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BJP ने बंगाल EC को बताया TMC का दलाल, नहीं उतरने दिया अमित शाह का हैलीकॉप्टर

अमित शाह ने इस पूरे घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी दूसरी जनसभा जहाँ पर थी, वह ममता बनर्जी के भतीजे की सीट है, इसीलिए उन्हें वहाँ जाने से रोक दिया गया।

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर से गरमा गई है। राज्य में लगातार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने के आरोप लगते रहे हैं। अब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से जुड़ा होने के कारण मामला और भी बड़ा हो गया है। दरअसल, जाधवपुर में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के हेलीकॉप्टर को उतरने की इजाज़त नहीं दी गई, जिससे उनकी रैली भी रद्द करनी पड़ी। इसके बाद प्रदेश भाजपा में भूचाल आ गया और सभी कार्यकर्ताओं व पार्टी पदाधिकारियों ने तृणमूल कॉन्ग्रेस सहित राज्य के प्रशासन पर जम कर निशाना साधा। भाजपा ने कहा कि पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग तृणमूल कॉन्ग्रेस की दलाली करने में लगा हुआ है। भाजपा ने राज्य चुनाव आयोग के दफ़्तर के सामने बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन किया।

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सुनील देवधर ने अपना विरोध जताते हुए कहा:

“पुलिस, प्रशासन, जिला अधिकारी रत्नाकर राव, तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) के दलाल बन चुके हैं। राज्य चुनाव आयोग पक्षपात कर रही है और टीएमसी की दलाली कर रही है। पश्चिम बंगाल में गणतन्त्र नहीं, दीदी का गुण्डातन्त्र चलता है! विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष को ममता बनर्जी के बंगाल में जनसभा करने की इजाज़त नहीं है! यहाँ पुलिस-प्रशासन के ऊपर ममता जी का भाषण भारी पड़ता है। अमित शाह जी को रैली के लिए परमिशन देने के बाद इसे अंतिम समय में कैंसल कर दिया गया। इसके अलावा दक्षिण कोलकाता में योगी आदित्यनाथ की रैली के लिए भी इजाज़त नहीं दी गई।”

भाजपा ने कहा कि तृणमूल कॉन्ग्रेस लगातार अलोकतांत्रिक माध्यमों का प्रयोग कर रही है और राज्य चुनाव आयोग मूकदर्शक बन कर रह गया है। भाजपा मीडिया प्रमुख और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने पार्टी के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और चुनाव आयोग में शिकायत भी दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य प्रशासन ने आखिरी समय पर अमित शाह के हैलीकॉप्टर को लैंड करने की इजाज़त नहीं दी। वैसे इससे पहले भी भाजपा नेताओं के हैलीकॉप्टर को लैंडिंग की इजाज़त नहीं दी गई थी। 21 जनवरी को शाह के हैलीकॉप्टर को लैंड होने की परमिशन नहीं मिली थी। उसके बाद उन्हें रैली स्थगित करनी पड़ी थी। उन्होंने 22 जनवरी को मालदा में रैली की थी।

तृणमूल कॉन्ग्रेस ने इस पूरे प्रकरण पर अपने किरदार को नकार दिया और दावा किया कि भाजपा ने ख़ुद से यह रैली रद्द कर दी क्योंकि जाधवपुर में लोगों को भीड़ नहीं जुटी थी। ममता सरकार में मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि भाजपा को रैली के फ्लॉप होने का डर था। अमित शाह ने इस पूरे घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी दूसरी जनसभा जहाँ पर थी, वह ममता बनर्जी के भतीजे की सीट है, इसीलिए उन्हें वहाँ जाने से रोक दिया गया। पश्चिम बंगाल की एक अन्य रैली में शाह ने ममता व उनके भतीजे अभिषेक पर निशाना साधा। शाह ने ‘जय श्री राम’ का उद्घोष करते हुए ममता को उन्हें गिरफ़्तार करने की चुनौती दी।

अमित शाह ने तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल में सिंडिकेट टैक्स को भतीजा टैक्स में बदल दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर हमें बंगाल का गौरव वापस लाना है तो हमें तृणमूल कॉन्ग्रेस सरकार को हटाना होगा जो घुसपैठियों को शरण दे रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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