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बंगाल पर राष्ट्रपति शासन का खतरा: गृह मंत्रालय ने माँगी 24 परगना की हिंसा पर ममता सरकार से रिपोर्ट

राज्यपाल और पीएम मोदी की आगामी मुलाकात उत्तरी 24 परगना के संदेशखली में भड़की हिंसा के बाद होना इस बात का संकेत है कि बंगाल पर राष्ट्रपति शासन के बादल मंडराने लगे हैं।

लोकसभा चुनाव नतीजे आने के बाद से पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में राजनीतिक हिंसा का दौर जारी है। उत्तर 24 परगना के बशीरहाट संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत संदेशखाली में शनिवार (जून 08, 2019) को तृणमूल और भाजपा के बीच हुए संघर्ष में 6 लोगों के मारे जाने की घटना को लेकर राज्य का राजनीतिक पारा काफी चढ़ा हुआ है। हिंसा के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार से तथ्यात्मक रिपोर्ट देने के अलावा सरकार के लिए एक निर्देशिका भी जारी कर दी है। हिंसा के बीच पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी सोमवार (जून 10, 2019) को नई दिल्ली जा रहे हैं। इस क्रम में उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होने वाली है।

‘चुनाव के बाद हिंसा राज्य सरकार की विफलता का परिचय’

गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया कि लोकसभा चुनाव के बाद भी हिंसा राज्य सरकार की नाकामी को बताती है।
पश्चिम बंगाल सरकार को दिए परामर्श में गृह मंत्रालय ने उनसे कानून व्यवस्था, शांति और सार्वजनिक अमन बनाए रखने को कहा। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से राज्य सरकार से पूरे मामले पर रिपोर्ट तलब भी किया गया है।

परामर्श में कहा गया है कि पिछले कुछ सप्ताहों में जारी हिंसा राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने और जनता में विश्वास कायम करने में राज्य के कानून प्रवर्तन तंत्र की नाकामी लगती है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार ने आम चुनाव के बाद भी पश्चिम बंगाल में जारी हिंसा पर गहरी चिंता प्रकट की।

परामर्श के अनुसार यह सुनिश्चित करने की पुरजोर सलाह दी गई है कि कानून व्यवस्था, शांति और सार्वजनिक अमन चैन बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएँ। इसमें अपनी जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

हाल ही में पश्चिम बंगाल के 24 परगना में टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। मामले की जाँच कर रही पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला पार्टी के झंडे को उतारने से शुरू हुआ था। वहीं एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “2 बीजेपी समर्थक बालूशंखली में मारे गए और एक टीएमसी समर्थक की भी हत्या हुई है।”

यदि ग्रामीणों की मानें तो कुछ लोग अभी भी लापता हैं। पुलिस ने लापता लोगों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया है। इस मामले पर 9 जून को पश्चिम बंगाल बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने कहा, “सांसदों की एक टीम संदेशखली का दौरा करेगी और गृह मंत्री को एक रिपोर्ट भेजेगी, हम इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे।”

राज्यपाल और पीएम मोदी की आगामी मुलाकात उत्तरी 24 परगना के संदेशखली में भड़की हिंसा के बाद होना इस बात का संकेत है कि बंगाल पर राष्ट्रपति शासन के बादल मंडराने लगे हैं। राज्यपाल त्रिपाठी इससे पहले कई बार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पंचायत चुनाव में भड़की हिंसा को लेकर सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जता चुके हैं। अब तक वर्तमान हिंसा पर उन्होंने कोई बयान नहीं दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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