बंगाल दुर्गा पूजा समितियों को IT नोटिस: ‘महत्वपूर्ण पदों पर बैठे TMC नेता खपाते हैं चिट-फंड घोटाले का पैसा’

इस बीच राहुल सिन्हा ने ममता बनर्जी के विरोध को घड़ियाली आँसू बताते हुए उन्हें उस समय की याद दिलाई जब उन्होंने मुहर्रम के लिए दुर्गा पूजा को रोकने की कोशिश की थी।

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा समितियों को इनकम टैक्स नोटिस को लेकर बंगाल भाजपा और तृणमूल कॉन्ग्रेस आमने-सामने हैं। एक तरफ़ राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन नोटिसों के खिलाफ पार्टी के धरने पर बैठने का ऐलान किया है, दूसरी ओर भाजपा की राज्य इकाई ने तृणमूल नेताओं पर पूजा समितियों में चिट-फंड घोटाले का लूटा हुआ पैसा छिपाने का आरोप लगाया है। बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि यह सर्वविदित है कि चिट फंड का पैसा अकसर पूजा समितियों में घुमाया जाता है

‘पब्लिक का पैसा’

दिलीप घोष ने समितियों के पैसे को पब्लिक से चंदे द्वारा लिया पैसा बताते हुए उसका हिसाब दिए जाने की ज़रूरत बताई। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि चिट फंड में लूटे गए लाखों रुपए भी ऐसे ही काले से सफेद किए जाते हैं। मालूम हो कि आयकर विभाग (IT विभाग) ने दुर्गा पूजा समितियों को नोटिस भेज कर टैक्स देने के लिए कहा है।

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने भी आरोप लगाया कि ममता बनर्जी आयकर विभाग की कार्रवाई का विरोध केवल भ्रष्ट तृणमूल नेताओं को बचाने के लिए कर रहीं हैं। उन्होंने भी चिट फंड और कट मनी की मनी लॉन्डरिंग का आरोप दोहराया। साथ ही कहा कि कई पूजा समितियों में तृणमूल नेता महत्वपूर्ण पदों पर होते हैं। तृणमूल को डर है कि यह गठजोड़ जनता के आगे खुल जाएगा

‘स्थानीय संगठनों को गुलाम बनाना चाहते हैं’

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वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह दुर्गा पूजा समितियों जैसे स्थानीय संगठनों को भाजपा के लिए काम करने पर मजबूर करना चाहती है, इसीलिए उन्हें दबाने की कोशिश हो रही है

उन्होंने ट्विटर पर अपनी नाराज़गी जताते हुए कहा कि उनकी सरकार किसी भी पूजा पर टैक्स का बोझ नहीं चाहती। इसीलिए उनकी सरकार ने गंगा सागर मेला पर लगाया हुआ टैक्स भी हटा लिया था। उन्होंने अपनी माँग पूरी करवाने के लिए 13 अगस्त (आज) को धरने की भी घोषणा की।

‘मुहर्रम के समय दुर्गा पूजा याद नहीं आई?’

इस बीच राहुल सिन्हा ने ममता बनर्जी के विरोध को घड़ियाली आँसू बताते हुए उन्हें उस समय की याद दिलाई जब उन्होंने मुहर्रम के लिए दुर्गा पूजा को रोकने की कोशिश की थी। गौरतलब है कि 2017 में जब मुहर्रम और दुर्गा पूजा की तिथियों में टकराव हुआ था तो ममता सरकार ने दुर्गा मूर्ति विसर्जन के समय पर पाबंदियाँ लगा दी थीं।

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