Homeराजनीतिअरविन्द केजरीवाल ने भगवद्गीता का किया अपमान, श्रीकृष्ण को लेकर बोला झूठ

अरविन्द केजरीवाल ने भगवद्गीता का किया अपमान, श्रीकृष्ण को लेकर बोला झूठ

अरविन्द केजरीवाल इससे पहले भी हिन्दुओं की भावनाएँ भड़काने का काम कर चुके हैं। उन्होंने हनुमानजी को लेकर आपत्तिजनक कार्टून शेयर किया था। साथ ही उन्होंने पवित्र चिह्न स्वस्तिक को लेकर भी आपत्तिजनक चित्र ट्वीट किया था।

अरविन्द केजरीवाल ने भगवद्गीता का अपमान किया है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बातों को भी ग़लत तरीके से झूठ बोल कर पेश किया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने अमित शाह पर निशाना साधने के लिए भगवद्गीता के नाम पर आरोप-प्रत्यारोप का बाण तो चलाया लेकिन इससे उनकी पोल भी खुल गई। उन्होंने जो बातें भगवान श्रीकृष्ण के हवाले से कहा, वो बातें उन्होंने अर्जुन से कही ही नहीं थी। जहाँ एक तरफ़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवद्गीता के एक श्लोक का शब्दशः जिक्र कर असम के लोगों का दिल जीत लिया, केजरीवाल का चुनावी प्रोपेगंडा लोगों को रास नहीं आया।

दरअसल, अरविन्द केजरीवाल ने अमित शाह को बहस के लिए चुनौती दी थी। अब उन्होंने दावा किया है कि केंद्रीय गृहमंत्री ने उनकी चुनौती को स्वीकार नहीं किया है। केजरीवाल ने दावा किया कि अमित शाह डर कर भाग गए हैं। ये अलग बात है कि भाजपा के कई नेता केजरीवाल को बहस की चुनौती देते हैं लेकिन इसका उनके या उनकी पार्टी की तरफ़ से कोई जवाब नहीं आता। केजरीवाल ने कहा:

“गीता में लिखा है कि एक सच्चा हिन्दू बहादुर होता है वो कभी मैदान छोड़कर भागता नहीं। मैंने अमित शाह को खुली बहस की चुनौती दी लेकिन वो मैदान छोड़कर भाग गए।”

सोशल मीडिया पर इतिहास विशेषज्ञ ‘ट्रू इंडोलॉजी’ ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के झूठ की पोल खोल दी। दरअसल, श्रीकृष्ण ने पूरे भगवद्गीता में कहीं भी ‘हिन्दू’ शब्द का जिक्र ही नहीं है। इस बारे में कई विशेषज्ञों ने बताया है कि भगवद्गीता में श्रीकृष्ण ने कहीं नहीं कहा है कि वो हिन्दुओं के देवता हैं। अव्वल तो ये कि उस समय ‘धर्म’ का प्रयोग उस अर्थ में नहीं होता था, जैसे आज किया जाता है। जैसे- हिन्दू, मुस्लिम, सिख ईसाई वगैरह। इसीलिए, श्रीकृष्ण ने ‘एक सच्चा हिन्दू’ कहीं कहा ही नहीं।

उधर असम के कोकराझार में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवद्गीता का उदाहरण देते हुए लोगों को समझाया कि भगवान श्रीकृष्ण ने बीच युद्ध में पाण्डवों से कहा था कि किसी भी प्राणी से बैर न रखने वाला प्राणी भी मेरा है। उन्होंने निम्लिखित श्लोक का जिक्र किया:

मत्कर्मकृन्मत्परमो मद्भक्तः सङ्गवर्जितः।
निर्वैरः सर्वभूतेषु यः स मामेति पाण्डव।।11.55।।
हे पाण्डव! जो पुरुष मेरे लिए ही कर्म करने वाला है, और मुझे ही परम लक्ष्य मानता है, जो मेरा भक्त है तथा संगरहित है, जो भूतमात्र के प्रति निर्वैर है, वह मुझे प्राप्त होता है।

अरविन्द केजरीवाल इससे पहले भी हिन्दुओं की भावनाएँ भड़काने का काम कर चुके हैं। उन्होंने हनुमानजी को लेकर आपत्तिजनक कार्टून शेयर किया था। साथ ही उन्होंने पवित्र चिह्न स्वस्तिक को लेकर भी आपत्तिजनक चित्र ट्वीट किया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘यहाँ मस्जिद थी, है और रहेगी’: संभल दंगे की न्यायिक जाँच आयोग रिपोर्ट में सपा सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का जिक्र 100+ बार, 199 साक्षियों...

संभल दंगों की न्यायिक जाँच आयोग की रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का 100 बार से भी अधिक बार जिक्र। वो भी सबूतों के साथ।

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।
- विज्ञापन -