Homeराजनीतिरद्द हो सकता है राहुल गाँधी का अमेठी से नामांकन-पत्र, ग़लत दस्तावेज़ जमा करने...

रद्द हो सकता है राहुल गाँधी का अमेठी से नामांकन-पत्र, ग़लत दस्तावेज़ जमा करने का लगा आरोप

दस्तावेज़ों में राहुल की नागरिकता और डिग्री पर सवाल खड़े किए गए हैं। इन दस्तावेज़ों में राहुल गाँधी का नाम राउल विंची लिखा पाया गया है। इसके अलावा उनके पास ब्रिटिश नागरिकता है।

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी का विवादों से पुराना नाता है। फ़िलहाल, राजनीतिक गलियारे से एक ऐसी ख़बर सामने आई है, जिससे उनके अमेठी से नामांकन रद्द होने तक की नौबत आ सकती है। राहुल गाँधी के वकील राहुल कौशिक ने रिटर्निंग अधिकारी से समय माँगा है। इस मामले पर अब 22 अप्रैल को कॉन्ग्रेस अध्यक्ष का पक्ष रखेंगे।

दरअसल, अमेठी में राहुल गाँधी द्वारा दाखिल किए गए नामांकन पत्र को लेकर आपत्ति दर्ज की गई है। दस्तावेज़ों में राहुल की नागरिकता और डिग्री पर सवाल खड़े किए गए हैं। इन दस्तावेज़ों में राहुल गाँधी का नाम राउल विंची लिखा पाया गया है। इसके अलावा उनके पास ब्रिटिश नागरिकता है।

आपत्ति दर्ज कराने वाले में निर्दलीय प्रत्याशी ध्रुव कौशल ने राहुल के नामांकन को रद्द करने की माँग की थी। इसमें दावा किया गया था कि राहुल ने ग़लत दस्तावेज़ जमा करके निर्वाचन अधिकारी को गुमराह करने का काम किया है।

इसके अलावा राहुल गाँधी पर यह आरोप भी है कि दस्तावेज़ों में उन्होंने अपनी इंग्लैंड की कंपनी का उल्लेख नहीं किया। साथ ही उन्होंने एफिडेविट्स में जिन कॉलेजों से पढ़ाई करने का दावा किया, उसकी वास्तविकता यह है कि उन्होंने वहाँ से पढ़ाई की ही नहीं। इस सभी दस्तावेज़ों को ग़लत साबित करने वाले वकील ने निर्वाचन अधिकारी को सभी असली दस्तावेज़ उपलब्ध कराए।

इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर यूज़र्स ने राहुल गाँधी की जमकर खिल्ली उड़ाई। ग़लत दस्तावेज़ों पर चुटकी लेते हुए एक यूज़र ने लिखा कि फँस गया पप्पू…अब होगा असली दंगल।

एक अन्य यूज़र ने लिखा कि जानबूझकर ग़लत फ़ार्म भरा होगा जिससे हार टाल सके और Victim Play करने को मिल जाए।

ट्विटर पर एक यूज़र ने सलाह देते हुए लिखा कि राहुल गाँधीजी, आपके लिए अमेठी से हटना बेहतर है, आपकी हार सुनिश्चित है!


Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -