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UP की चुनावी हवा में अब परफ्यूम: कौन है खजांचीनाथ, जिसके जन्मदिन पर सपा ने लॉन्च किया ‘समाजवादी’ इत्र

इस परफ्यूम को लॉन्च बाकायदा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके किया गया। हरे और लाल रंग के कॉम्बिनेशन से बनी परफ्यूम की डिब्बी में अखिलेश यादव का चेहरा और पार्टी चिह्न साइकिल छपा है।

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी अपने दल की छवि बनाने के लिए लगातार प्रयासों में जुटी है। इसी क्रम में उन्होंने आज पार्टी कार्यालय में पार्टी के नाम का परफ्यूम लॉन्च किया है। ये परफ्यूम खजांचीनाथ नाम के बच्चे के जन्मदिन पर लॉन्च हुआ, जिसका जन्म नोटबंदी के दौरान बैंक में हुआ था। वह कानपुर देहात का रहने वाला है।

खजांचीनाथ-नोटबंदी के समय बैंक में हुआ था जन्म।

इस परफ्यूम को लॉन्च बाकायदा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके किया गया। हरे और लाल रंग के कॉम्बिनेशन से बनी परफ्यूम की डिब्बी में अखिलेश यादव का चेहरा और पार्टी चिह्न साइकिल छपा है। इसके पीछे कन्नौज एमएलसी पम्मी जैन का नंबर भी दिया गया है।

पार्टी का तर्क है कि जब वह समाजवादी पार्टी के इस परफ्यूम का इस्तेमाल करेंगे तो उन्हें इसमें समाजवाद की महक आएगी। इस परफ्यूम से 2022 में हर नफरत का खात्मा होगा। इस परफ्यूम को लॉन्च करने के बाद अखिलेश ने दावा किया कि नोटबंदी के कारण सैंकड़ों लोगों की जान गई। ऐसे में खजांची ही था जो बैंक में पैदा हुआ।

अपनी बात करते करते अखिलेश ने भारतीय जनता पार्टी को नोटबंदी के लिए खूब कोसा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी को मास्टरस्ट्रोक बताया गया लेकिन असल में वो ब्रेनस्ट्रोक बन गया। अपनी बात रखते हुए अखिलेश ने भाजपा को भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों पर घेरा और दावा किया कि भाजपा ने जानबूझकर लोगों को परेशान करने के लिए नोटबंदी की थी।

पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश यादव ने अलग से उन्हें रोकते हुए कहा कि मतदाता सूची में 21, 56, 262 नाम जोड़े गए हैं और 16, 42, 756 नाम काटे गए हैं। जो नाम काटे गए और जोड़े गए उन नामों की सूची जारी की जाती है, लेकिन इस बार चुनाव आयोग ना जाने किसके दबाव में ये सूची जारी नहीं कर रहा है। अगर चुनाव आयोग ने ये सूची नहीं जारी की तो हम चुनाव आयोग के खिलाफ धरना भी देंगे।

बता दें कि साल 2016 में भी समाजवादी पार्टी ने  4 परफ्यूम लॉन्च किए थे जो प्रतीकात्मक तौर पर बनारस घाट, कन्नौज, ताजमहल, रूमी दरवाजा को दिखा रहे थे। हालाँकि वो परफ्यूम सीमित थे और उनका वितरण तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था। उस दौरान समाजवादी सुगंध की शुरुआत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा था, “संगीत हमेशा से समाजवाद का हिस्सा रहा है। इसमें सुगंध है। मैंने हमेशा कहा है कि हमारी नदियाँ भी समाजवादी प्रकृति की हैं क्योंकि वे सभी की समान रूप से सेवा करती हैं। समाजवादी सुगंध एक समान पहल है और पार्टी और बाहर सभी को एकजुट करेगी और समाजवाद के संदेश को दूर-दूर तक फैलाएगी।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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