Homeराजनीतिमेक इन इंडिया के तहत ऑटोमेटेड ट्रेन एग्जामिनेशन सिस्टम से रेलयात्रा होगी पहले से...

मेक इन इंडिया के तहत ऑटोमेटेड ट्रेन एग्जामिनेशन सिस्टम से रेलयात्रा होगी पहले से अधिक सुरक्षित

आधुनिक तक़नीक को अपनाते हुए रेल यात्रा को पहले के मुक़ाबले अधिक सुरक्षित बनाया जा रहा है। रेल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कैमरे, सेंसर आदि का इस्तेमाल किया जा रहा है।

भारतीय रेलवे द्वारा रेल यात्रा को सुगम, सरल व सुरक्षित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। आधुनिक तक़नीक को अपनाते हुए रेल यात्रा को पहले के मुक़ाबले अधिक सुरक्षित बनाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक़ रेलवे यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कैमरे, सेंसर आदि का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे रेल दुर्घटनाओं पर लगाम लग सकेगी और साथ ही ट्रैक की निगरानी भी की जा सकेगी।

कोंकण रेलवे द्वारा मेक इन इंडिया के तहत ऑटोमेटेड ट्रेन एग्जामिनेशन सिस्टम तैयार किया गया है। यह एक ऐसा सिस्टम है जो रेल और रेलयात्रियों के लिए सुरक्षा चक्र के रूप में काम करेगा। रेलवे को आधुनिक तक़नीकों से लैस करने संबंधी यह जानकारी केंद्रीय मंत्री पीयुष गोयल के ट्विटर हैंडल से आज ही यानि 17 जनवरी को एक वीडियो के माध्यम से शेयर की गई है।

आमतौर पर देखा गया है कि ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों को सबसे बड़ा ख़तरा सामान के चोरी हो जाने का लगा रहता है। ऐसे में उनकी इस चिंता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ट्रेन में सीसीटीवी जैसी आधुनिक तक़नीक का इस्तेमाल किया है। इससे इस तरह की घटनाओं पर लगाम लग सकेगी और रेलयात्री बेख़ौफ़ होकर यात्रा का आनंद उठा सकेंगे।

रेलवे के सफर को बेहतर बनाने की दिशा में इस तरह की तक़नीक से एक तरफ तो यात्रा के बेहतर परिणाम सामने आएंगे और दूसरी तरफ यात्रियों का सफर भी सुविधाजनक और सुरक्षित बन सकेगा। इसके अलावा रेल मंत्री पीयूष गोयल द्वारा अधिकारियों और जवानों के बेहतर प्रशिक्षण पर भी ज़ोर दिया गया है। उन्होंने रेलवे सुरक्षा के लिए आरपीएफ (रेलवे पुलिस फोर्स) और जीआरपी (गवर्मेंट रेलवे पुलिस) को मिल-जुलकर एक साझा रणनीति बनाने और साथ में मिलकर काम करने पर ज़ोर भी दिया।

इस बेहतर रणनीति और प्रशिक्षण से रेलवे के माहौल को पहले से अधिक चुस्त-दुरुस्त किया जा सकेगा जिसका सीधा संबंध यात्रियों की सुरक्षा से है। बता दें कि सरकार द्वारा उठाए गए इन ठोस और कारगर क़दमों का उद्देश्य यात्रियों की हर समस्या का निदान करना है। सरकार द्वारा ऐसी तक़नीकों के इस्तेमाल से न सिर्फ़ देश प्रगति की राह पर आगे बढ़ेगा बल्कि दुनिया में भी अपनी एक अलग पहचान बनाने में सफल होगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -