Tuesday, July 16, 2024
Homeराजनीतिअवॉर्ड वापसी गैंग है कि मानता नहीं: जनादेश पर उठाए सवाल, चुनाव आयोग को...

अवॉर्ड वापसी गैंग है कि मानता नहीं: जनादेश पर उठाए सवाल, चुनाव आयोग को बताया पक्षपाती

मुख्य चुनाव आयोग को लिखे पत्र में ‘प्रबुद्धजनों’ ने एक विशेष दल को लाभ पहुँचाने के लिए आयोग पर लगाया कायदों से समझौता करने का आरोप

अवॉर्ड वापसी गैंग जिसमें ‘प्रबुद्ध नागरिक’, शिक्षाविद् और सेना तथा प्रशासनिक सेवाओं से रिटायर हुए नौकरशाह शामिल हैं वापस लौट आया है। अबकी बार उन्होंने 2019 लोकसभा चुनाव के नतीजों पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग पर पक्षपाती होने का आरोप मढ़ा है। मुख्य चुनाव आयोग को लिखे इस पत्र पर गैंग के 147 सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। इसमें 2019 के जनादेश को ‘बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा गया है कि कई मसले अभी भी अस्पष्ट हैं।’

पत्र में उन मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया गया है जिनमें चुनाव प्रक्रियाओं में ‘गड़बड़ी’ का दावा किया गया था। कहा गया है कि 2019 का लोकसभा चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के मामले में बीते तीन दशकों में सबसे निचले स्तर पर नजर आता है। ‘प्रबुद्धजनों’ ने इस बात पर जोर दिया है कि जब लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के साथ खिलवाड़ हो रहा था तो चुनाव आयोग मूकदर्शक बना हुआ था और यह अब भी जारी है।

https://drive.google.com/file/d/1y4yKGwoxi_BndxAsQzV5CF3KJcbWbkQK/view

पत्र में चुनाव आयोग पर ‘एक विशेष दल’ के प्रति वफादार होने का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि नरेंद्र मोदी और भाजपा को फायदा पहुँचाने के लिए कायदों से समझौता किया गया। इसके समर्थन में उन मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया गया है जिनमें दावा किया गया था कि ‘कुछ खास अल्पसंख्यक समुदाय’ के मतदाताओं को अलग-थलग छोड़ दिया गया है। दिलचस्प है कि कॉन्ग्रेस ने भी मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। आयोग ने जाँच के बाद कॉन्ग्रेस के दावों को सत्यता से परे बताया था।

दिलचस्प संयोग यह भी है यह पत्र राहुल गाँधी की उसी भावना को परिलक्षित करता है जो उन्होंने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा देते हुए सोशल मीडिया में शेयर किया था। इसमें उन्होंने 2019 लोकसभा चुनाव की निष्पक्षता पर संदेह जताया था।

राहुल गाँधी ने कहा था कि 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान कॉन्ग्रेस का मुकाबला एक राजनीतिक दल से नहीं था, बल्कि वह पूरी सरकारी मशीनरी से लड़ रही थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि सभी सरकारी संस्थानों को विपक्षी दलों की घेरेबंदी में लगा दिया गया था। उन्होंने यहाँ तक कहा था कि संवैधानिक संस्थाएं अब तटस्थ नहीं हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जिस भोजशाला को मुस्लिम कहते हैं कमाल मौलाना मस्जिद, वह मंदिर ही है: ASI ने हाई कोर्ट को बताया- मंदिरों के हिस्से पर बने...

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को सौंपी गई रिपोर्ट में ASI ने कहा है कि भोजशाला का वर्तमान परिसर यहाँ पहले मौजूद मंदिर के अवशेषों से बनाया गया था।

भारतवंशी पत्नी, हिंदू पंडित ने करवाई शादी: कौन हैं JD वेंस जिन्हें डोनाल्ड ट्रम्प ने चुना अपना उपराष्ट्रपति उम्मीदवार, हमले के बाद पूर्व अमेरिकी...

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को रिपब्लिकन पार्टी के नेशनल कंवेंशन में राष्ट्रपति और सीनेटर JD वेंस को उपराष्ट्रपति उम्मीदवार चुना है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -