Saturday, November 28, 2020
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अर्णब गोस्वामी को ‘एनकाउंटर कॉप्स’ गाड़ी में उठा कर ले गए, पुलिस वैन से कहा – ‘इन्होंने मुझे मारा, दुर्व्यवहार किया’

अर्णब गोस्वामी ने पुलिस वैन से कहा, "इन्होंने मुझे मारा है। मेरे साथ शारीरिक रूप से दुर्व्यवहार किया है।" उन्हें कुछ इस तरह से वैन में लेकर जाया गया, जैसे वो एक अपराधी हों। उनकी पत्नी ने उन पुलिसकर्मियों को 'एनकाउंटर कॉप्स' बताया।

मुंबई पुलिस लगातार अर्णब गोस्वामी के पीछे पड़ी हुई है। अब खबर मिली है कि मुंबई पुलिस ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के संस्थापक अर्णब गोस्वामी के घर में घुस गई है। मीडिया संस्थान द्वारा जारी किए गए वीडियो में पुलिसकर्मियों को एक पत्रकार को डाँटते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो में वो पत्रकार से कहते दिख रहे हैं कि वो उनके कार्य में बाधा न पहुँचाएँ। साथ ही मुंबई पुलिस ने अर्णब गोस्वामी के साथ भी दुर्व्यवहार किया, ऐसा चैनल का आरोप है।

मुंबई पुलिस ने पत्रकार से कहा, “हमारी कार्रवाई के बीच में मत आओ। हमें हमारी ड्यूटी करने दो।” उक्त पत्रकार बार-बार कहता रहा कि वो बस रिपोर्टिंग कर रहा है, लेकिन पुलिसकर्मी उसे ऐसा करने से रोकते रहे। बताया गया है कि करीब 10 पुलिसकर्मी अर्णब गोस्वामी के घर पहुँचे थे। बाहर पुलिस की कई गाड़ियाँ भी लगी हुई हैं। हथियारबंद पुलिसकर्मियों ने ये बताया भी नहीं कि वो किस लिए वहाँ आए हैं।

इसके बाद वीडियो में अर्णब गोस्वामी के साथ पुलिसकर्मी धक्का-मुक्की करते हुए भी दिख रहे हैं। अर्णब मुंबई पुलिस के अधिकारियों को बार-बार सोशल डिस्टेन्सिंग मेंटेन करने के लिए कहते हैं लेकिन मुंबई पुलिस के लोग पूछते नज़र आ रहे हैं कि वो ‘लीगल कैपेसिटी’ में वहाँ आए हैं और वो उनके साथ चलेंगे या नहीं? साथ ही उन्होंने अर्णब गोस्वामी को घर का दरवाजा बंद करने से भी रोक दिया और भीतर घुस गए।

पत्रकारों ने बताया कि उन्हें बाहर निकाल दिया गया है और अंदर क्या चल रहा है, इसका उन्हें कुछ भी पता नहीं। इसके बाद मुंबई पुलिस अर्णब गोस्वामी को एक गाड़ी में लेकर चले गए। उन्हें क्यों लेकर जाया गया है, ये नहीं पता। लेकिन चैनल का आरोप है कि मुंबई पुलिसकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। चैनल का कहना है कि उन्हें कुछ इस तरह से वैन में लेकर जाया गया, जैसे वो एक अपराधी हों। उनकी पत्नी ने उन पुलिसकर्मियों को ‘एनकाउंटर कॉप्स’ बताया।

अर्णब गोस्वामी ने पुलिस वैन से कहा, “इन्होंने मुझे मारा है। मेरे साथ शारीरिक रूप से दुर्व्यवहार किया है।” बता दें कि महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी ने आपराधिक मामला दायर किया था। इस ‘रिट पेटिशन’ पर सुनवाई के दौरान उद्धव ठाकरे की सरकार की तरफ से कॉन्ग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने बतौर अधिवक्ता हिस्सा लिया। महाराष्ट्र की उद्धव सरकार का कोर्ट में प्रतिनिधित्व करने के लिए कपिल सिब्बल को 10 लाख रुपए और वकील राहुल चिंटिस को 1.5 लाख रुपए प्रति सुनवाई दिए जाने का निर्णय लिया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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