Sunday, August 1, 2021
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बलात्कारी भागे तो गोली चलानी पड़ेगी, पशु तस्कर बचे नहीं: असम पुलिस से CM हिमंता बिस्वा सरमा की सीधी बात

"कुछ लोगों ने मुझसे कहा कि आजकल अपराधी पुलिस के चंगुल से भाग रहे हैं और एनकाउंटर की बहुत घटनाएँ हो रही हैं, क्या यह एक पैटर्न बन रहा है? मैंने उनसे कहा, हाँ यह पुलिसिंग पैटर्न होना चाहिए।"

असम में अपराधियों के हालिया एनकाउंटर को लेकर विपक्षी दलों के शोरगुल के बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस संबंध में स्टैंड स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि अपराधी भागने या हथियार छीनने की कोशिश करें तो उनका एनकाउंटर पुलिसिंग पैटर्न होना चाहिए। साथ ही उन्होंने राज्य में पशु तस्करी पर लगाम कसने और इसमें संलिप्त लोगों को नहीं बख्शने के निर्देश भी दिए हैं।

गुवाहाटी में पहली बार आयोजित राज्य के सभी थाना प्रभारी के कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों ने मुझसे कहा कि आजकल अपराधी पुलिस के चंगुल से भाग रहे हैं और एनकाउंटर की बहुत घटनाएँ हो रही हैं, क्या यह एक पैटर्न बन रहा है? मैंने उनसे कहा, हाँ यह पुलिसिंग पैटर्न होना चाहिए।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “बलात्कारी भागे और पुलिस से हथियार छीनने की कोशिश करे तो पुलिस को गोली चलानी पड़ेगी। छाती पर नहीं और कानून पैरों पर गोली मारने की इजाजत देता है। हम असम पुलिस को देश के सर्वश्रेष्ठ पुलिसिंग संगठन में बदलना चाहते हैं।”

सरमा ने कहा कि वे चाहते हैं कि पुलिस पशुओं की तस्करी करने वालों पर अधिक सख्ती दिखाए। पशुओं की तस्करी करने वालों को हर कीमत पर पकड़े। उन्होंने कहा, “गाय हमारी भगवान है। हमें दूध देती है। गोबर देती है। ट्रैक्टर आने से पहले हमने मवेशियों की मदद से खेती की और यह कई हिस्सों में आज भी जारी है। जो पशु और नशीली दवाओं की में शामिल हैं उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए।” उन्होंने पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे जिलों के अधिकारियों से इस मामले में अधिक ध्यान देने को कहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, हिमंता बिस्वा सरमा ने जब से असम के मुख्यमंत्री का कार्यभार सँभाला तब से बलात्कार, पशु तस्करी, नशीली दवाओं की तस्करी के 8 आरोपितों के शरीर पुलिस हिरासत के दौरान गोली के घाव मिले हैं। हालाँकि, इस मामले में पुलिस का कहना है कि इन लोगों ने भागने की कोशिश की थी। बता दें कि भाजपा नेता ने राज्य में ऑर्गनाइज्ड क्राइम के खिलाफ बड़े अभियान का एलान किया है।

सोमवार (5 जून 2021) को सीएम ने कहा, “आज अगर दो अपहरणकर्ता पकड़ लिए जाते हैं और वे हमला करते हैं तो पुलिस के पास गोली चलाने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं रहता है। क्यों ऐसा नहीं करने पर पुलिसकर्मी खुद ही मर जाएगा।”

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में अपराध का मुकाबला कानून से होता है, मुठभेड़ से नहीं। एनकाउंटर तभी होना चाहिए जब दूसरा कोई ऑप्शन न बचे। महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों पर सीएम ने अधिकारियों को जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने को कहा है। साथ ही प्रत्येक पुलिस थाने को सालाना 2.5 लाख रुपए और पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य की जाँच करवाने का एलान भी किया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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