Homeराजनीतिलोगों को न भड़काएँ ओवैसी, मुॅंह बंद रखें इमरान खान: असम के शीर्ष मुस्लिम...

लोगों को न भड़काएँ ओवैसी, मुॅंह बंद रखें इमरान खान: असम के शीर्ष मुस्लिम संगठन ने लगाई फटकार

"इमरान ख़ान को असम के मामले में हस्तक्षेप का कोई अधिकार नहीं है। खान को असम पर बोलने का हक़ नहीं है। उन्हें अपना मुँह बंद रखना चाहिए। हम अपने हिंदू भाइयों के साथ शांति से पीढ़ियों से असम में रह रहे हैं।"

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) पर बयानबाजी को लेकर एआईएमआईएम के अध्यक्ष सांसद असदुद्दीन ओवैसी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को असम के शीर्ष मुस्लिम संगठन ने फटकार लगाई है। इस संगठन से राज्य मूल निवासियों के 21 संगठन संबद्ध है। संगठन ने ओवैसी से गलत सूचना देकर लोगों को भड़काने से बाज आने को कहा है। वहीं, इमरान खान को इस मसले पर अपना मुॅंह बंद रखने की नसीहत दी है।

शीर्ष संस्था के अध्यक्ष सैयद मुमीन-उल-औवाल ने हैदराबाद के सांसद ओवैसी से भी कहा कि वे असम के लोगों को NRC के मुद्दे पर गलत जानकारी देने की कोशिश न करें, जैसा उन्होंने शनिवार (31 अगस्त) को किया था।

सैयद मुमीन-उल-औवाल ने एक बयान में कहा,

“इमरान ख़ान को असम के मामले में हस्तक्षेप का कोई अधिकार नहीं है। खान को असम पर बोलने का हक़ नहीं है। उन्हें अपना मुँह बंद रखना चाहिए। हम अपने हिंदू भाइयों के साथ शांति से पीढ़ियों से असम में रह रहे हैं।”

औवाल ने मीडिया द्वारा ग़लत ख़बरों के प्रचार-प्रसार को भी फ़टकार लगाते हुए कहा उन्हें झूठी ख़बरे नहीं फैलानी चाहिए। उन्होंने कहा, “हमें सरकार पर पूरा भरोसा है और राज्य अब पूरी तरह से शांत है।”

ग़ौरतलब है कि शनिवार को ओवैसी ने कहा था कि उन्हें संदेह है कि नागरिक संशोधन विधेयक के ज़रिए बीजेपी एक बिल ला सकती है, जिसमें वो सभी ग़ैर-मुस्लिमों को नागरिकता देने की कोशिश कर सकती।

उन्होंने कहा था कि असम में कई लोगों ने उन्हें बताया है कि लोगों के माता-पिता के नाम लिस्ट में हैं, लेकिन बच्चों के नाम नहीं हैं। साथ ही कहा था कि अभी तक बीजेपी दावा कर रही थी कि राज्य में 40 लाख से ज्यादा अवैध रूप से रह रहे हैं। लेकिन लिस्ट में सिर्फ 19 लाख लोगों के नाम नहीं हैं। इनमें से करीब 3 लाख लोग ऐसे हैं जो दस्तावेज़ जमा नहीं कर पाए हैं। उनके दस्तावेज़ जमा कर देने के बाद यह आंकड़ा और भी कम हो जाएगा। उन्होंने सवाल किया कि आख़िर 40 लाख लोग कहाँ गए। वहीं, एनआरसी का जिक्र करते हुए इमरान खान ने शनिवार को मोदी सरकार पर मुस्लिमों के सफाये का आरोप लगाया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

किसी को बेल मिली तो घर नहीं जा सका, कोई अब तक जेल में… संसद की सुरक्षा में सेंधमारी को सामान्य बनाना चाह रहे...

हर पीढ़ी में ऐसे युवा होते हैं जो व्यवस्था बदलना चाहते हैं। लेकिन ये भी समझना जरूरी है कि व्यवस्था बदलने और कानून तोड़ने में अंतर होता है।

PM की हत्या की साजिश, संसद में घुसने का प्रयास और पुलिस पर पथराव: Insta रील से इतर समझें ‘कॉकरोचों’ का एजेंडा, कैसे ठगे...

एकतरफा नैरेटिव को ध्वस्त करने वाली CJP प्रदर्शन यह दूसरी तस्वीरें भी दिखें, जिनमें हिंसक भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, 'मोदी-बीजेपी मुर्दाबाद' के नारे लगाकर असल छात्रों को बरगलाया।
- विज्ञापन -