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ममता के एक और सहयोगी नेता कोलकाता के पूर्व मेयर ने थामा बीजेपी का हाथ

भाजपा में शामिल होने के समय सोवन चटर्जी के साथ उनकी करीबी सहयोगी बैसाखी बनर्जी भी थीं। माना जा रहा है कि सोवन को वापस तृणमूल में सक्रिय कराने के लिए मंयता बनर्जी ने कई कोशिशें की थीं।

तृणमूल कॉन्ग्रेस सुप्रीमो को एक और ज़ोरदार झटका लगा है। उनके करीबी माने जाने वाले कोलकाता के पूर्व मेयर और बंगाल के फायर एंड इंजीनियरिंग और हाउसिंग विभागों के पूर्व मंत्री सोवन चटर्जी भाजपा में शामिल हो गए हैं। समाचार एजेंसी ANI ने तृणमूल से भाजपा में आए मुकुल रॉय के साथ बीजेपी के मुख्यालय पर उनकी फ़ोटो ट्विटर पर जारी की है।

बड़े दिनों से लग रहे थे दिल्ली के चक्कर

चटर्जी के पार्टी बदलने के कयास बहुत दिनों से लगाए जा रहे थे। दिल्ली के उनके कई दौरों ने कयासों को और हवा दे रखी थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार भाजपा में शामिल होने के लिए दिल्ली निकलने के पहले उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा की मत्स्यपालन पर स्टैंडिंग कमेटी से इस्तीफ़ा मंगलवार को ही भेज दिया। पिछले साल नवंबर में ममता बनर्जी ने उन्हें कोलकाता के मेयर के पद से इस्तीफ़ा देने को कहा था, जिसके बाद से वह तृणमूल नेताओं से कटे-कटे चल रहे थे

मनाने की हुईं कोशिशें

भाजपा में शामिल होने के समय सोवन चटर्जी के साथ उनकी करीबी सहयोगी बैसाखी बनर्जी भी थीं। माना जा रहा है कि सोवन को वापस तृणमूल में सक्रिय कराने के लिए मंयता बनर्जी ने कई कोशिशें की थीं। मुख्यमंत्री के संदेशवाहक और बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कई बार सोवन से मुलाकात की लेकिन वे नहीं पिघले।

एक समय ममता के बहुत करीबी सहयोगी माने जाने वाले सोवन के ममता के साथ सियासी रिश्तों में खटास का कारण मीडिया में उनके निजी जीवन की समस्याओं का सुर्खियाँ बन जाना माना जाता है। इसके अलावा उनपर आरोप यह भी था कि सोवन मंत्रिपद पर होते हुए भी, और मेयर के तौर पर भी, अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरतापूर्वक नहीं ले रहे थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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