आश्वासन दिया गया था। अब बात तो दूर, मिलने से भी इनकार...

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों के बाद अब शिक्षकों की नाराज़गी सामने आई है। कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित मयूख भवन द्वीप पर शिक्षकों और पुलिस के बीच हाथापाई की घटना भी सामने आई है। एसएसके, एमएसके और एएस शिक्षक संघों के शिक्षक सोमवार को शिक्षा मंत्री से मुलाकात करने के लिए विकास भवन जा रहे थे। शिक्षकों की माँग है कि उनका वेतन बढ़ाया जाए क्योंकि उन्हें काफ़ी कम रूपए मिल रहे हैं। पुलिस ने जब शिक्षकों को मयूख भवन द्वीप पर जाने से रोक दिया, तब शिक्षकों ने बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने जब उन्हें रोका तो दोनों में भिड़ंत हो गई।

ये शिक्षक पिछले 6 दिनों से लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। वे राज्य के शिक्षा मंत्री से मिलने की माँग कर रहे हैं। सोमवार (जून 17, 2019) को शिक्षकों ने जब शिक्षा मंत्री से मिलने का प्रयास किया, तब ये झड़प हुई। मंत्री ने उन्हें मिलने के लिए समय नहीं दिया, जिसके बाद वे आक्रोशित हो गए। असल में इन शिक्षकों ने काफ़ी समय पहले ही राज्य सरकार को अपनी माँगों से परिचित करा दिया था लेकिन लोकसभा चुनाव जीतने के बाद इनकी माँगों को सुनने का आश्वासन दिया गया था।

अब, जब लोकसभा चुनाव जीतने के बाद शिक्षक मंत्री से मिलने पहुँचे, तब उन्होंने बात करना तो दूर, मिलने के लिए समय देने तक से भी इनकार कर दिया। बता दें कि बंगाल में डॉक्टरों व सरकार की भी कई दिनों से भिड़ंत चल रही है। 11 जून को जूनियर डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट के विरोध में पूरे देश के डॉक्टरों ने बंगाल के डॉक्टरों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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